साइट ऑफिस में सेल्स वाले भैया ने ब्रोशर पलटा और पीछे एक ही नंबर लिखा: ₹22,000। "ये आपकी EMI है सर। किराये से भी कम।" राजकोट में अकाउंट्स की नौकरी करने वाले 31 साल के कुणाल और स्कूल में पढ़ाने वाली उनकी पत्नी हेतल अभी-अभी रिंग रोड की तरफ ₹36 लाख का एक 2BHK देखकर आए थे। उन्हें ₹30 लाख का होम लोन चाहिए था, जिंदगी का पहला। ₹22,000 तो आसान लगा।
नंबर गलत नहीं है। ₹30 लाख पर 8% से 30 साल की EMI इतनी ही बनती है। पर ब्रोशर में ये नहीं लिखा था कि उन 30 सालों में ब्याज ₹49.25 लाख भरना पड़ेगा, यानी फ्लैट की कीमत से भी ज्यादा। यही लोन 15 साल का करें तो ₹28,670 महीना और ब्याज ₹21.61 लाख। इस लेख में ₹30 लाख के लोन को उसी तरह देखते हैं जैसे टियर-2 शहर में पहली बार घर लेने वाले के सामने ये आता है: हर अवधि की EMI, हर एक के लिए कितनी सैलरी चाहिए, किस तरह के फ्लैट पर बैंक कितना देगा, और साल में एक दिवाली बोनस पूरे लोन में क्या फर्क डालता है।
₹30 लाख की EMI: 10, 15, 20, 25 और 30 साल
नीचे के सारे आंकड़े 8% सालाना पर हैं। अक्टूबर 2026 की स्थिति में अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए प्लानिंग का ये ठीक रेट है (रेट की बात आगे)। आंकड़े होम लोन EMI कैलकुलेटर से हैं:
| अवधि | महीने की EMI | कुल ब्याज | कुल चुकाएंगे |
|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹36,398 | ₹13.68 लाख | ₹43.68 लाख |
| 15 साल | ₹28,670 | ₹21.61 लाख | ₹51.61 लाख |
| 20 साल | ₹25,093 | ₹30.22 लाख | ₹60.22 लाख |
| 25 साल | ₹23,154 | ₹39.46 लाख | ₹69.46 लाख |
| 30 साल | ₹22,013 | ₹49.25 लाख | ₹79.25 लाख |
EMI वाला कॉलम ऊपर से नीचे पढ़िए, गिरावट जल्दी धीमी पड़ जाती है। 10 से 15 साल करने पर EMI ₹7,728 महीना घटती है। 25 से 30 साल करने पर सिर्फ ₹1,141। ब्याज वाला कॉलम उल्टा चलता है: हर पांच साल जोड़ने पर ₹8 से ₹10 लाख बढ़ता ही जाता है।
यानी ब्रोशर वाले ₹22,000 कुणाल को 20 साल के लोन के मुकाबले ₹3,080 महीना बचाते हैं, पर ब्याज ₹19 लाख ज्यादा लेते हैं। 20 साल में बैंक का पैसा करीब डबल हो जाता है: ₹30 लाख लीजिए और ₹60.22 लाख लौटाइए।
हर अवधि के लिए कितनी सैलरी चाहिए
इन सबसे पहले बैंक देखता है कि आपकी इनकम EMI उठा पाएगी या नहीं। नई EMI समेत आपकी सारी EMI जोड़कर इन-हैंड सैलरी से मिलाता है। इसे FOIR (fixed obligations to income ratio) कहते हैं। कई बैंक नौकरीपेशा लोगों के लिए 50% तक मानते हैं, ज्यादा इनकम पर थोड़ा और। पर ज्यादातर परिवारों के लिए 40% ज्यादा आराम का है।
| अवधि | EMI | 50% पर जरूरी सैलरी | EMI 40% रखने के लिए सैलरी |
|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹36,398 | करीब ₹72,800 | करीब ₹91,000 |
| 15 साल | ₹28,670 | करीब ₹57,300 | करीब ₹71,700 |
| 20 साल | ₹25,093 | करीब ₹50,200 | करीब ₹62,700 |
| 25 साल | ₹23,154 | करीब ₹46,300 | करीब ₹57,900 |
| 30 साल | ₹22,013 | करीब ₹44,000 | करीब ₹55,000 |
इसमें कोई और लोन नहीं गिना है। कुणाल की इन-हैंड सैलरी ₹48,000 है और बाइक की ₹4,000 महीने की किस्त चल रही है। अकेले उनकी सैलरी पर, 8% और 50% FOIR पर, होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर बताता है कि 20 साल के लिए करीब ₹23.91 लाख मिलेगा, और 30 साल करने पर भी सिर्फ ₹27.26 लाख तक पहुंचते हैं। बाइक का लोन पहले खत्म कर दें तो 20 साल में ₹28.69 लाख और 25 साल में ₹31.10 लाख।
हेतल को को-एप्लिकेंट बनाते ही तस्वीर बदल जाती है। उनकी ₹22,000 की सैलरी जोड़कर घर की इनकम ₹70,000 महीना हो जाती है। बाइक की EMI चालू रहते हुए भी बैंक अब EMI के लिए ₹31,000 महीना मानता है, जिसमें 15 साल के लिए ₹32.44 लाख या 20 साल के लिए ₹37.06 लाख मिल जाता है। तो सवाल अब ये नहीं कि ₹30 लाख मिलेगा या नहीं, सवाल ये है कि अवधि कौन सी लें। आप भी इसी हालत में हैं तो कितनी EMI अफोर्ड कर सकते हैं वाले लेख में 40% के नियम की पूरी बात है, और आने वाला लेख ₹50,000 सैलरी पर होम लोन इनकम से शुरू करके हिसाब लगाएगा।
कौन सा रेट मानें, अक्टूबर 2026 की स्थिति में
7 अक्टूबर 2026 को RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% किया और अपना रुख "calibrated tightening" कर दिया। बैंकों के फ्लोटिंग रेट होम लोन ज्यादातर रेपो रेट से जुड़े होते हैं, तो कुछ ही दिनों में बैंकों ने भी रेट बढ़ा दिए।
पॉलिसी वाले दिन, बढ़ोतरी लागू होने से पहले, बारह बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के शुरुआती रेट 7% से 7.35% थे। अगले दो दिनों में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और कई दूसरे बैंकों ने रेपो से जुड़े रेट 0.25% बढ़ा दिए। SBI के अपने रेट पेज पर अब होम लोन 7.50% सालाना से शुरू, 15 अक्टूबर 2026 से लागू दिखता है। प्राइवेट बैंकों में Axis Bank के होम लोन रेट पेज पर रेट 8.20% से शुरू लिखे हैं।
तो अक्टूबर 2026 के बीच में बड़े लेंडर्स के शुरुआती रेट मोटे तौर पर 7.25% से 8.25% के बीच हैं। "शुरुआती" यानी सबसे अच्छा क्रेडिट स्कोर, और कई बार उसी बैंक में सैलरी अकाउंट। इसलिए यहां 8% को बेस रखा है और आसपास के रेट भी देखे हैं:
| रेट | EMI (₹30 लाख, 20 साल) | कुल ब्याज |
|---|---|---|
| 7.5% | ₹24,168 | ₹28.00 लाख |
| 8% | ₹25,093 | ₹30.22 लाख |
| 8.5% | ₹26,035 | ₹32.48 लाख |
| 9% | ₹26,992 | ₹34.78 लाख |
हर 0.5% का मतलब करीब ₹950 महीना और 20 साल में ₹2 लाख से थोड़ा ज्यादा। इसलिए एक शाम फोन करने में लगाना बनता है। कम से कम तीन बैंकों से अपने असली क्रेडिट स्कोर पर रेट पूछिए, और रेपो के ऊपर का स्प्रेड मिलाइए, क्योंकि आपकी क्रेडिट प्रोफाइल में बड़ा बदलाव न हो तो वो हिस्सा आमतौर पर पूरे लोन में वही रहता है।
पांच साल बाद: लोन अभी कितना बाकी
EMI वाली टेबल एक बात छिपा लेती है। शुरुआती सालों में हर EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है, और लंबे लोन में तो लगभग पूरा। 20 साल के लोन में पहली 12 EMI मिलाकर ₹3.01 लाख बनती हैं, जिसमें से ₹2.38 लाख ब्याज है और सिर्फ ₹63,410 लोन से कम होते हैं।
अब देखिए, 8% पर ₹30 लाख पर पांच साल नियमित EMI भरने के बाद कितना बाकी रहता है:
| अवधि | 5 साल में भरी EMI | 5 साल बाद बाकी लोन |
|---|---|---|
| 10 साल | ₹21.84 लाख | ₹17.95 लाख |
| 15 साल | ₹17.20 लाख | ₹23.63 लाख |
| 20 साल | ₹15.06 लाख | ₹26.26 लाख |
| 25 साल | ₹13.89 लाख | ₹27.68 लाख |
| 30 साल | ₹13.21 लाख | ₹28.52 लाख |
30 साल के लोन में पांच साल और ₹13.21 लाख भरने के बाद भी ₹30 लाख में से ₹1.5 लाख भी कम नहीं हुए। छोटे शहरों में पहला घर लेने वालों के लिए ये बहुत मायने रखता है, क्योंकि प्लान बदलते हैं। अहमदाबाद या पुणे ट्रांसफर, दूसरा बच्चा आने पर बड़ा फ्लैट, या वापस पुश्तैनी घर जाना। पांचवें साल में बेचें तो बैंक पहले अपना बकाया लेता है, और लंबे लोन में वो लगभग पूरी उधार ली हुई रकम जितना होता है।
₹30 लाख RBI के नियम में एक लाइन क्यों है
घर की कीमत का कितना हिस्सा बैंक लोन में दे सकता है, इसकी RBI ने सीमा रखी है, जिसे loan-to-value या LTV कहते हैं। RBI के कमर्शियल बैंक (क्रेडिट फैसिलिटीज) डायरेक्शंस, 2025 के मुताबिक ₹30 लाख तक का लोन प्रॉपर्टी की कीमत के 90% तक जा सकता है। ₹30 लाख से ऊपर और ₹75 लाख तक के लोन पर 80% की सीमा है। स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री और डॉक्यूमेंटेशन चार्ज इस हिसाब में प्रॉपर्टी की कीमत में नहीं गिने जाते।
तो ₹30 लाख ठीक किनारे पर आता है, और इससे एक दिलचस्प नतीजा निकलता है। करीब ₹33.3 लाख से ₹37.5 लाख तक की कीमत वाले किसी भी फ्लैट पर बैंक ज्यादा से ज्यादा ₹30 लाख ही दे सकता है। ₹33.3 लाख का 90% यानी ₹30 लाख। ₹37.5 लाख का 80% भी ₹30 लाख। बीच वाले फ्लैट पर ₹30 लाख से एक रुपया भी ज्यादा मांगें तो 80% वाले स्लैब में चले जाते हैं, और लोन बड़ा नहीं, छोटा मिलता है। बैंक इन सीमाओं से कम लोन भी दे सकता है, और वो आपकी एग्रीमेंट कीमत नहीं, अपने वैल्यूएशन पर चलता है।
कुणाल और हेतल के ₹36 लाख के फ्लैट पर ₹30 लाख का लोन कीमत का करीब 83% है, तो चल जाता है। पजेशन से पहले हाथ में कितना कैश चाहिए, 5% स्टांप ड्यूटी मानकर (हर राज्य में अलग होती है, तो अपने राज्य के रजिस्ट्रेशन विभाग से चेक कीजिए):
| खर्च | रकम |
|---|---|
| अपना पैसा (₹36 लाख में से ₹30 लाख का लोन घटाकर) | ₹6,00,000 |
| स्टांप ड्यूटी (5%, माना हुआ) | ₹1,80,000 |
| रजिस्ट्री (1%) | ₹36,000 |
| प्रोसेसिंग फीस (लोन का 0.5% + 18% GST) | ₹17,700 |
| जरूरी कैश, करीब | ₹8.34 लाख |
ऊपर से लीगल और वैल्यूएशन फीस, सोसाइटी या मेंटेनेंस डिपॉजिट, सामान शिफ्ट करने का खर्च, और पर्दे, गैस कनेक्शन जैसी जरूरी चीजें। ₹9 से ₹10 लाख तैयार रखना ज्यादा सही है। निर्माणाधीन फ्लैट पर GST भी लगता है, तो आपके फ्लैट पर कौन सा रेट लगेगा ये बिल्डर से पूछ लीजिए।
PMAY सब्सिडी, और ₹30 लाख का लोन इससे क्यों छूट जाता है
टियर-2 शहरों में पहली बार घर लेने वाले बहुत लोग सरकार की ब्याज सब्सिडी के बारे में पूछते हैं। PMAY-अर्बन 2.0 की इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम में ₹9 लाख सालाना तक की घरेलू आय वाले परिवार को लोन के पहले ₹8 लाख पर 12 साल तक 4% सब्सिडी मिल सकती है। सब्सिडी ज्यादा से ज्यादा ₹1.80 लाख है और पांच सालाना किस्तों में मिलती है। पर इस लेख के लिए असली बात ये है कि लोन ₹25 लाख तक और प्रॉपर्टी ₹35 लाख तक की होनी चाहिए, कार्पेट एरिया 120 वर्ग मीटर तक, और लोन 1 सितंबर 2024 या उसके बाद मंजूर हुआ हो।
₹30 लाख का लोन सीमा से ऊपर है, और ₹36 लाख का फ्लैट भी। आपकी आय ₹9 लाख के अंदर है और ₹35 लाख या कम में ऐसा घर मिलता है जिसमें ₹25 लाख का लोन चाहिए, तो स्कीम लागू हो सकती है। ₹25 लाख का होम लोन 8% पर 20 साल के लिए ₹20,911 महीना पड़ता है। कुछ भी साइन करने से पहले अपने बैंक से पूछिए कि वो PMAY की अर्जी ले रहा है या नहीं और कौन से कागज चाहिए।
₹30 लाख के लोन में पार्ट पेमेंट से क्या होता है
₹30 लाख के लोन में असली मजा यहीं है, क्योंकि जो रकम सच में फर्क डालती है वो आम नौकरीपेशा परिवार भी निकाल सकता है। दिवाली बोनस, इंक्रीमेंट का एरियर, मैच्योर होती RD। RBI के प्रीपेमेंट चार्ज पर 2025 के निर्देश के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से मंजूर लोन में कोई व्यक्ति फ्लोटिंग रेट होम लोन प्रीपे करे तो बैंक कोई फीस नहीं ले सकता, बिना किसी लॉक-इन के। पुराने फ्लोटिंग रेट होम लोन पर भी व्यक्तियों से ऐसा चार्ज RBI के पहले के निर्देशों के तहत पहले से बंद था।
8% का 20 साल का लोन लीजिए, EMI ₹25,093, हर साल के आखिर में पार्ट पेमेंट और EMI वही:
| हर साल पार्ट पेमेंट | लोन खत्म होगा | ब्याज की बचत |
|---|---|---|
| कुछ नहीं | 20 साल | शून्य |
| ₹25,000 (करीब एक एक्स्ट्रा EMI) | 16 साल 11 महीने | ₹5.45 लाख |
| ₹50,000 | 14 साल 8 महीने | ₹9.07 लाख |
| ₹1 लाख | 11 साल 10 महीने | ₹13.65 लाख |
हर साल ₹50,000, 14 बार भरिए, तो ₹9.07 लाख बचते हैं। कुणाल और हेतल अपनी पसंद की 20 साल वाली EMI लेकर भी 15 साल के अंदर लोन खत्म कर सकते हैं।
एक बार का पेमेंट भी काम आता है। दो साल बाद एक बार ₹1 लाख भरें तो लोन 15 महीने पहले खत्म होता है और करीब ₹3 लाख ब्याज बचता है। इसकी जगह बैंक से EMI घटाने को कहें तो वही ₹1 लाख EMI सिर्फ ₹875 घटाकर ₹24,218 करता है और बचत करीब ₹89,000। EMI वही रखकर अवधि घटाने में तीन गुना से ज्यादा बचत है। दोनों के फायदे-नुकसान EMI घटाएं या अवधि वाले लेख में हैं, और अपनी रकम होम लोन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर पर आजमाइए।
रेट फिर बढ़े तो सबसे ज्यादा असर 30 साल के लोन पर
रेपो रेट बढ़ने पर बैंक EMI बढ़ा सकता है, या EMI वही रखकर आखिर में महीने जोड़ सकता है। RBI के फ्लोटिंग रेट EMI लोन रीसेट के नियम कहते हैं कि बैंक को आपको बताना होगा और चुनने का मौका देना होगा। कई बैंक डिफॉल्ट में अवधि बढ़ा देते हैं।
मान लीजिए नए ₹30 लाख के लोन का रेट शुरुआत में ही 7.75% से 8% हो जाता है। पूरे लोन में हर रास्ता कितने का पड़ता है, ये देखिए। अवधि वाले आंकड़े पुरानी EMI से 8% पर बकाया शून्य होने तक चलाकर निकाले हैं:
| अवधि | EMI बढ़ाएं | या EMI वही, लोन इतना लंबा | ज्यादा ब्याज: EMI वाला रास्ता बनाम अवधि वाला |
|---|---|---|---|
| 10 साल | +₹395 | 3 महीने | ₹47,000 बनाम ₹73,000 |
| 20 साल | +₹465 | 12 महीने | ₹1.12 लाख बनाम ₹2.85 लाख |
| 30 साल | +₹521 | करीब 3 साल 6 महीने | ₹1.87 लाख बनाम ₹8.90 लाख |
30 साल के लोन में शुरुआती सालों में EMI मुश्किल से ब्याज जितनी होती है, इसलिए छोटी सी बढ़ोतरी भी आखिरी तारीख को सालों आगे धकेल देती है। लंबी अवधि बैंक की उम्र सीमा पार कर जाए तो मानकर चलिए कि EMI ही बढ़ेगी। जो भी हो, रेट बढ़ने की खबर सुनें तो अगले स्टेटमेंट में बची EMI की गिनती देखिए, और जेब इजाजत दे तो EMI बढ़वाइए। ज्यादा जानकारी रेपो रेट बदलने से EMI कैसे बदलती है वाले लेख में।
₹20, ₹25, ₹30 या ₹40 लाख: EMI साथ-साथ
ज्यादातर खरीदार एक ही नंबर पर अटके नहीं होते। छोटा फ्लैट, माता-पिता से बड़ा डाउन पेमेंट, या फ्लैट की जगह प्लॉट, इनसे लोन ऊपर-नीचे होता है। 8% पर 20 साल के लिए ऐसे बदलता है:
| लोन | EMI | कुल ब्याज | 50% पर जरूरी सैलरी |
|---|---|---|---|
| ₹20 लाख | ₹16,729 | ₹20.15 लाख | करीब ₹33,500 |
| ₹25 लाख | ₹20,911 | ₹25.19 लाख | करीब ₹41,800 |
| ₹30 लाख | ₹25,093 | ₹30.22 लाख | करीब ₹50,200 |
| ₹40 लाख | ₹33,458 | ₹40.30 लाख | करीब ₹66,900 |
लोन में हर ₹5 लाख जोड़ने पर EMI करीब ₹4,180 बढ़ती है और 20 साल में ब्याज करीब ₹5 लाख बढ़ता है। उल्टा कहें तो शुरुआत में ₹5 लाख ज्यादा अपनी जेब से लगाइए, कुल चुकाने की रकम करीब ₹10 लाख घट जाती है। बड़े बजट के लिए ₹50 लाख के होम लोन की EMI वाले लेख में मेट्रो शहरों की कीमतें ध्यान में रखकर यही हिसाब है।
तो पहली बार घर लेने वाला कौन सी अवधि चुने?
एक ही सही जवाब नहीं है, पर ऊपर के आंकड़े विकल्प कम कर देते हैं:
- घर की इन-हैंड इनकम ₹75,000 से ज्यादा और कोई और लोन नहीं: 15 साल। EMI सैलरी के 40% के अंदर रहती है और 20 साल के मुकाबले करीब ₹8.6 लाख ब्याज बचता है।
- इन-हैंड ₹60,000 से ₹75,000, कुणाल-हेतल जैसे: 20 साल, और हर साल करीब ₹50,000 प्रीपे। तंग महीनों के बिना 15 साल के लोन जैसा काम करता है।
- मुश्किल से एलिजिबल, या करियर की शुरुआत: 25 साल से लोन मंजूर हो सकता है। इसे बफर मानिए, प्लान नहीं, और हर इंक्रीमेंट के बाद EMI बढ़ाइए।
- 30 साल: सिर्फ तब जब और किसी तरह लोन न मिले। फिर सालाना पार्ट पेमेंट मर्जी की बात नहीं रहती, वही ₹49 लाख के ब्याज को सच होने से रोकता है।
लंबी अवधि टैक्स छूट से सस्ती पड़ेगी, ये उम्मीद भी मत रखिए। ज्यादातर नौकरीपेशा लोग अब जो नई टैक्स रिजीम इस्तेमाल करते हैं, उसमें जिस घर में आप खुद रहते हैं उसके लोन के ब्याज पर कोई छूट नहीं है। पुरानी रिजीम की छूट नई और पुरानी रिजीम में होम लोन टैक्स बेनिफिट वाले लेख में है, और अवधि पर ज्यादा बात होम लोन 20 या 30 साल वाले लेख में।
एक हफ्ते बाद कुणाल और हेतल फिर साइट ऑफिस गए। उन्होंने 30 नहीं, 20 साल मांगे, और सैंक्शन लेटर में लिखवाया कि रेट बदले तो अवधि नहीं, EMI बढ़ाई जाए। पीछे ₹22,000 लिखा वो ब्रोशर अब उनके फ्रिज पर चिपका है, साथ में एक पर्ची: "हर दिवाली ₹50,000"।
लोग अक्सर पूछते हैं
₹30 लाख के होम लोन की 20 साल की EMI कितनी होगी?
8% सालाना पर ₹25,093 महीना, और 20 साल में कुल ब्याज करीब ₹30.22 लाख। 7.5% पर EMI ₹24,168 और 9% पर ₹26,992 बनती है। 10 साल के लिए ₹36,398, 15 साल के लिए ₹28,670, 25 साल के लिए ₹23,154 और 30 साल के लिए ₹22,013।
₹30 लाख के होम लोन के लिए कितनी सैलरी चाहिए?
अगर बैंक इन-हैंड सैलरी के 50% तक EMI मानता है, तो 8% पर 20 साल के लोन के लिए करीब ₹50,200 महीना, 15 साल के लिए ₹57,300 और 30 साल के लिए ₹44,000 चाहिए, बशर्ते कोई और लोन न हो। EMI को आराम वाले 40% पर रखना हो तो 20 साल के लिए करीब ₹62,700 चाहिए। नौकरी करने वाले जीवनसाथी को को-एप्लिकेंट बनाएं तो उनकी इनकम भी जुड़ जाती है।
₹30 लाख के होम लोन के लिए डाउन पेमेंट कितना चाहिए?
RBI के नियम से ₹30 लाख तक का लोन प्रॉपर्टी की कीमत का 90% तक मिल सकता है, यानी फ्लैट कम से कम करीब ₹33.3 लाख का होना चाहिए। ₹36 लाख के फ्लैट में ₹6 लाख आपके, ऊपर से स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्री और प्रोसेसिंग फीस, तो 5% स्टांप ड्यूटी मानें तो कुल करीब ₹8.3 लाख। बैंक अपने वैल्यूएशन से चलता है और कम लोन भी दे सकता है।
क्या ₹30 लाख के होम लोन पर PMAY की ब्याज सब्सिडी मिलेगी?
नहीं। PMAY-अर्बन 2.0 की इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम में ₹35 लाख तक के घर पर ₹25 लाख तक का लोन आता है, और परिवार की आय सालाना ₹9 लाख तक होनी चाहिए। इन सीमाओं में लोन के पहले ₹8 लाख पर 4% सब्सिडी मिलती है, ज्यादा से ज्यादा ₹1.80 लाख, पांच सालाना किस्तों में।
₹30 लाख के लोन में हर साल पार्ट पेमेंट करने से कितना ब्याज बचता है?
8% पर 20 साल के लोन में EMI ₹25,093 ही रखें तो हर साल ₹25,000 जमा करने से लोन 16 साल 11 महीने में खत्म होता है और ₹5.45 लाख बचते हैं। हर साल ₹50,000 से 14 साल 8 महीने और ₹9.07 लाख की बचत। हर साल ₹1 लाख से 11 साल 10 महीने और ₹13.65 लाख की बचत। व्यक्ति के फ्लोटिंग रेट होम लोन पर बैंक प्रीपेमेंट चार्ज नहीं ले सकता।
₹30 लाख का होम लोन 15, 20 या 30 साल का लें?
₹28,670 की EMI इन-हैंड सैलरी के करीब 40% से कम रहे तो 15 साल। ज्यादातर पहली बार घर खरीदने वालों के लिए 20 साल और हर साल पार्ट पेमेंट। 30 साल में EMI ₹22,013 होती है पर 20 साल के मुकाबले ₹19 लाख ज्यादा ब्याज, तो तभी लें जब और किसी तरह लोन मंजूर न हो, और जब हो सके प्रीपे करें।
यह लेख आम जानकारी के लिए है, निवेश या टैक्स की सलाह के तौर पर नहीं। रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला लेने से पहले लेटेस्ट चेक कर लीजिए। कुछ पुराना लगे तो हमें बताइए। एडिटोरियल पॉलिसी · संपर्क