आज ₹1 लाख का खर्च, 10 साल बाद ₹1,79,085
सोचिए, आपके घर में आज ₹1 लाख में क्या-क्या आता है: राशन, बच्चों के जूते, डॉक्टर के दो-तीन चक्कर। दाम हर साल 6% बढ़ें, तो यही चीजें 10 साल बाद ₹1,79,085 में आएंगी। यानी बिल्कुल उन्हीं चीजों के लिए ₹79,085 ज्यादा।
कैलकुलेटर उल्टा हिसाब भी करता है। मान लीजिए किसी से आपको दस साल बाद ₹1 लाख मिलने हैं। 6% महंगाई में उस पैसे से उतना ही आएगा, जितना आज ₹55,839 में आता है। रुपये उतने ही, पर उनसे करीब 44% कम खरीदा जा सकेगा।
फॉर्मूला और 12 साल का नियम
महंगाई भी ब्याज की तरह कंपाउंड होती है। हर साल की बढ़त पिछले साल के बढ़े हुए दाम पर लगती है।
भविष्य का खर्च = आज का खर्च × (1 + महंगाई ÷ 100) ^ साल
आज की कीमत = भविष्य की रकम ÷ (1 + महंगाई ÷ 100) ^ साल
6% पर 1.06 की 10 की घात लें (दस बार 1.06 को आपस में गुणा करें) तो 1.79 आता है, वहीं से ₹1,79,085 निकलता है। 5 साल में ही ₹1 लाख का वो खर्च ₹1,33,823 हो जाता है।
जल्दी अंदाजा लगाना हो तो 72 को महंगाई दर से भाग दें। 72 ÷ 6 = 12, यानी दाम करीब हर 12 साल में डबल हो जाते हैं। कैलकुलेटर का सटीक जवाब है 142.7 महीने, यानी 11 साल 11 महीने।
दिलीप भाई का महीने का बजट, 15 साल बाद
मान लीजिए जूनागढ़ के दिलीप भाई 45 साल के हैं और 60 पर काम छोड़ने की सोच रहे हैं। आज उनका घर महीने के ₹35,000 में चलता है: राशन, बिजली का बिल, मां की दवाइयां, स्कूटर का पेट्रोल।
कैलकुलेटर में ₹35,000, 6% और 15 साल डालें तो जवाब आता है महीने के ₹83,880। उसी रहन-सहन के लिए आज से 139.7% ज्यादा। तो दिलीप भाई जब रिटायरमेंट की बचत का हिसाब लगाएं, तो शुरुआत महीने के ₹83,880 से करनी होगी, ₹35,000 से नहीं। आगे का हिसाब रिटायरमेंट कैलकुलेटर कर देता है।
भारत में महंगाई असल में कितनी रही
RBI का काम खुदरा महंगाई (CPI) को 4% पर, 2 से 6% के दायरे में रखना है। अक्टूबर 2026 की स्थिति में ये टारगेट मार्च 2031 तक तय है। मार्च 2026 में इसका रिव्यू हुआ, तब इसे बिना बदलाव के जारी रखा गया।
असल आंकड़े ऊपर-नीचे होते रहते हैं। RBI के मुताबिक 2016 के आखिर से 2025 के मध्य तक CPI महंगाई औसतन करीब 4.9% सालाना रही, जबकि उससे पहले के सालों में 6.8%। 2024-25 में ये 4.6% थी और 2025-26 में सिर्फ 2.1%।
तो कैलकुलेटर 6% से क्यों शुरू होता है? लंबे गोल के लिए थोड़ा ऊंचा रेट लेना ज्यादा सुरक्षित अंदाजा है। ऊपर से परिवार जिन चीजों के लिए बचत करते हैं, जैसे स्कूल-कॉलेज की फीस या अस्पताल के बिल, वो अक्सर औसत महंगाई से तेज बढ़ते हैं। ये सेवाएं टीचर, डॉक्टर और नर्स की सैलरी पर चलती हैं, और जरूरत पड़ने पर इनका सस्ता विकल्प मुश्किल से मिलता है। गोल ज्यादातर फीस या इलाज का है, तो 8% या 10% भी डालकर देखें। 10% पर ₹1 लाख 10 साल में ₹2,59,374 हो जाता है, जबकि 6% पर ₹1,79,085।
ऐसे गोल के लिए गोल SIP कैलकुलेटर में अब महंगाई का अलग खाना है। आज की फीस डालें, वो भविष्य की रकम के हिसाब से महीने की SIP निकाल देगा।
क्या आपकी FD महंगाई के साथ चल रही है?
“सुरक्षित” रिटर्न भी चुपचाप अपनी कीमत खो सकता है, और इसकी वजह महंगाई है। 7% की FD लीजिए। 30% टैक्स स्लैब में करीब 2.1% टैक्स में चला जाता है और हाथ में 4.9% बचता है (सेस जोड़ें तो थोड़ा कम)। महंगाई 6% हो, तो बैलेंस बढ़ता दिखेगा, पर उससे हर साल थोड़ा कम खरीदा जा सकेगा।
नीचे के स्लैब में हों, या महंगाई RBI के 4% टारगेट के आसपास रहे, तो वही FD आगे रह सकती है। सही तुलना टैक्स के बाद के रिटर्न और महंगाई के बीच होती है, बैंक के बोर्ड पर लिखी दर से नहीं। दिलीप भाई की बचत टैक्स के बाद 4.9% से बढ़े और उनका ₹35,000 का बजट ₹83,880 की तरफ जाए, तो ये फर्क उनके प्लान में गिनना होगा। किसी भी डिपॉजिट का असली ब्याज FD कैलकुलेटर में देखें।
लोग अक्सर पूछते हैं
महंगाई के बाद पैसे की भविष्य की कीमत कैसे निकालें?
आज के खर्च को (1 + महंगाई ÷ 100) से, जितने साल उतनी बार गुणा करें। 6% पर 10 साल में ₹1 लाख के ₹1,79,085 हो जाते हैं। उल्टा हिसाब करना हो तो भाग दें: 10 साल बाद मिलने वाले ₹1 लाख की आज के रुपयों में कीमत करीब ₹55,839 है।
20 साल बाद ₹1 लाख की कीमत कितनी होगी?
6% महंगाई पर 20 साल बाद मिलने वाले ₹1 लाख से उतना ही आएगा, जितना आज करीब ₹31,180 में आता है। दूसरी तरह देखें तो आज ₹1 लाख की चीज तब करीब ₹3,20,714 की होगी। दूसरी दर के लिए कैलकुलेटर में महंगाई बदलकर देखें।
पिछले 10 साल में भारत में महंगाई कितनी रही?
RBI के मुताबिक 2016 के आखिर से 2025 के मध्य तक खुदरा महंगाई (CPI) औसतन करीब 4.9% सालाना रही, जबकि उससे पहले 6.8%। 2024-25 में ये 4.6% और 2025-26 में 2.1% थी (RBI सालाना रिपोर्ट, मई 2026)। साल दर साल ये काफी बदलती है, इसलिए लंबे गोल के लिए कैलकुलेटर थोड़ा ऊंचा 6% लेकर शुरू होता है।
RBI का महंगाई टारगेट कितना है?
CPI महंगाई 4%, और 2% से 6% का दायरा। अक्टूबर 2026 की स्थिति में ये टारगेट अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक का है, मार्च 2026 के रिव्यू में इसे बिना बदलाव के रखा गया। ये टारगेट है, इसलिए किसी साल असली महंगाई इससे ऊपर या नीचे रह सकती है।
क्या FD महंगाई को मात देती है?
FD की टैक्स के बाद वाली दर की तुलना महंगाई से करें। 30% स्लैब में 7% की FD से हाथ में करीब 4.9% बचता है (सेस के साथ थोड़ा कम), जो 6% महंगाई से नीचे है, यानी खरीदने की ताकत धीरे-धीरे घटती है। नीचे के स्लैब में, या महंगाई 4% के आसपास हो तो, वही FD आगे रह सकती है।
कैलकुलेटर की जिम्मेदारी: मनोज. आखिरी बार चेक किया: 21-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क