शेयर एवरेज कैलकुलेटर

दो या तीन बार में खरीदे शेयर का एवरेज भाव जानें, और देखें कि आखिरी भाव पर और शेयर लेने से एवरेज कितना बदलता है।

शेयर

या अभी आपके पास जितने शेयर हैं।

₹

या ब्रोकर अभी जो एवरेज भाव दिखाता है।

शेयर

₹

शेयर

सिर्फ दो बार खरीदा है तो 0 रहने दें।

₹

₹

आज का मुनाफा या नुकसान देखने के लिए। 0 रखें तो आखिरी खरीद का भाव लिया जाएगा।

एक शेयर का एवरेज भाव

₹466.67

  • पहली खरीद 71.4%
  • दूसरी खरीद 28.6%
कुल शेयर
150
कुल निवेश
₹70,000
पहले भाव से बदलाव
-6.67%
₹400 के भाव पर वैल्यू
₹60,000
उस भाव पर मुनाफा या नुकसान
-₹10,000
  • ब्रोकरेज, STT और बाकी चार्ज इसमें शामिल नहीं हैं। इनकी वजह से आपके ब्रोकर का एवरेज कुछ पैसे अलग आ सकता है।
  • बोनस शेयर: इन्हें ₹0 की खरीद की तरह डालें। स्प्लिट के बाद शेयर को स्प्लिट के अनुपात से गुणा करें और भाव को उससे भाग दें।
  • कम भाव पर और शेयर लेने से एवरेज नीचे आता है, पर एक ही कंपनी में आपका और ज्यादा पैसा लग जाता है।

आखिरी भाव पर और शेयर लें तो

एक्स्ट्रा शेयरचुकाया भावनया एवरेजकुल निवेश
0₹400.00₹466.67₹70,000
38₹400.00₹453.19₹85,200
75₹400.00₹444.44₹1,00,000
150₹400.00₹433.33₹1,30,000
300₹400.00₹422.22₹1,90,000
450₹400.00₹416.67₹2,50,000

₹500 पर 100 शेयर, फिर ₹400 पर 50

रोहन ने एक कंपनी के 100 शेयर ₹500 के भाव पर खरीदे। कुछ महीने बाद भाव ₹400 हो गया, तो उसने 50 शेयर और ले लिए। अब ब्रोकर ऐप में उसका एवरेज भाव ₹466.67 दिख रहा है। ये आंकड़ा आया कहां से, और ₹450 क्यों नहीं?

पहली खरीद में ₹50,000 लगे और दूसरी में ₹20,000। यानी 150 शेयर के लिए कुल ₹70,000, मतलब एक शेयर के ₹466.67। ₹500 और ₹400 का सीधा एवरेज ₹450 होता है, पर ₹500 पर उसने दोगुने शेयर लिए हैं, इसलिए एवरेज उस भाव की तरफ ज्यादा खिंचता है।

₹400 के भाव पर उसके 150 शेयर की वैल्यू ₹60,000 है। यानी अभी ₹10,000 का नुकसान है, और सिर्फ लगाया पैसा वापस पाने के लिए भी भाव को फिर ₹466.67 तक जाना होगा।

फॉर्मूला

एवरेज भाव यानी कुल चुकाया पैसा भाग कुल शेयर:

एवरेज = (q1 × p1 + q2 × p2 + q3 × p3) ÷ (q1 + q2 + q3)

यहां q है हर खरीद के शेयर, और p है एक शेयर का भाव। तीन से ज्यादा बार खरीदा है, तो अभी आपके पास जितने शेयर हैं और ब्रोकर जो एवरेज दिखाता है, उसे पहली खरीद में डालें, फिर नई खरीद जोड़ें।

एवरेज डाउन करना, और उसका दूसरा पहलू

कम भाव पर और शेयर लें तो एवरेज नीचे आता है। एवरेज डाउन का मतलब बस इतना ही है। रोहन ₹400 पर और शेयर ले तो उसका एवरेज कितना होगा, ये कैलकुलेटर की टेबल में दिखता है:

₹400 पर एक्स्ट्रा शेयरनया एवरेजकुल निवेश
0₹466.67₹70,000
75₹444.44₹1,00,000
150₹433.33₹1,30,000
450₹416.67₹2,50,000

150 शेयर और लेने पर भाव को ₹400 से सिर्फ 8.33% बढ़ना है एवरेज तक पहुंचने के लिए। पहले 16.67% बढ़ना पड़ता।

दूसरी तरफ, एक ही कंपनी में उसका पैसा ₹70,000 से बढ़कर ₹1,30,000 हो जाता है। अब भाव ₹1 गिरे तो ₹150 की जगह ₹300 का नुकसान। कम भाव सस्ता सौदा भी हो सकता है, और बिजनेस में किसी गड़बड़ का इशारा भी। एवरेज से ये पता नहीं चलता। भाव और गिर सकता है और वापस आएगा ही, इसकी कोई गारंटी नहीं, इसलिए कई निवेशक पहले से तय रखते हैं कि एक कंपनी में ज्यादा से ज्यादा कितना पैसा लगाना है। ये पेज सिर्फ हिसाब करता है, फैसला आपका।

बोनस शेयर और स्प्लिट

बोनस में कंपनी मुफ्त शेयर देती है। आपकी कुल लागत उतनी ही रहती है और शेयर बढ़ जाते हैं, तो एवरेज घटता है। मान लीजिए आपके पास ₹500 पर लिए 100 शेयर हैं और कंपनी 1:1 बोनस देती है। 100 बोनस शेयर को ₹0 की खरीद की तरह डालें, एवरेज ₹250 आएगा।

स्प्लिट में भी आखिर में यही होता है। एक शेयर के पांच बनें, तो शेयर को 5 से गुणा करें और भाव को 5 से भाग दें। ₹500 के 100 शेयर ₹100 के 500 शेयर बन जाते हैं, कुल फिर भी ₹50,000। इन दोनों से आप अपने आप अमीर नहीं होते, क्योंकि बाजार का भाव भी उसी अनुपात में घट जाता है।

ब्रोकर का एवरेज थोड़ा अलग क्यों आता है

ये कैलकुलेटर सिर्फ शेयर का भाव गिनता है। ब्रोकरेज, STT, स्टांप ड्यूटी, एक्सचेंज चार्ज और GST इसमें नहीं हैं। कुछ ब्रोकर ये चार्ज एवरेज में जोड़ देते हैं, इसलिए उनका आंकड़ा कुछ पैसे ज्यादा आ सकता है।

टैक्स में एवरेज भाव नहीं गिना जाता। डीमैट खाते में जो शेयर पहले खरीदे, वो पहले बिके माने जाते हैं (first in, first out)। हर खरीद का अपना भाव और अपने 12 महीने गिने जाते हैं। 12 महीने के अंदर बेचें तो मुनाफे पर 20% और 4% सेस लगता है। 12 महीने के बाद साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के मुनाफे पर 12.5% और सेस।

तय तारीख पर थोड़ा थोड़ा खरीदना, यही SIP का आइडिया है। IPO में शेयर मिले हैं, तो IPO लिस्टिंग गेन कैलकुलेटर लिस्टिंग के दिन का मुनाफा या नुकसान बताता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

शेयर का एवरेज भाव कैसे निकालें?

हर खरीद के शेयर को उसके भाव से गुणा करें, सब जोड़ें, और कुल शेयर से भाग दें। ₹500 पर 100 शेयर और ₹400 पर 50 शेयर में 150 शेयर के ₹70,000 लगे, तो एवरेज ₹466.67 है। दोनों भाव का सीधा एवरेज ₹450 होता है, पर वो सही जवाब नहीं है।

शेयर में एवरेज डाउन का मतलब क्या है?

जो शेयर आपके पास पहले से है, उसे अपने एवरेज से कम भाव पर और खरीदना, ताकि एवरेज नीचे आए। ₹466.67 एवरेज वाले 150 शेयर में ₹400 पर 150 और जोड़ें तो नया एवरेज ₹433.33 होगा। पर एक ही कंपनी में आपका पैसा ₹70,000 से ₹1,30,000 हो जाता है, इसलिए भाव और गिरा तो नुकसान दोगुना होगा।

बोनस शेयर से एवरेज भाव कितना बदलता है?

आपकी कुल लागत उतनी ही रहती है पर शेयर बढ़ जाते हैं, इसलिए एवरेज घटता है। 1:1 बोनस में ₹500 पर लिए 100 शेयर ₹250 एवरेज वाले 200 शेयर बन जाते हैं। इस कैलकुलेटर में बोनस शेयर को ₹0 की खरीद की तरह डालें।

ब्रोकर ऐप में एवरेज भाव अलग क्यों दिखता है?

ये कैलकुलेटर सिर्फ शेयर का भाव गिनता है, ब्रोकरेज, STT, स्टांप ड्यूटी, एक्सचेंज चार्ज और GST नहीं। कुछ ब्रोकर ये चार्ज एवरेज में जोड़ देते हैं, इसलिए उनका आंकड़ा कुछ पैसे ज्यादा आ सकता है। स्प्लिट या बोनस अलग तरह से डाला हो तो भी फर्क आता है।

क्या कैपिटल गेन टैक्स एवरेज भाव पर लगता है?

नहीं। डीमैट खाते में जो शेयर पहले खरीदे, वो पहले बिके माने जाते हैं (first in, first out), इसलिए हर खरीद का अपना भाव और अपने 12 महीने गिने जाते हैं। 12 महीने के अंदर बेचे शेयर के मुनाफे पर 20% और 4% सेस लगता है। 12 महीने के बाद साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के मुनाफे पर 12.5% और सेस लगता है।

कैलकुलेटर की जिम्मेदारी: मनोज. आखिरी बार चेक किया: 21-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क

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