₹10 लाख CTC का मतलब ₹83,333 महीना क्यों नहीं
प्रिया के ऑफर लेटर में ₹10 लाख CTC लिखा है। 12 से भाग दें तो ₹83,333 बनते हैं, पर खाते में सैलरी करीब ₹77,133 ही आएगी। CTC यानी कंपनी साल भर में आप पर कुल कितना खर्च करती है, और इसका कुछ हिस्सा आपके खाते तक पहुंचता ही नहीं।
इन-हैंड = CTC − कंपनी का PF − ग्रेच्युटी − आपका PF − प्रोफेशनल टैक्स − इनकम टैक्स
कैलकुलेटर मानकर चलता है कि बेसिक सैलरी + DA, CTC का आधा है, PF ₹25,000 तक की सैलरी पर कटता है, प्रोफेशनल टैक्स ₹200 महीना है और FY 2026-27 की नई रिजीम लागू है। महीने का हिसाब ऐसा बनता है:
| हर महीने | ₹10 लाख CTC | ₹20 लाख CTC |
|---|---|---|
| CTC | ₹83,333 | ₹1,66,667 |
| बेसिक सैलरी + DA | ₹41,667 | ₹83,333 |
| घटाएं: कंपनी का PF | ₹3,000 | ₹3,000 |
| ग्रॉस सैलरी | ₹80,333 | ₹1,63,667 |
| घटाएं: आपका PF | ₹3,000 | ₹3,000 |
| घटाएं: प्रोफेशनल टैक्स | ₹200 | ₹200 |
| घटाएं: इनकम टैक्स (TDS) | शून्य | ₹15,409 |
| इन-हैंड सैलरी | ₹77,133 | ₹1,45,058 |
₹10 लाख पर ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने के बाद टैक्सेबल इनकम ₹8,89,000 बचती है। ये ₹12 लाख से कम है, इसलिए रिबेट से पूरा टैक्स माफ हो जाता है। ₹20 लाख पर टैक्सेबल इनकम ₹18,89,000 और टैक्स ₹1,84,910 सालाना बनता है।
PF कैप हो तो हाथ में ज्यादा आता है
PF बेसिक का 12% होता है। कुछ कंपनियां इसे पूरी बेसिक पर काटती हैं, तो कुछ ₹25,000 की वेज सीलिंग तक की सैलरी पर ही। ₹20 लाख CTC पर पूरी बेसिक वाला PF यानी ₹10,000 महीना आपका और ₹10,000 कंपनी का, जबकि कैप होने पर दोनों के ₹3,000। दोनों CTC में से ही जाते हैं, इसलिए इन-हैंड घटकर ₹1,32,513 रह जाता है, करीब ₹12,544 कम। पैसा कहीं नहीं जाता, PF में जमा होता है। ये कितना बनेगा, EPF कैलकुलेटर में देखें।
नई रिजीम या पुरानी
टैक्स हमारे इनकम टैक्स कैलकुलेटर वाले स्लैब से ही निकलता है। ₹20 लाख पर कोई डिडक्शन न हो तो पुरानी रिजीम में ₹32,516 महीना TDS कटता है, नई में ₹15,409। 80C में पूरे ₹1.5 लाख और HRA छूट समेत ₹3 लाख की दूसरी कटौतियां हों, तब भी पुरानी रिजीम में हाथ में ₹1,38,715 महीना आता है, जो नई रिजीम से कम है।
प्रोफेशनल टैक्स, बोनस और 50% बेसिक का नियम
जो राज्य प्रोफेशनल टैक्स लेते हैं, उनमें से ज्यादातर ₹200 महीना लेते हैं। दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ये नहीं लगता, वहां 0 रखें। इसकी छूट सिर्फ पुरानी रिजीम में मिलती है।
बोनस और वेरिएबल पे को CTC में न जोड़ें, क्योंकि ये तय नहीं होते और हर महीने नहीं मिलते। लेबर कोड के हिसाब से बेसिक सैलरी + DA आमतौर पर सैलरी का कम से कम आधा होना चाहिए, इसलिए कैलकुलेटर 50% से शुरू होता है। आपका असली हिस्सा ऑफर लेटर में लिखा होगा।
लोग अक्सर पूछते हैं
CTC से इन-हैंड सैलरी कैसे निकालें?
CTC में से कंपनी का PF, और अगर CTC में ग्रेच्युटी जुड़ी है तो वो भी, घटा दें। ये ग्रॉस सैलरी है। अब इसमें से आपका PF, प्रोफेशनल टैक्स और इनकम टैक्स (TDS) घटाएं। जो बचे, उसे 12 से भाग दें, यही महीने की इन-हैंड सैलरी है।
₹10 लाख CTC पर इन-हैंड सैलरी कितनी होगी?
नई रिजीम में करीब ₹77,133 महीना, अगर बेसिक CTC का आधा हो, PF ₹25,000 तक की सैलरी पर कटे और प्रोफेशनल टैक्स ₹200 हो। टैक्सेबल इनकम ₹8,89,000 बनती है, इसलिए रिबेट से टैक्स शून्य। PF पूरी बेसिक पर कटे तो ₹73,133 रह जाती है।
पूरी बेसिक पर PF कटे तो इन-हैंड क्यों घटती है?
₹10 लाख CTC पर ₹41,667 बेसिक का 12% यानी ₹5,000, जबकि ₹25,000 की वेज सीलिंग पर कैप हो तो ₹3,000। कंपनी का हिस्सा भी CTC में से ही जाता है, इसलिए हाथ में ₹4,000 महीना कम आता है। ये पैसा आपके PF में जमा होता है।
किस टैक्स रिजीम में हाथ में ज्यादा सैलरी आती है?
ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए नई रिजीम में। ₹20 लाख CTC पर इसमें ₹1,45,058 महीना हाथ में आता है। पुरानी रिजीम में 80C के पूरे ₹1.5 लाख और HRA छूट समेत ₹3 लाख की दूसरी कटौतियों के बाद भी ₹1,38,715 आता है। अपनी कटौतियां डालकर मिलान करें।
क्या इन-हैंड सैलरी में बोनस जुड़ता है?
नहीं। बोनस और वेरिएबल पे हर साल बदलते हैं और हर महीने नहीं मिलते, इसलिए कैलकुलेटर इन्हें, रीइंबर्समेंट और कंपनी के NPS के साथ, नहीं गिनता। इनके बिना वाला CTC डालें और बोनस आए तो उसे अलग से एक्स्ट्रा मानें।
कैलकुलेटर की जिम्मेदारी: मनोज. आखिरी बार चेक किया: 19-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क