20 गुना सब्सक्राइब मतलब करीब 20 में 1 चांस
रोहन ने एक IPO में एक लॉट के लिए अप्लाई किया। आखिरी दिन रिटेल हिस्सा 20 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। अब उसे शेयर मिलने का चांस कितना है?
करीब 5%, यानी 20 में 1। हर 100 रिटेल एप्लिकेशन में से लगभग 5 को लॉट लगता है, बाकी 95 का पैसा बस अनब्लॉक हो जाता है। तो ऐसे दो-चार IPO में कुछ न लगे, तो ये आम बात है।
20 में 1 आया कहां से
रिटेल हिस्सा ओवरसब्सक्राइब हो, तो शेयर अनुपात में नहीं बंटते। रजिस्ट्रार देखता है कि कुल कितने मिनिमम लॉट हैं, और कंप्यूटराइज्ड लॉटरी से उतनी एप्लिकेशन चुनता है। जिसका नाम निकले, उसे एक लॉट मिलता है।
मान लीजिए रिटेल हिस्से में 1,00,000 लॉट हैं। 20 गुना सब्सक्रिप्शन मतलब 20,00,000 लॉट की बिड आई। हर एप्लिकेशन एक लॉट की हो, तो 1,00,000 लॉट के लिए 20,00,000 एप्लिकेशन, यानी 20 में 1।
एक एप्लिकेशन का चांस = औसतन एक एप्लिकेशन में लॉट ÷ कितने गुना सब्सक्राइब हुआ
सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा शेयर गिनता है, लोग नहीं। औसत एप्लिकेशन 1.3 लॉट की हो, तो उतने ही लॉट के लिए सिर्फ 15,38,000 के आसपास एप्लिकेशन होंगी, और चांस बढ़कर 6.5% हो जाएगा। ये औसत पहले से किसी को पता नहीं होता, इसलिए कैलकुलेटर 1 लॉट से शुरू करता है, जो सबसे कम अंदाजा है। असली चांस अक्सर थोड़ा ज्यादा होता है।
ज्यादा लॉट, चांस उतना ही
रिटेल लॉटरी में पूरे ₹2 लाख की एप्लिकेशन से चांस नहीं बढ़ता। आपकी एप्लिकेशन एक ही टिकट है, चाहे वो 1 लॉट की हो या ज्यादा से ज्यादा लॉट की। नाम निकला तो एक लॉट मिलेगा, और बाकी पैसा अनब्लॉक हो जाएगा।
अपवाद बस एक है। IPO मुश्किल से ओवरसब्सक्राइब हुआ हो, हर एप्लिकेशन को एक लॉट मिल जाए और फिर भी शेयर बचें, तो वो बचे शेयर अप्लाई किए लॉट के हिसाब से बंटते हैं।
परिवार वालों के PAN से एप्लिकेशन
एक PAN पर एक ही एप्लिकेशन गिनी जाती है। पर आपकी पत्नी या पापा अपने PAN से अप्लाई करें, तो वो अलग ड्रॉ है। आप में से कम से कम एक को लॉट लगने का चांस:
कम से कम एक लॉट = 1 − (1 − p) ^ n
यहां p मतलब एक एप्लिकेशन का चांस (20 गुना पर 5%), और n मतलब कितने PAN।
| PAN | कम से कम एक लॉट लगने का चांस | परिवार को औसतन कितने लॉट |
|---|---|---|
| 1 | 5% | 0.05 |
| 2 | 9.75% | 0.1 |
| 3 | 14.26% | 0.15 |
| 5 | 22.62% | 0.25 |
PAN जितने बढ़ते हैं, चांस उससे थोड़ा धीमे बढ़ता है, क्योंकि हो सकता है दोनों में से किसी को न लगे। 5 PAN हों तब भी चांस 4 में 1 से कम है, और 50% पार करने के लिए 14 एप्लिकेशन चाहिए।
ये सिर्फ गणित है, सिस्टम को हराने का कोई तरीका नहीं। हर एप्लिकेशन असली, अलग व्यक्ति की होनी चाहिए, जिसका अपना PAN, डीमैट अकाउंट और बैंक अकाउंट या UPI हो। एक ही PAN पर दो एप्लिकेशन हों, तो दोनों रिजेक्ट हो सकती हैं।
सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा कहां देखें
NSE और BSE की वेबसाइट पर हर चालू IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस कैटेगरी के हिसाब से दिखता है। उसमें रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर (RII) वाली लाइन देखें, कुल आंकड़ा नहीं। आखिरी दिन बंद होने के समय का आंकड़ा लें, क्योंकि तब तक ये अक्सर बढ़ता ही रहता है।
इश्यू बंद होने के अगले वर्किंग डे रजिस्ट्रार बेसिस ऑफ अलॉटमेंट तय करता है, और इश्यू बंद होने के तीसरे वर्किंग डे शेयर लिस्ट होते हैं (T+3)। लिस्टिंग का भाव कभी तय नहीं होता। लिस्टिंग भाव पर टैक्स के बाद आपको क्या मिलेगा, ये IPO लिस्टिंग गेन कैलकुलेटर में देखें, और बाद में और शेयर लें तो नया औसत भाव शेयर एवरेज कैलकुलेटर निकाल देगा।
लोग अक्सर पूछते हैं
रिटेल निवेशकों को IPO के शेयर कैसे मिलते हैं?
रिटेल हिस्सा पूरा सब्सक्राइब न हो, तो हर सही एप्लिकेशन को जितने शेयर मांगे उतने मिलते हैं। ओवरसब्सक्राइब हो, तो रजिस्ट्रार कंप्यूटराइज्ड लॉटरी से एप्लिकेशन चुनता है, और जिसका नाम निकले उसे एक मिनिमम लॉट मिलता है। यानी 20 गुना सब्सक्रिप्शन पर करीब 20 में से 1 एप्लिकेशन को लॉट लगता है।
क्या ज्यादा लॉट भरने से IPO अलॉटमेंट का चांस बढ़ता है?
नहीं, रिटेल लॉटरी में नहीं। पूरे ₹2 लाख की एप्लिकेशन भी एक ही टिकट है, और नाम निकला तो बाकी सबकी तरह एक ही लॉट मिलेगा। अपवाद सिर्फ तब है, जब IPO मुश्किल से ओवरसब्सक्राइब हुआ हो और सबको एक लॉट देने के बाद भी शेयर बचें।
IPO में शेयर लगने का चांस कैसे बढ़ाएं?
आपकी एक एप्लिकेशन का चांस इस पर तय होता है कि रिटेल हिस्सा कितने गुना सब्सक्राइब हुआ, इसे कोई नहीं बदल सकता। फर्क सिर्फ अलग एप्लिकेशन की गिनती से पड़ता है। परिवार वाले अपने PAN, डीमैट और बैंक अकाउंट से अप्लाई करें, तो हर एक अलग ड्रॉ है। 20 गुना पर 3 PAN से कम से कम एक लॉट लगने का चांस करीब 14.26% होता है।
क्या पत्नी या मम्मी-पापा के अकाउंट से IPO भर सकते हैं?
वो अपने लिए, अपने PAN, अपने डीमैट अकाउंट और अपने बैंक अकाउंट या UPI से अप्लाई कर सकते हैं। एक PAN पर एक ही एप्लिकेशन गिनी जाती है, और एक PAN पर दो एप्लिकेशन हों तो दोनों रिजेक्ट हो सकती हैं। हर एप्लिकेशन असली, अलग व्यक्ति की होनी चाहिए।
IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस कहां देखें?
NSE और BSE की वेबसाइट पर हर चालू IPO का सब्सक्रिप्शन कैटेगरी के हिसाब से दिखता है। रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर (RII) वाली लाइन देखें और आखिरी दिन बंद होने के समय का आंकड़ा लें। इश्यू बंद होने के अगले वर्किंग डे रजिस्ट्रार बेसिस ऑफ अलॉटमेंट तय करता है, और इश्यू बंद होने के तीसरे वर्किंग डे शेयर लिस्ट होते हैं (T+3)।
कैलकुलेटर की जिम्मेदारी: मनोज. आखिरी बार चेक किया: 21-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क