लोन लेने से पहले EMI देख लें
लोन की रकम, सालाना ब्याज दर और लोन कितने साल का है, ये डालें। आपको हर महीने की EMI, कुल कितना ब्याज जाएगा और साल-दर-साल का पूरा शेड्यूल दिख जाएगा। शेड्यूल से पता चलता है कि आपकी किस्त का कितना हिस्सा ब्याज में जा रहा है और कितना असल लोन (मूलधन) चुकाने में।
₹10 लाख का लोन 9% ब्याज पर 5 साल के लिए लें, तो EMI बनेगी करीब ₹20,758 और इन 5 सालों में कुल ₹2.46 लाख सिर्फ ब्याज में जाएंगे।
EMI बनती कैसे है
EMI = P × r × (1 + r)n ÷ ((1 + r)n − 1)
- P = लोन की रकम
- r = महीने की ब्याज दर, यानी सालाना दर ÷ 12 ÷ 100
- n = कुल कितनी किस्तें (EMI)
हर महीने जितना लोन बाकी है, उस पर ब्याज लगता है। EMI में से ब्याज कटने के बाद जो बचता है, उससे बकाया लोन कम होता है। इसीलिए शुरू की EMI में ज्यादातर पैसा ब्याज में जाता है और आखिरी सालों में ज्यादातर मूलधन में।
ब्याज कम कैसे चुकाएं
- अवधि छोटी रखें, अगर EMI आपके बजट में बैठ रही हो।
- प्रीपेमेंट करें जब बोनस या कहीं से एक्स्ट्रा पैसा आए। आम लोगों (इंडिविजुअल) के फ्लोटिंग रेट लोन पर प्रीपेमेंट की कोई पेनल्टी नहीं लगती।
- रेट पर मोलभाव करें। क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो बैंक से बात करें, या लोन किसी सस्ते लेंडर के पास ट्रांसफर करा लें।
- हर इंक्रीमेंट पर EMI थोड़ी बढ़ा दें। सैलरी के साथ किस्त भी बढ़ती रहे तो लोन जल्दी खत्म होता है।
अलग-अलग लोन के लिए अलग कैलकुलेटर भी हैं, जिनमें उस लोन की आम ब्याज दरें और लिमिट पहले से सेट हैं: होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन।
लोग अक्सर पूछते हैं
EMI कैसे निकाली जाती है?
EMI = P × r × (1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1)। P यानी लोन की रकम, r यानी महीने की ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n यानी कुल कितनी किस्तें।
शुरू की EMI में ज्यादातर पैसा ब्याज में क्यों जाता है?
ब्याज बकाया रकम पर लगता है, और शुरू में बकाया सबसे ज्यादा होता है। जैसे-जैसे लोन चुकता होता है, हर EMI में ब्याज का हिस्सा घटता जाता है और मूलधन का हिस्सा बढ़ता जाता है।
लोन लंबा लें तो सस्ता पड़ता है क्या?
नहीं। लंबी अवधि में EMI कम हो जाती है, पर कुल ब्याज बढ़ जाता है। सबसे छोटी अवधि लें जिसकी EMI आप आराम से भर सकें।
लोन का प्रीपेमेंट करना फायदेमंद है?
हां। पार्ट-प्रीपेमेंट से बकाया मूलधन घटता है, तो ब्याज कम देना पड़ता है। और अगर फ्लोटिंग रेट वाला लोन आपने अपने नाम (व्यक्तिगत तौर पर) लिया है, तो बैंक प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं ले सकता।
आखिरी बार चेक किया: 13-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क