निवेश

₹10 लाख लमसम: 5, 10, 15 और 20 साल में कितना बनता है (lumpsum investment calculator)

₹10 लाख की एक रकम 7%, 10% और 12% पर 5 से 20 साल बिना छुए: साल-दर-साल का रास्ता, कब डबल होती है, महंगाई और टैक्स इसमें से क्या बचने देते हैं, और अचानक आए पैसे की तीन गलतियां।

वुडकट में कटे लट्ठे का सिरा, पेड़ के छल्लों पर 5 साल ₹17.6 लाख, 10 साल ₹31.1 लाख, 15 साल ₹54.7 लाख और 20 साल ₹96.5 लाख लिखा, बीच में ₹10 लाख
एक बार लगाए ₹10 लाख, सालाना 12% मानकर, टैक्स और महंगाई से पहले। 7% पर 20 साल में ₹38.7 लाख।

मेहुल के पापा इस अगस्त में वडोदरा में बैंक से रिटायर हुए। ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट एक साथ खाते में आए, मम्मी-पापा ने अपने लिए जितना चाहिए उतना रखा, और ₹10 लाख मेहुल के खाते में आ गए, साथ में एक ही हिदायत: "ठीक से लगाना। पड़े न रहें।" मेहुल 34 साल का है, उसके हाथ में कभी एक साथ ₹2 लाख से ज्यादा नहीं आए, और तीन हफ्ते से ये पैसा सेविंग्स में 2.5% पर पड़ा है। वो सब कुछ पढ़ रहा है और कुछ नहीं कर रहा।

ये पोस्ट उसी घड़ी के लिए है। कौन सा प्रोडक्ट लें ये नहीं, बल्कि ₹10 लाख की एक रकम तीन ईमानदार रेट पर वक्त के साथ क्या करती है: 7% (जो सेफ डिपॉजिट देती है), 10% और 12% (जो इक्विटी फंड के लिए आमतौर पर मान लिया जाता है, बिना किसी वादे के)। 5, 10, 15 और 20 साल के लिए, साल-दर-साल का रास्ता, महंगाई इसमें से क्या बचने देती है, टैक्स क्या ले जाता है, और अचानक आए पैसे के साथ लोग जो तीन गलतियां करते हैं। हर आंकड़ा इस साइट के lumpsum investment calculator से है, तो आप रकम बदलकर अपना हिसाब लगा सकते हैं।

लमसम का मतलब: एक रकम, एक बार लगाई हुई

लमसम (lump sum) यानी एक ही दिन, एक साथ लगाया पैसा, जिसके बाद उसमें कुछ नहीं जोड़ा। हिंदी में एक-मुश्त रकम, गुजराती में एक-साथे रोकाण। SIP इसका उल्टा है: हर महीने तय रकम। लमसम का हिसाब फाइनेंस में सबसे सीधा है। रकम साल के रेट से बढ़ती है, फिर बढ़ी हुई रकम दोबारा बढ़ती है, और ऐसे ही चलता रहता है। यही "दोबारा बढ़ना" कंपाउंडिंग है, और 20 साल में लगभग सारा काम यही करता है।

नतीजा तीन चीजों पर टिका है: रकम, रेट और साल। पहली मेहुल बदल नहीं सकता। रेट इस पर निर्भर है कि पैसा कहां रखा, और साथ में जोखिम लाता है। साल ही एक चीज है जो पूरी तरह उसके हाथ में है, और नीचे की टेबल दिखाती हैं कि ये लोगों की सोच से कहीं ज्यादा मायने रखते हैं।

लमसम, SIP और STP शुरू से, ₹2 लाख के 10 साल के उदाहरण के साथ, लमसम क्या है में समझाए गए हैं।

₹10 लाख 7%, 10% और 12% पर, 5 से 20 साल

सालाना कंपाउंडिंग, कुछ जोड़ा नहीं, कुछ निकाला नहीं, टैक्स और महंगाई से पहले। 7% वो है जो आज पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट या NSC लगभग देते हैं (अक्टूबर–दिसंबर 2026 के लिए पोस्ट ऑफिस 3 साल की डिपॉजिट 7.1%, NSC 7.7%, सरकार की तिमाही रेट घोषणा के मुताबिक)। बड़े बैंक की FD थोड़ी कम: SBI का कार्ड रेट अक्टूबर 2026 में 1–3 साल के लिए 6.25% से 6.40% और 5–10 साल के लिए 6.05% है। 10% और 12% इक्विटी फंड के लिए मान्यताएं हैं, वादे नहीं।

कितने साल बाद7% पर10% पर12% पर (मानकर)
5 साल₹14,02,552₹16,10,510₹17,62,342
10 साल₹19,67,151₹25,93,742₹31,05,848
15 साल₹27,59,032₹41,77,248₹54,73,566
20 साल₹38,69,684₹67,27,500₹96,46,293

पहले आड़ा पढ़िए। 5 साल पर तीनों कॉलम ₹14 लाख, ₹16 लाख और ₹17.6 लाख हैं। सेफ और इक्विटी के बीच फर्क ₹3.6 लाख, असली पैसा पर जिंदगी बदलने वाला नहीं, और किसी भी एक 5 साल के दौर में इक्विटी FD वाले कॉलम से नीचे भी हो सकती है। 20 साल पर कॉलम ₹38.7 लाख, ₹67.3 लाख और ₹96.5 लाख हैं। अब फर्क ₹58 लाख। वही ₹10 लाख, वही आदमी, बस साल बदले।

अब खड़ा पढ़िए। 12% पर पैसा 5 साल में 1.76 गुना, 10 में 3.1 गुना, 15 में 5.5 गुना और 20 में 9.6 गुना। गुना जुड़ते नहीं, गुणा होते हैं। इसीलिए दूसरा दशक ₹65 लाख जोड़ता है जबकि पहला ₹21 लाख।

7% वाले कॉलम पर एक बात: असली बैंक FD हर तिमाही कंपाउंड होती है, तो 7% सालाना करीब 7.19% जैसा काम करता है। FD calculator पर ₹10 लाख 7% पर 10 साल में ₹19,67,151 की जगह ₹20,01,597 दिखाता है। फर्क छोटा, कहानी वही।

12% पर साल-दर-साल का रास्ता

लोग 20 साल का आंकड़ा देखते हैं और एक सीधी ढलान मान लेते हैं। ऐसा नहीं है। ₹10 लाख का 12% मानकर साल-दर-साल का रास्ता, कैलकुलेटर की टेबल से:

सालवैल्यूउस साल जुड़ा
1₹11,20,000₹1,20,000
2₹12,54,400₹1,34,400
3₹14,04,928₹1,50,528
5₹17,62,342₹1,88,823
7₹22,10,681₹2,36,858
10₹31,05,848₹3,32,769
12₹38,95,976₹4,17,426
15₹54,73,566₹5,86,454
18₹76,89,966₹8,23,925
20₹96,46,293₹10,33,531

साल 1 में ₹1.2 लाख जुड़ता है। साल 20 में ₹10.3 लाख, पूरी मूल रकम से भी ज्यादा, एक ही साल में। पहले पांच साल मिलकर ₹7.6 लाख जोड़ते हैं। आखिरी पांच ₹41.7 लाख। मेहुल छठे साल गाड़ी के लिए पैसा निकाल ले, तो कर्व का धीमा हिस्सा लेकर जाता है और तेज हिस्सा छोड़ देता है।

7% पर शक्ल वही है, बस धीमी। पहले पांच साल ₹4 लाख जोड़ते हैं, आखिरी पांच (साल 16 से 20) ₹11.1 लाख। और याद रखिए, ये सपाट औसत हैं। असली इक्विटी फंड एक साल +25% और अगले साल −15% कर सकता है और फिर भी औसत 12% के आसपास बैठ सकता है, या नहीं भी। रास्ता औसत है। सफर नहीं।

कब डबल होता है, कब तीन गुना

इसे जल्दी जानने का तरीका रूल ऑफ 72 है, जो पैसा डबल होने में कितना वक्त लगता है वाली पोस्ट में ठीक से समझाया है। ₹10 लाख के लिए कैलकुलेटर असल में ₹20 लाख और ₹30 लाख कहां पार करता है:

रेट₹20 लाख पार₹30 लाख पार20 साल पर वैल्यू
7%साल 11 (₹21,04,852)साल 17 (₹31,58,815)₹38,69,684 (3.9 गुना)
10%साल 8 (₹21,43,589)साल 12 (₹31,38,428)₹67,27,500 (6.7 गुना)
12%साल 7 (₹22,10,681)साल 10 (₹31,05,848)₹96,46,293 (9.6 गुना)

7% पर 20 साल में पैसा दो बार से थोड़ा कम डबल होता है। 12% पर तीन बार से ज्यादा। हर डबलिंग में उतने ही साल लगते हैं, इसलिए 7% और 12% के बीच फर्क "5% ज्यादा" नहीं है। हर दशक में एक अतिरिक्त डबलिंग है, और देर से आने वाली डबलिंग पहले की सारी डबलिंग को मिलाकर जितने रुपये लाती है उससे ज्यादा लाती है।

लमसम रखने की दूसरी जानी-पहचानी जगह सोना है। RBI के औसत भाव के हिसाब से 2025-26 तक के दस साल में इसने रुपये में सालाना 16.1% दिया, पर 2012-13 से 2018-19 तक ये लगभग वहीं का वहीं रहा था। पूरा हिसाब पिछले 10 साल में सोने का रिटर्न में है।

2046 में ₹96 लाख से क्या आएगा

ये वो हिस्सा है जो "₹10 लाख के ₹1 करोड़" वाली ज्यादातर रील छोड़ देती हैं। सितंबर 2026 में रिटेल महंगाई 5.54% थी, MoSPI की CPI रिलीज के मुताबिक, तारीख 12 अक्टूबर 2026। ज्यादातर प्लानर घर के लिए 6% लेते हैं, क्योंकि स्कूल फीस, किराया और अस्पताल के बिल CPI की टोकरी से तेज बढ़ते हैं। 6% पर आज जो ₹10 लाख में मिलता है वो 10 साल में ₹17.9 लाख और 20 साल में ₹32.07 लाख में मिलेगा।

तो सही सवाल "कितने रुपये" नहीं बल्कि "आज की कितनी चीजें" है। नीचे की टेबल हर वैल्यू को 6% महंगाई से भाग देकर आज के पैसे में उसकी खरीदने की ताकत दिखाती है।

कितने साल बाद7%, आज के रुपये में10%, आज के रुपये में12%, आज के रुपये में
5 साल₹10,48,068₹12,03,467₹13,16,924
10 साल₹10,98,447₹14,48,332₹17,34,289
15 साल₹11,51,247₹17,43,020₹22,83,928
20 साल₹12,06,586₹20,97,666₹30,07,760

7% वाला कॉलम देखिए। 20 साल बाद ₹38.7 लाख सुनने में करीब चार गुना लगता है। खरीदने की ताकत में ये ₹12.07 लाख है, करीब 1.2 गुना। सेफ कंपाउंडिंग के बीस साल, और पैसे से आज से बस 20% ज्यादा सामान आता है। ये टैक्स से पहले है, जो अब आता है। 12% वाला कॉलम अलग कहानी है: 2046 में ₹96 लाख से वो आएगा जो आज ₹30 लाख से आता है, मूल रकम का तीन गुना। अगर 12% सच में टिकता है तो जोखिम का असली इनाम यही है, और ये तीन गुना है, दस नहीं।

टैक्स: FD पर हर साल, इक्विटी पर आखिर में एक बार

दोनों तरह के निवेश पर टैक्स बिल्कुल अलग तरीके से लगता है, और ये तुलना को रेट के फर्क से ज्यादा बदल देता है।

FD का ब्याज हर साल, आपके स्लैब पर

फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और जिस साल बनता है उसी साल आपके स्लैब रेट पर टैक्स लगता है, क्यूम्युलेटिव FD में भी जहां पैसा दिखता नहीं। ब्याज साल की लिमिट पार करे तो बैंक TDS भी काटता है, जब तक आप Form 121 न दें (इनकम टैक्स विभाग की Form 121 पर FAQ देखिए)। तो जिस रेट पर आप असल में कंपाउंड करते हैं वो 7% से कम है। 20% स्लैब में 4% सेस के साथ 7% करीब 5.54% रह जाता है। 30% स्लैब में 4.82%।

₹10 लाख 7% पर, सालाना कंपाउंडिंग10 साल बाद20 साल बाद
टैक्स नहीं (शून्य स्लैब, या ब्याज टैक्स की लिमिट से नीचे)₹19,67,151₹38,69,684
20% स्लैब (5.54% पर कंपाउंड)₹17,15,282₹29,42,192
30% स्लैब (4.82% पर कंपाउंड)₹16,00,574₹25,61,838

30% स्लैब में FD के 20 साल ₹10 लाख को ₹25.6 लाख बनाते हैं। 6% महंगाई के सामने ये आज की ₹7.99 लाख की खरीदने की ताकत है। पैसा पीछे चला गया। आपका ब्याज किस स्लैब में पड़ता है ये income tax calculator पर देख लीजिए, क्योंकि जिसकी कोई और आय नहीं, या नीचे वाले स्लैब में रिटायर माता-पिता के लिए, FD वाला कॉलम ठीक टिकता है।

इक्विटी पर एक बार, जब बेचें

12 महीने से ज्यादा रखे इक्विटी म्यूचुअल फंड यूनिट पर साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के मुनाफे पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स, साथ में 4% सेस, इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 198 के तहत। जब तक पैसा पड़ा है और कंपाउंड हो रहा है, कोई टैक्स नहीं। मेहुल आखिर में सब बेचे तो बिल ये रहा, ये मानकर कि उस साल कोई और इक्विटी मुनाफा नहीं है:

कितने साल बाद बेचा12% पर वैल्यूमुनाफाLTCG टैक्सहाथ में
5 साल₹17,62,342₹7,62,342₹82,854₹16,79,487
10 साल₹31,05,848₹21,05,848₹2,57,510₹28,48,338
15 साल₹54,73,566₹44,73,566₹5,65,314₹49,08,252
20 साल₹96,46,293₹86,46,293₹11,07,768₹85,38,525

10% पर 20 साल के आंकड़े: वैल्यू ₹67,27,500, टैक्स ₹7,28,325 और हाथ में ₹59,99,175। 12% वाले केस में ₹11 लाख का टैक्स बड़ा लगता है, पर ये आखिरी रकम का 11.5% है, एक बार भरा हुआ, बिना टैक्स के 20 साल की कंपाउंडिंग के बाद। 30% स्लैब वाली FD ने उसी दौर में ₹13 लाख गंवाए (₹38.7 लाख से ₹25.6 लाख), थोड़ा-थोड़ा करके, और जल्दी निकला हर टुकड़ा कंपाउंड होना भी बंद हो गया। दो-तीन वित्त वर्षों में टुकड़ों में बेचें तो ₹1.25 लाख की छूट एक से ज्यादा बार इस्तेमाल होती है और बिल और घटता है।

वही ₹10 लाख STP के तौर पर, या SIP के तौर पर

मेहुल का असली डर रेट नहीं है। मंगलवार को इक्विटी फंड में ₹10 लाख डालना और अगले मंगलवार ₹8.5 लाख देखना है। पहले साल मार्केट 15% गिरे और फिर नौ साल सालाना 12% करे, तो कैलकुलेटर का रास्ता ₹8.5 लाख से बढ़कर 10 साल में ₹23,57,117 बनता है, ₹31,05,848 की जगह। फिर भी अच्छा नतीजा, पर ₹7.5 लाख कम, और ज्यादातर लोग उस पहले खराब महीने में ही बेच देते।

12 महीने का STP इसका आम जवाब है। ₹10 लाख करीब 6% देने वाले लिक्विड फंड में रखिए और हर महीने ₹83,333 इक्विटी फंड में खिसकाइए। लमसम को STP से लगाने वाली पोस्ट इसका तरीका और चार मार्केट के रास्ते समझाती है। ₹10 लाख के लिए, सपाट बढ़ते 12% वाले मार्केट में STP का रास्ता पहला साल ₹10,96,161 पर खत्म करता है (12% पर इक्विटी की किस्तें और आखिरी ट्रांसफर के साथ आया लिक्विड फंड का ब्याज) और 10 साल में ₹30,39,740 पहुंचता है। एक बार में लगाए लमसम से ₹66,108 कम, नतीजे का करीब 2%। इसे घबराकर न बेचने का प्रीमियम मानिए।

दूसरी तुलना जो लोग पूछते हैं वो SIP की है। मेहुल ₹10 लाख बैंक में रखे और 10 साल तक हर महीने ₹8,333 इक्विटी में टपकाए, ताकि वही ₹10 लाख वक्त के साथ जाए, तो?

₹10 लाख, 10 साल10% पर12% पर
पहले दिन लमसम₹25,93,742₹31,05,848
120 महीने हर महीने ₹8,333 (₹9,99,960 लगाए)₹17,21,198₹19,36,082
12 महीने का STP, फिर रखा₹25,57,256₹30,39,740

SIP 12% पर करीब ₹11.7 लाख पीछे रहती है, क्योंकि औसतन हर रुपया दस नहीं बल्कि सिर्फ पांच साल लगा रहा। हर महीने आने वाली सैलरी के लिए SIP सही औजार है। जो पैसा पहले से मौजूद है उसके लिए 10 साल पर फैली SIP का मतलब है ₹10 लाख को बहुत लंबे वक्त तक सेविंग्स खाते में छोड़ देना। करना ही हो तो 6 या 12 महीने पर फैलाइए, 120 पर नहीं। SIP calculator टपकाने वाला रास्ता दिखाता है, और बोनस के लिए लमसम या SIP वाली पोस्ट इसमें गहराई से जाती है कि कौन सा मार्केट किसे फायदा देता है।

इस सबसे पहले: इमरजेंसी फंड का नियम

ऊपर की हर टेबल मानती है कि ₹10 लाख पूरे दौर तक पड़ा रहेगा। इस मान्यता को तोड़ने वाला कभी मार्केट नहीं होता। अस्पताल का बिल, नौकरी में गैप या गाड़ी का इंजन, तीसरे साल, जब फंड 10% नीचे हो। तब बिकवाली सबसे खराब वक्त पर होती है, और 20 साल के कर्व को उसके तेज साल कभी नहीं मिलते।

इसलिए अचानक आए पैसे का पहला टुकड़ा इमरजेंसी फंड, अगर पहले से नहीं है तो: घर के करीब छह महीने के खर्च जितना, स्वीप-इन FD या लिक्विड फंड में जहां एक दिन में हाथ पहुंच जाए। मेहुल का घर महीने के करीब ₹50,000 में चलता है, तो ये ₹3 लाख। इस पर FD का ब्याज मिलता है, 7% पर साल में करीब ₹21,000, और ये ठीक है। इसका काम बढ़ना नहीं है। इसका काम ये पक्का करना है कि बाकी ₹7 लाख को कभी हाथ न लगे।

और अकेला छोड़ा ₹7 लाख भी बहुत है। 12% मानकर 10 साल में ये ₹21,74,094। खराब साल में मजबूरन बिकवाली वाले ₹10 लाख से ये काफी आगे है, और नींद भी आती है।

₹10 लाख के साथ लोग जो तीन गलतियां करते हैं

सब कुछ एक ही जगह रखना

एक FD, एक फंड, एक प्लॉट, एक दोस्त का धंधा। रकम बड़ी हो तो लोगों का मन एक साफ-सुथरा फैसला लेने का करता है। लमसम को इस हिसाब से बांटना चाहिए कि कब चाहिए: इमरजेंसी वाला टुकड़ा स्वीप-इन FD में, पांच साल के अंदर चाहिए वो पैसा डिपॉजिट या NSC में, और सिर्फ वो हिस्सा इक्विटी में जिसे दस साल या ज्यादा छोड़ सकें। तीन जगहें "डाइवर्सिफिकेशन" की भारी भाषा नहीं है। हर रुपये को उसकी तारीख से मिलाने की बात है।

रिश्तेदार का बेचा सिंगल-प्रीमियम प्लान

पैसा आने के कुछ दिनों में परिवार में जो बीमा बेचता है वो कोई "वन-टाइम इन्वेस्टमेंट प्लान" लेकर आएगा, जिसमें सर्टिफिकेट पर गारंटी वाला आंकड़ा होगा। उस आंकड़े को लमसम कैलकुलेटर पर उल्टा चलाइए। 20 साल में ₹10 लाख के ₹26.5 लाख करने वाला प्लान 5% दे रहा है। 10 साल में ₹17 लाख देने वाला 5.5%। दोनों पोस्ट ऑफिस से नीचे। वन-टाइम इन्वेस्टमेंट प्लान की तुलना वाली पोस्ट दिखाती है कि इन्हें कैसे पढ़ें और साथ जुड़ा छोटा सा लाइफ कवर मैच्योरिटी को टैक्सेबल क्यों बना सकता है। कवर चाहिए तो सादा टर्म प्लान अलग से लीजिए। उसे ₹10 लाख की जरूरत नहीं।

पिछले साल के बेस्ट फंड के पीछे भागना

पिछले साल 25% देने वाला फंड "तीन साल में ₹10 लाख के ₹19.5 लाख" नहीं करता। वो आंकड़ा (3 साल 25% पर ₹19,53,125) कैलकुलेटर में टाइप करें तो दिखता है, और ये कल्पना है। पिछले साल का रिटर्न मौसम की रिपोर्ट है, भविष्यवाणी नहीं। 10% से प्लान कीजिए, 12% को अच्छा नतीजा मानिए, और फंड उसके खर्च और वो कितना फैला हुआ है ये देखकर चुनिए, लिस्ट में उसका नंबर देखकर नहीं। पक्का न हो तो सादा इंडेक्स फंड चुनने का सवाल ही खत्म कर देता है। फंड चुनने पर ये साइट बस इतना ही कहती है।

मेहुल ने ₹10 लाख का क्या किया

वो 34 साल का है, 20% स्लैब में, पक्की नौकरी और कोई लोन नहीं। उसने तीन तारीखें लिखीं और उसी हिसाब से पैसा बांटा।

  • ₹3 लाख, कभी भी चाहिए: अपने बैंक में स्वीप-इन FD। वो इमरजेंसी फंड जो उसके पास कभी नहीं था।
  • ₹2 लाख, 5 साल में चाहिए बहन की शादी में देने के लिए: 7.7% पर NSC, जो कैलकुलेटर के मुताबिक ₹2,89,807 पर मैच्योर होती है। आंकड़ा तय, बीच में कोई मार्केट नहीं।
  • ₹5 लाख, 15 साल तक नहीं चाहिए: लिक्विड फंड में रखकर 12 महीने के STP से इंडेक्स फंड में। 10% मानें तो 15 साल में ₹20,88,624, और 12% टिका तो ₹27,36,783। उसने उसी पन्ने पर लिखा है कि ये हिस्सा खराब साल में ₹4 लाख दिखा सकता है और वो इसे हाथ नहीं लगाएगा।

पापा की पहली प्रतिक्रिया थी कि ₹5 लाख "शेयर बाजार में" लापरवाही है। मेहुल ने उन्हें पहली टेबल का 7% वाला कॉलम आज के रुपये में दिखाया: 20 साल बाद ₹12 लाख की खरीदने की ताकत, और टैक्स के बाद उससे कम। 35 साल बैंक के काउंटर पर बिताने वाले पापा ने थोड़ी देर देखा और कहा कि FD तो उनके लिए है जिन्हें पांच साल में पैसा चाहिए। पूरी बात इतनी ही थी। बाकी 15 साल इसे छुए बिना रहना है, और वही मुश्किल हिस्सा निकलता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

लमसम का मतलब क्या है?

लमसम यानी एक ही दिन, एक साथ लगाया पैसा, जिसके बाद उसमें कुछ नहीं जोड़ा। हिंदी में एक-मुश्त रकम। SIP इसका उल्टा है: हर महीने तय रकम। ₹10 लाख सालाना 12% मानकर lumpsum calculator पर 10 साल में ₹31,05,848 बनते हैं।

₹10 लाख 10 साल में कितना बनेगा?

सालाना कंपाउंडिंग और बिना कुछ जोड़े ₹10 लाख 7% पर ₹19,67,151, 10% पर ₹25,93,742 और 12% पर ₹31,05,848 बनते हैं। 20 साल में वही रकम ₹38,69,684, ₹67,27,500 और ₹96,46,293। 10% और 12% के आंकड़े इक्विटी के लिए मान्यता हैं, गारंटी नहीं।

₹10 लाख कितने साल में डबल होता है?

कैलकुलेटर पर ₹10 लाख 7% पर साल 11 में (₹21,04,852), 10% पर साल 8 में (₹21,43,589) और 12% पर साल 7 में (₹22,10,681) ₹20 लाख पार करता है। ₹30 लाख क्रमशः साल 17, 12 और 10 में पार करता है। रूल ऑफ 72 मन में वही जवाब देता है: 72 भाग रेट।

₹10 लाख के लिए लमसम बेहतर या SIP?

जो पैसा पहले से मौजूद है उसके लिए ज्यादातर लमसम। पहले दिन लगाए ₹10 लाख 12% पर 10 साल में ₹31,05,848, जबकि 120 महीने हर महीने ₹8,333 ₹19,36,082, क्योंकि हर रुपया औसतन करीब पांच साल ही लगा रहा। एक दिन की गिरावट का डर हो तो 12 महीने का STP सपाट मार्केट में ₹30,39,740 पर खत्म होता है, करीब 2% पीछे।

₹10 लाख के लमसम पर टैक्स कैसे लगता है?

FD का ब्याज हर साल आपके स्लैब पर टैक्स होता है, तो 7% की FD 30% स्लैब में करीब 4.82% पर कंपाउंड होती है और 20 साल में ₹38,69,684 की जगह ₹25,61,838 देती है। इक्विटी फंड पर आखिर में एक बार: ₹1.25 लाख से ऊपर के लॉन्ग टर्म मुनाफे पर 12.5% और सेस। 12% पर 20 साल में ₹96,46,293 पर टैक्स ₹11,07,768 और हाथ में ₹85,38,525।

20 साल बाद महंगाई के बाद ₹10 लाख की कीमत कितनी?

6% महंगाई पर ₹38,69,684 (7% पर 20 साल) से उतना ही आता है जितना आज ₹12,06,586 से, मूल रकम का सिर्फ 1.2 गुना। ₹96,46,293 (12% पर 20 साल) आज के रुपये में ₹30,07,760, करीब तीन गुना। सितंबर 2026 में रिटेल महंगाई 5.54% थी, और घर के लिए 6% लेने का चलन है।

यह लेख आम जानकारी के लिए है, निवेश या टैक्स की सलाह के तौर पर नहीं। रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला लेने से पहले लेटेस्ट चेक कर लीजिए। कुछ पुराना लगे तो हमें बताइए। एडिटोरियल पॉलिसी · संपर्क