एक बार ₹2 लाख, ₹7.86 लाख कम ब्याज
प्रिया के होम लोन में अभी ₹40 लाख बाकी हैं, ब्याज 8.5% और 20 साल बचे हैं। ₹34,713 की EMI भरती रहे तो सिर्फ ब्याज ही करीब ₹43.31 लाख बनता है, यानी लोन से भी ज्यादा।
मान लीजिए वो लोन में ₹2 लाख डाल देती है और EMI वही रखती है। ₹7.86 लाख ब्याज बचता है, और लोन 2 साल 4 महीने पहले खत्म। ये पैसा सीधा मूलधन में जाता है, और हर महीने का ब्याज बची हुई रकम पर ही लगता है:
महीने का ब्याज = बाकी रकम × दर ÷ 1200
EMI वही रखें या घटाएं?
अगर प्रिया EMI घटाने को कहे तो EMI ₹32,977 हो जाएगी, यानी महीने के करीब ₹1,736 कम। पर बचत घटकर सिर्फ ₹2.17 लाख रह जाती है, क्योंकि छोटा हुआ लोन अब भी पूरे 20 साल चलता है। इसीलिए ज्यादातर बैंक, जब तक आप कुछ और न कहें, EMI वही रखते हैं और अवधि घटा देते हैं। इसमें बचत सबसे ज्यादा होती है, और EMI तो आपकी इनकम देखकर ही तय हुई थी। बजट सच में तंग हो, तभी EMI घटवाएं।
हर साल बोनस का थोड़ा हिस्सा
रोहन का भी यही लोन है। वो हर साल के आखिर में दिवाली बोनस से ₹1 लाख लोन में डालता है। लोन 20 की जगह करीब 13 साल में खत्म हो जाता है, और करीब ₹16.95 लाख ब्याज बचता है। साल के ₹2 लाख डाले तो लोन 10 साल में खत्म और बचत करीब ₹23.81 लाख।
जल्दी भरें तो ज्यादा फायदा
पहले साल प्रिया EMI में ₹4.17 लाख भरती है, जिसमें से करीब ₹3.37 लाख तो ब्याज ही है। इसलिए कब डालते हैं, ये बहुत मायने रखता है:
| ₹2 लाख कब डाले | बाकी लोन | ब्याज की बचत |
|---|---|---|
| अभी | ₹40 लाख, 20 साल | ₹7.86 लाख |
| 5 साल बाद | ₹35.25 लाख, 15 साल | ₹4.68 लाख |
| 10 साल बाद | ₹28 लाख, 10 साल | ₹2.47 लाख |
| 15 साल बाद | ₹16.92 लाख, 5 साल | ₹97,336 |
लोन चुकाएं या निवेश करें?
पार्ट पेमेंट में लोन की दर जितना, यानी 8.5%, पक्का बचता है। इक्विटी SIP 10 साल या उससे ज्यादा में शायद ज्यादा कमा दे, पर उसका रिटर्न गारंटीड नहीं है। पुरानी टैक्स रिजीम में जिस घर में आप खुद रहते हैं, उसके लोन के ब्याज पर साल में ₹2 लाख तक की छूट मिलती है। पार्ट पेमेंट के बाद भी प्रिया का ब्याज पहले 10 साल तक हर साल ₹2 लाख से ऊपर रहता है, तो उन सालों में उसकी छूट नहीं घटती। नई रिजीम में ये छूट नहीं है। दोनों रिजीम इनकम टैक्स कैलकुलेटर में मिलाकर देख लें। कई लोग पहले इमरजेंसी फंड बनाते हैं, फिर बचे पैसे दोनों में बांट देते हैं।
RBI के नियम के मुताबिक, किसी व्यक्ति के फ्लोटिंग रेट होम लोन पर बैंक पार्ट पेमेंट का चार्ज नहीं ले सकते। फिक्स्ड रेट लोन पर चार्ज हो सकता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
होम लोन में पार्ट पेमेंट पर चार्ज लगता है?
किसी व्यक्ति के फ्लोटिंग रेट होम लोन पर नहीं लगता। RBI के नियम के मुताबिक ऐसे लोन पर बैंक पार्ट पेमेंट या पूरा लोन बंद करने का चार्ज नहीं ले सकते। फिक्स्ड रेट होम लोन पर चार्ज हो सकता है, तो पैसे डालने से पहले लोन एग्रीमेंट देख लें।
पार्ट पेमेंट के बाद EMI घटाएं या अवधि?
अवधि घटाने में ज्यादा बचत है। 8.5% पर 20 साल बाकी वाले ₹40 लाख के लोन में ₹2 लाख डालकर EMI वही रखें तो करीब ₹7.86 लाख बचते हैं। EMI घटाकर ₹32,977 करें तो सिर्फ ₹2.17 लाख बचते हैं। बजट तंग हो, तभी EMI घटवाएं।
होम लोन का प्रीपेमेंट कब करना सबसे अच्छा है?
जितना जल्दी हो सके, क्योंकि शुरुआती सालों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है। 8.5% पर 20 साल के ₹40 लाख के लोन में अभी ₹2 लाख डालें तो करीब ₹7.86 लाख बचते हैं। वही ₹2 लाख 10 साल बाद डालें तो करीब ₹2.47 लाख ही बचते हैं।
होम लोन जल्दी चुकाएं या SIP में निवेश करें?
पार्ट पेमेंट से लोन की दर जितनी पक्की बचत होती है। इक्विटी SIP 10 साल या उससे ज्यादा में शायद ज्यादा कमा दे, पर उसका रिटर्न गारंटीड नहीं है। कई लोग पहले इमरजेंसी फंड रखते हैं, फिर कितना रिस्क ले सकते हैं ये देखकर बचे पैसे दोनों में बांटते हैं।
प्रीपेमेंट से होम लोन का टैक्स फायदा घटता है?
सिर्फ पुरानी टैक्स रिजीम में, और वो भी तब जब साल का ब्याज ₹2 लाख से नीचे आ जाए। खुद के रहने वाले घर के लिए यही लिमिट है। बड़े लोन में शुरुआती सालों में ब्याज अक्सर इससे ज्यादा होता है, तो कुछ नहीं घटता। नई रिजीम में ये छूट मिलती ही नहीं।
कैलकुलेटर की जिम्मेदारी: मनोज. आखिरी बार चेक किया: 19-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क