राकेश परमार को पैसे से पहले कार मिल गई। 2021 की कॉम्पैक्ट सेडान, एक ही मालिक, 52,000 किमी चली हुई, वडोदरा के एक यूज्ड कार डीलर के पास। टायर और बंपर पर एक खरोंच को लेकर घंटे भर की मोलभाव के बाद ₹6.5 लाख में सौदा तय हुआ। इसके लिए राकेश ने ₹1.5 लाख बचाकर रखे हैं, और ये उस इमरजेंसी के पैसे के अलावा है जिसे वो कभी हाथ नहीं लगाता। बाकी ₹5 लाख उधार लेने पड़ेंगे, और शाम तक उसके फोन पर दो ऑफर आ चुके थे।
बैंक के ऐप पर 14% का ₹5 लाख का प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन दिख रहा है। पैसा उसी दिन खाते में, कार के बारे में एक भी सवाल नहीं। उसी बैंक का कार लोन डेस्क यूज्ड कार लोन 11.5% पर देने को तैयार है, पर उसे वैल्यूएशन रिपोर्ट, बेचने वाले की RC और बीमे की कॉपी, और RC पर बैंक का नाम चाहिए। 2.5% का फर्क छोटा लगता है। चार साल में वो छोटा नहीं रहता, और सस्ते लोन के साथ ऐसी शर्तें आती हैं जो जवाब बदल भी सकती हैं। अक्टूबर 2026 में बैंकों के अपने पेज पर चेक किए गए रेट के साथ पूरा हिसाब यहां है।
वही ₹5 लाख, दो बिल्कुल अलग लोन
यूज्ड कार लोन कार के बदले मिलता है। कार लेंडर के पास हाइपोथिकेट होती है, यानी कार आपकी, चलाते भी आप हैं, पर आखिरी EMI भरने तक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) पर लेंडर का नाम रहता है। इसलिए बैंक लोन का रेट कुछ हद तक कार देखकर भी तय करता है: उसकी कीमत, उसकी उम्र, दोबारा बेचना कितना आसान।
पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड है। कुछ गिरवी नहीं रखना। बैंक इसका रेट सिर्फ आपको देखकर तय करता है: सैलरी, कंपनी, क्रेडिट स्कोर और अभी चल रही EMI।
कार के भरोसे या आपके भरोसे, यही एक फर्क इस टेबल की लगभग हर लाइन समझा देता है:
| यूज्ड कार लोन | पर्सनल लोन | |
|---|---|---|
| सिक्योरिटी | कार हाइपोथिकेट, RC पर लेंडर का नाम | कुछ नहीं |
| दो बैंकों के पेज पर रेट, अक्टू 2026 | 10.60% से 15.75% | 10.00% से 18.05% |
| प्रोसेसिंग फीस | 0.5% से 1.5% + GST | 1% से 2% + GST |
| कितना मिलता है | बैंक के वैल्यूएशन का 75% से 85% | सैलरी और चल रही EMI के हिसाब से |
| कार की उम्र | टेन्योर घटाती है | कोई फर्क नहीं |
| बीमा | पूरे लोन तक बैंक के नाम के साथ कॉम्प्रिहेंसिव | आपकी मर्जी (थर्ड-पार्टी बीमा तो कानूनन जरूरी है ही) |
| कार जल्दी बेचनी हो तो | पहले लोन बंद करें | कभी भी बेचें, लोन आपके पास चलता रहेगा |
खर्च तय करने वाली लाइनें बस दो हैं: रेट और फीस। बाकी लाइनें तय करती हैं कि इस खास कार के लिए सस्ता लोन आपको मिलेगा भी या नहीं।
अक्टूबर 2026 में बैंक कितना ब्याज ले रहे हैं
SBI तीनों लोन एक साथ दिखाता है। SBI के ऑटो लोन रेट पेज (15 अक्टूबर 2026 को अपडेट) के मुताबिक नई कार का लोन क्रेडिट स्कोर के हिसाब से 8.55% से 9.50% है। सर्टिफाइड प्री-ओन्ड कार लोन 10.60% से 15.75% है। SBI के पर्सनल लोन पेज पर 10.00% से 15.00% है, और अप्रैल से जून 2026 में दिए गए पर्सनल लोन का औसत रेट 11.54% लिखा है।
बैंक ऑफ बड़ौदा में भी यही तस्वीर है। उसका प्री-ओन्ड कार लोन फ्लोटिंग रेट पर 10.90% से 13.65% और फिक्स्ड पर 11.90% से 14.65% है, और कम से कम 701 का CIBIL स्कोर चाहिए। उसका पर्सनल लोन बैंक में सैलरी अकाउंट वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए 10.40% से शुरू होता है, और दूसरे बैंक में खाते वाले प्राइवेट नौकरीपेशा के लिए फिक्स्ड 18.05% तक जाता है।
दो बातें साफ दिखती हैं।
- उसी बैंक में यूज्ड कार, नई कार से करीब दो पर्सेंट ऊपर से शुरू होती है: SBI की दोनों रेंज के निचले सिरे पर 8.55% के मुकाबले 10.60%। लेंडर के पास पुरानी कार है, जिसकी कीमत आंकना और दोबारा बेचना मुश्किल है, और इसका चार्ज वो ब्याज में लेता है।
- दोनों की रेंज एक-दूसरे में घुसती हैं। अच्छा स्कोर, जानी-मानी कंपनी और उसी बैंक में सैलरी अकाउंट हो, तो पर्सनल लोन यूज्ड कार लोन जितने या उससे कम रेट पर मिल सकता है। स्कोर औसत हो, या बैंक आपको जानता न हो, तो पर्सनल लोन 14% से 18% तक जाता है। पर्सनल लोन का रेट किससे तय होता है, इस पर एक अलग पोस्ट आने वाली है।
डीलर की टेबल पर तय होने वाला लोन, अक्सर किसी NBFC का, इन रेंज के ऊपरी सिरे पर या उससे भी ऊपर हो सकता है। दोनों से Key Facts Statement मांगिए, उसकी बात नीचे करते हैं।
₹5 लाख, 4 साल: कौन सा लोन कुल कितने का पड़ता है
राकेश के दोनों ऑफर पर लौटते हैं। ये अनुमान हैं, ताकि आप अपने आंकड़ों से दोबारा गिन सकें:
- यूज्ड कार लोन: ₹5 लाख, 11.5%, 4 साल।
- पर्सनल लोन: ₹5 लाख, 14%, 4 साल।
- दोनों पर प्रोसेसिंग फीस: 1.5% और उस पर 18% GST, यानी ₹5 लाख पर ₹8,850। SBI के प्रोसेसिंग फीस पेज पर प्री-ओन्ड कार लोन और Xpress Credit पर्सनल लोन, दोनों के लिए यही फीस है।
EMI और ब्याज कार लोन EMI कैलकुलेटर और पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर से:
| ₹5 लाख, 4 साल | यूज्ड कार लोन 11.5% | पर्सनल लोन 14% |
|---|---|---|
| महीने की EMI | ₹13,045 | ₹13,663 |
| कुल ब्याज | ₹1,26,136 | ₹1,55,835 |
| GST समेत प्रोसेसिंग फीस | ₹8,850 | ₹8,850 |
| उधार का कुल खर्च | ₹1,34,986 | ₹1,64,685 |
| फीस जोड़कर असली रेट | करीब 12.5% | करीब 15% |
चार साल में पर्सनल लोन ₹29,699 ज्यादा पड़ता है। महीने के हिसाब से ये EMI में सिर्फ ₹618 ज्यादा दिखता है, इसीलिए लोग बिना ज्यादा सोचे ले लेते हैं।
आखिरी लाइन के बारे में: फीस शुरू में ही कट जाती है, तो हाथ में असल में ₹4,91,150 आते हैं पर EMI पूरे ₹5 लाख की भरनी है। उसी EMI फॉर्मूले से उल्टा गिनें तो 11.5% करीब 12.5% हो जाता है और 14% करीब 15%। इसे एनुअल पर्सेंटेज रेट (APR) कहते हैं, जो अब लेंडर को आपको लिखकर देना होता है।
बाकी रकम ऐसे घटती है (EMI कैलकुलेटर की सालाना टेबल से)। कार जल्दी बेचनी हो तब ये काम आएगा:
| इस साल के आखिर में बाकी | यूज्ड कार लोन 11.5% | पर्सनल लोन 14% |
|---|---|---|
| साल 1 | ₹3,95,576 | ₹3,99,771 |
| साल 2 | ₹2,78,489 | ₹2,84,574 |
| साल 3 | ₹1,47,204 | ₹1,52,174 |
| साल 4 | शून्य | शून्य |
हर 1% यानी करीब ₹12,000: झटपट टेबल
आपके ऑफर 11.5% और 14% तो होंगे नहीं। इसलिए ₹5 लाख, 4 साल के लिए, आम तौर पर दिखने वाले रेट पर, वही ₹8,850 फीस जोड़कर ये टेबल:
| रेट | EMI | कुल ब्याज | ब्याज + ₹8,850 फीस |
|---|---|---|---|
| 10.5% | ₹12,802 | ₹1,14,481 | ₹1,23,331 |
| 11.5% | ₹13,045 | ₹1,26,136 | ₹1,34,986 |
| 12.5% | ₹13,290 | ₹1,37,920 | ₹1,46,770 |
| 13.5% | ₹13,538 | ₹1,49,832 | ₹1,58,682 |
| 14% | ₹13,663 | ₹1,55,835 | ₹1,64,685 |
| 15% | ₹13,915 | ₹1,67,938 | ₹1,76,788 |
| 16% | ₹14,170 | ₹1,80,167 | ₹1,89,017 |
इस लोन पर रेट का हर एक पर्सेंट चार साल में करीब ₹11,700 से ₹12,200 ब्याज बढ़ाता है। इसके दो सीधे इस्तेमाल:
- अच्छी प्रोफाइल वाला केस। आपका सैलरी बैंक पर्सनल लोन 10.5% पर दे और यूज्ड कार लोन 11.5% हो, तो पर्सनल लोन ब्याज में ₹11,655 सस्ता पड़ता है। ऊपर से न वैल्यूएशन, न हाइपोथिकेशन, न कार की उम्र का बंधन। सीधा फैसला।
- महंगे डीलर वाला केस। यूज्ड कार लोन का इकलौता ऑफर 16% का हो और आपके बैंक का पर्सनल लोन 13.5% का, तो पर्सनल लोन ₹30,335 बचाता है।
फीस भी पलड़ा झुका सकती है। बैंक ऑफ बड़ौदा के प्री-ओन्ड कार लोन की फीस 0.5% और GST (कम से कम ₹2,500) है, यानी ₹5 लाख पर ₹2,950। उसके पर्सनल लोन की फीस 1% से 2% और GST (ज्यादा से ज्यादा ₹10,000) है, यानी ₹5,900 से ₹11,800। ₹8,850 का फीस का फर्क यहां करीब पौन पर्सेंट ब्याज के बराबर है। हेडलाइन रेट नहीं, कुल खर्च मिलाइए।
वैल्यूएशन: बैंक कार की कीमत पर लोन देता है, आपके सौदे पर नहीं
यहीं यूज्ड कार लोन चुपचाप छोटा हो सकता है। आपने बेचने वाले से जो दाम तय किया, उस पर बैंक लोन नहीं देता। वो अपने वैल्यूएशन पर देता है, और उसका भी कुछ हिस्सा ही।
- SBI के सर्टिफाइड प्री-ओन्ड कार लोन में लोन-टू-वैल्यू वैल्यूएशन का 85% लिखा है, आवेदन के साथ वैल्यूएशन रिपोर्ट चाहिए, और कम से कम लोन ₹2 लाख है।
- बैंक ऑफ बड़ौदा तीन में से सबसे कम रकम देता है: सर्टिफाइड प्री-ओन्ड डीलर के वैल्यूएशन के हिसाब से बाजार कीमत का 75%, सौदे की कीमत का 75%, या इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (IDV) का 100%।
मान लीजिए राकेश की ₹6.5 लाख की सेडान का वैल्यूएशन ₹6.2 लाख आता है। पसंद आई कार के लिए खरीदार ने थोड़ा ज्यादा दे दिया हो, तो ऐसा होता ही है। ₹6.2 लाख के 85% के हिसाब से वो ₹5,27,000 तक ले सकता है, तो उसके ₹5 लाख ठीक हैं। 75% के हिसाब से सीमा ₹4,65,000 है, और ₹35,000 कम पड़ते हैं।
वो ₹35,000 अपनी जेब से लगाने होंगे। छोटे लोन पर 11.5%, 4 साल की EMI ₹12,131 होती है, ब्याज ₹1,17,307। जो नहीं करना चाहिए, वो है बगल में एक छोटा पर्सनल लोन लेकर ये गड्ढा भरना। एक कार के लिए दो EMI, और छोटा वाला ऊपर से महंगे रेट का।
पर्सनल लोन में इनमें से कुछ नहीं है। कोई वैल्यूअर नहीं, रकम कार से नहीं बल्कि आपकी हाथ में आने वाली सैलरी और चल रही EMI से तय होती है। सैलरी से बैंक लोन कैसे गिनता है, ये सैलरी पर कार लोन कितना मिलेगा वाली पोस्ट में है।
डीलर की जगह सीधे किसी से कार ले रहे हैं? SBI की स्कीम का नाम ही "सर्टिफाइड प्री-ओन्ड" है और उसके डॉक्यूमेंट में डीलर और बेचने वाले के बीच सेल एग्रीमेंट की बात है। टोकन देने से पहले बैंक से पूछ लीजिए कि प्राइवेट सौदे पर लोन देता है या नहीं।
कार की उम्र तय करती है कि लोन कितना लंबा मिलेगा
कार काम की न रहे और लोन फिर भी चलता रहे, ये बैंक को पसंद नहीं, इसलिए कार की उम्र टेन्योर की सीमा बांधती है। हमने जो दो बैंक देखे, वो इसे अलग तरीके से करते हैं:
- SBI: चुकाने का समय 10 साल में से कार की उम्र घटाकर, ज्यादा से ज्यादा 5 साल।
- बैंक ऑफ बड़ौदा: ओरिजिनल इनवॉइस की तारीख से गिनी गई कार की उम्र और लोन का टेन्योर मिलाकर 96 महीने से ज्यादा नहीं होना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा टेन्योर 60 महीने।
राकेश की सेडान का पहला इनवॉइस अप्रैल 2021 का है, तो खरीदते वक्त वो करीब 66 महीने की है। SBI के नियम से वो करीब साढ़े चार साल तक का लोन ले सकता है, तो 4 साल में दिक्कत नहीं। बैंक ऑफ बड़ौदा के नियम से ज्यादा से ज्यादा 30 महीने मिलेंगे (96 में से 66 घटाकर)।
11.5% पर 30 महीने के लिए ₹5 लाख की EMI सीधे ₹19,256 हो जाती है, यानी 4 साल की EMI से महीने में ₹6,211 ज्यादा। कुल ब्याज घटकर ₹77,690 रह जाता है, तो आखिर में सस्ता पड़ता है। पर ₹19,256 सैलरी में न बैठे, तो EMI ₹13,000 से ₹14,000 के आसपास रखने का एक ही रास्ता बचता है: 4 साल का पर्सनल लोन।
कार जितनी पुरानी, ये असर उतना ज्यादा। ऐसे नियमों में आठ साल पुरानी कार को छोटा लोन मिलता है या मिलता ही नहीं। पर्सनल लोन कार की उम्र नहीं देखता। उसका टेन्योर आपकी प्रोफाइल पर निर्भर है। जैसे बैंक ऑफ बड़ौदा आपकी कंपनी और सैलरी अकाउंट कहां है, इसके हिसाब से 48 से 84 महीने देता है।
एक चेतावनी। पुरानी कार पर लंबा पर्सनल लोन लिया हो, और एक ही साल में कार क्लच, टायर और बैटरी मांग ले, तो EMI के साथ वो खर्च भी आता है। रनिंग खर्च का महीने का अंदाजा 20/4/10 नियम वाली पोस्ट में है।
हाइपोथिकेशन, RC और बीमा
यूज्ड कार लोन में RTO पर दो काम साथ होते हैं। कार आपके नाम होती है (मालिकाना हक बदलने के लिए फॉर्म 29 और 30), और RC पर बैंक का हाइपोथिकेशन चढ़ता है (फॉर्म 34)। उत्तराखंड परिवहन विभाग के FAQ में हर काम के डॉक्यूमेंट लिखे हैं, और फॉर्म नंबर सभी राज्यों में एक ही हैं। बेचने वाले की कार पर अभी लोन चल रहा हो, तो पहले उसके लेंडर की NOC और फॉर्म 35 चाहिए। SBI लोन देने से पहले ठीक यही मांगता है: हाइपोथिकेशन क्लियरेंस लेटर और फॉर्म 35।
फिर बीमा। बैंक ऑफ बड़ौदा की शर्त है कि बैंक के क्लॉज के साथ कॉम्प्रिहेंसिव बीमा चाहिए, और पूरे लोन तक उसी तरह रिन्यू करना है। पांच साल पुरानी कार पर बहुत लोग वैसे भी कॉम्प्रिहेंसिव बीमा लेते हैं, तो ये हमेशा अलग खर्च नहीं है। पर्सनल लोन में ये फैसला आपका रहता है। थर्ड-पार्टी बीमा तो दोनों में कानूनन कम से कम चाहिए ही।
बड़ा फर्क तब दिखता है जब लोन पूरा होने से पहले कार बेचनी हो। RC पर बैंक का नाम रहते कार साफ-सुथरे तरीके से दूसरे के नाम नहीं होती। राकेश दो साल बाद बेचे, तो पहले कार लोन के बाकी ₹2,78,489 भरने होंगे, NOC लेनी होगी और हाइपोथिकेशन हटवाना होगा। पर्सनल लोन हो तो वो उसी हफ्ते कार बेच सकता है, पर ₹2,84,574 बाकी लोन उसके सिर रहेगा, कार रहे या न रहे।
आखिरी EMI भरने के बाद भी हाइपोथिकेशन अपने आप नहीं हटता। NOC और फॉर्म 35 का काम 3, 5 या 7 साल का कार लोन वाली पोस्ट में समझाया है।
लोन जल्दी बंद करना: लोन के टाइप से ज्यादा फिक्स्ड या फ्लोटिंग मायने रखता है
दिवाली बोनस या इंक्रीमेंट लोन में डालने का इरादा हो, तो साइन करने से पहले देखिए कि रेट कैसे तय होता है। प्रीपेमेंट चार्ज पर RBI के 2025 के निर्देश के मुताबिक, बिजनेस के अलावा किसी काम के लिए व्यक्ति को दिए गए फ्लोटिंग रेट लोन पर कोई प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लग सकता। ये नियम 1 जनवरी 2026 या उसके बाद मंजूर या रिन्यू हुए लोन पर लागू है। फिक्स्ड रेट लोन में लेंडर की अपनी पॉलिसी चलती है, पर चार्ज पहले से बताना होता है।
दोनों तरह के लोन फिक्स्ड या फ्लोटिंग, कुछ भी हो सकते हैं। SBI का पर्सनल लोन उसके 2 साल के MCLR पर आधारित है, यानी फ्लोटिंग है। बैंक ऑफ बड़ौदा यूज्ड कार और पर्सनल, दोनों लोन फिक्स्ड और फ्लोटिंग में देता है। उसके फिक्स्ड रेट यूज्ड कार लोन में पहले दो साल में कुल ₹40,000 तक का पार्ट पेमेंट मुफ्त है। उस दौरान प्रीपेमेंट ₹40,000 से ज्यादा हो, या दो साल के अंदर लोन बंद करें, तो चार्ज भरी गई पूरी रकम पर 2% और GST लगता है, सिर्फ ₹40,000 से ऊपर वाले हिस्से पर नहीं। दो साल के बाद कोई चार्ज नहीं।
तो अगर राकेश ने वो फिक्स्ड लोन लिया हो और एक साल बाद ₹1 लाख बोनस डाले, तो चार्ज पूरे ₹1 लाख का 2% लगेगा: ₹2,000 और ₹360 GST, कुल ₹2,360। लोन को दो साल होने तक रुकें, या तब तक पार्ट पेमेंट ₹40,000 के अंदर रखें, तो ये चार्ज नहीं लगता। साइन से पहले पता हो तो बेहतर। प्रीपेमेंट का पूरा हिसाब EMI घटाएं या टेन्योर वाली पोस्ट में है।
जो भी लोन लें, Key Facts Statement (KFS) मांगिए। अक्टूबर 2024 से रेगुलेटेड लेंडर को रिटेल लोन के लिए ये देना जरूरी है, सारी फीस समेत APR के साथ, और KFS में न लिखी फीस बाद में आपकी मंजूरी के बिना नहीं ली जा सकती। दोनों KFS की APR वाली लाइन मिलाइए। सिर्फ हेडलाइन रेट क्यों गुमराह कर सकता है, ये फ्लैट vs रिड्यूसिंग रेट वाली पोस्ट में है।
कौन सा लोन कब ठीक
यूज्ड कार लोन आम तौर पर बेहतर सौदा है जब:
- फीस जोड़कर उसका रेट पर्सनल लोन के ऑफर से कम से कम एक पर्सेंट नीचे हो। ₹5 लाख, 4 साल पर ये ₹12,000 या ज्यादा बनता है।
- कार इतनी नई हो कि बैंक के उम्र वाले नियम में आपको चाहिए जितना टेन्योर मिल जाए।
- वैल्यूएशन आपके सौदे के दाम के करीब आए, ताकि जितना चाहिए उतना लोन मिल जाए।
- लोन खत्म होने तक कार रखने का इरादा हो।
पर्सनल लोन बेहतर पड़ सकता है जब:
- आपकी प्रोफाइल पर पर्सनल लोन का रेट यूज्ड कार लोन के करीब या नीचे आए। यानी बैंक में सैलरी अकाउंट, बड़ी या सरकारी नौकरी, अच्छा स्कोर और कम चल रही EMI।
- कार इतनी पुरानी हो कि कार लोन का टेन्योर बहुत छोटा हो जाए, या लोन-टू-वैल्यू बहुत कम।
- आप सीधे किसी से खरीद रहे हैं और बैंक उस पर लोन नहीं देता, या कागजी काम उलझता जा रहा है।
- दो-तीन साल में कार बेचनी या बदलनी पड़ सकती है और RC साफ चाहिए।
और कभी-कभी दोनों में से कोई नहीं। दोनों ऑफर 15% या उससे ऊपर आएं, तो सस्ती कार लेना, या अपना ज्यादा पैसा लगाकर छोटा लोन लेना, ज्यादा समझदारी है। बचत खाली किए बिना कितना पैसा खुद लगाएं, ये कार लोन या नकद वाली पोस्ट में गिना है। ₹5 लाख के कार लोन की दूसरे टेन्योर पर EMI ₹5 लाख कार लोन पेज पर देखिए, वहां नई कार के 9.5% रेट पर गिना है।
राकेश का वैल्यूएशन ₹6.2 लाख आया। उसका बैंक वैल्यूएशन के 85% और 10 साल में से उम्र घटाने वाले नियम पर चलता है, तो पूरे ₹5 लाख 4 साल के लिए 11.5% पर मिल गए। उसने कार लोन लिया, KFS में चेक किया कि रेट फ्लोटिंग है ताकि अगला बोनस बिना चार्ज के डाल सके, और ₹29,699 का फर्क अपनी जेब में रखा। RTO का बस एक चक्कर ज्यादा लगा।
उसकी पड़ोसन फरीदा, सरकारी स्कूल में टीचर, जिसका सैलरी अकाउंट उसी बैंक में है, उसी महीने ₹2.8 लाख में नौ साल पुरानी हैचबैक ले रही थी। ऊपर जैसे उम्र वाले नियमों में इतनी पुरानी कार को ज्यादा से ज्यादा एक साल का कार लोन मिलता है, और उसका पर्सनल लोन ऑफर 10.5% का था। उसने पर्सनल लोन लिया, और पैसा उसी दिन खाते में आ गया। वही बैंक, वही महीना, जवाब बिल्कुल उल्टे। इसीलिए दाम पर हाथ मिलाने से पहले दोनों ऑफर लिखित में मांगिए।
लोग अक्सर पूछते हैं
यूज्ड कार खरीदने के लिए कार लोन बेहतर है या पर्सनल लोन?
ज्यादातर यूज्ड कार लोन, क्योंकि वो कार के बदले मिलता है और रेट कम होता है। ₹5 लाख, 4 साल पर 11.5% के कार लोन का ब्याज और फीस मिलाकर ₹1,34,986 होता है, जबकि 14% के पर्सनल लोन का ₹1,64,685। आपकी प्रोफाइल पर पर्सनल लोन कार लोन के करीब रेट पर मिले, कार इतनी पुरानी हो कि कार लोन का टेन्योर छोटा पड़े, या दो-तीन साल में कार बेचनी हो, तो पर्सनल लोन बेहतर है।
₹5 लाख के यूज्ड कार लोन की 4 साल की EMI कितनी है?
11.5% पर EMI ₹13,045 और कुल ब्याज ₹1,26,136। 14% पर, जो बहुत लोगों को पर्सनल लोन में मिलने वाला रेट है, EMI ₹13,663 और ब्याज ₹1,55,835। इस लोन पर रेट का हर एक पर्सेंट चार साल में करीब ₹11,700 से ₹12,200 ब्याज बढ़ाता है।
यूज्ड कार लोन का रेट नई कार लोन से ज्यादा क्यों होता है?
बैंक पुरानी कार के बदले लोन देता है, जिसकी कीमत आंकना और दोबारा बेचना मुश्किल है। अक्टूबर 2026 में SBI के रेट पेज पर नई कार लोन 8.55% से 9.50% और सर्टिफाइड प्री-ओन्ड कार लोन 10.60% से 15.75% है, यानी उसी बैंक में यूज्ड कार करीब दो पर्सेंट ऊपर से शुरू होती है।
यूज्ड कार पर बैंक कितना लोन देता है?
आपके तय किए दाम पर नहीं, बैंक के अपने वैल्यूएशन का कुछ प्रतिशत। SBI वैल्यूएशन का 85% लिखता है। बैंक ऑफ बड़ौदा बाजार कीमत का 75%, सौदे की कीमत का 75% या IDV का 100%, इनमें से सबसे कम देता है। ₹6.2 लाख वैल्यूएशन वाली ₹6.5 लाख की कार पर 85% से ₹5,27,000 तक, पर 75% से सिर्फ ₹4,65,000 मिलते हैं।
क्या पुरानी यूज्ड कार पर कार लोन मिलता है?
कार की उम्र टेन्योर घटाती है। SBI 10 साल में से कार की उम्र घटाकर, ज्यादा से ज्यादा 5 साल देता है। बैंक ऑफ बड़ौदा में कार की उम्र और लोन का टेन्योर मिलाकर 96 महीने से ज्यादा नहीं हो सकता, तो करीब 66 महीने पुरानी कार को ज्यादा से ज्यादा 30 महीने मिलते हैं। पर्सनल लोन कार की उम्र देखता ही नहीं।
पर्सनल लोन से कार लूं तो क्या RC पर बैंक का नाम आएगा?
नहीं। पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड है, तो RC सिर्फ आपके नाम रहती है और आप कभी भी कार बेच सकते हैं। यूज्ड कार लोन में कार हाइपोथिकेट होती है, फॉर्म 34 से RC पर बैंक का नाम चढ़ता है, और लोन बंद होने के बाद उसे हटाने के लिए लेंडर की NOC और फॉर्म 35 चाहिए।
यह लेख आम जानकारी के लिए है, निवेश या टैक्स की सलाह के तौर पर नहीं। रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला लेने से पहले लेटेस्ट चेक कर लीजिए। कुछ पुराना लगे तो हमें बताइए। एडिटोरियल पॉलिसी · संपर्क