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पोस्ट ऑफिस FD ब्याज दर vs बैंक FD: ₹5 लाख 1, 3 और 5 साल के लिए

SBI 6.05% देता है तब पोस्ट ऑफिस 5 साल की डिपॉजिट पर 7.5% देता है। ₹5 लाख 1, 3 और 5 साल में हर जगह कितना कमाता है, पोस्ट ऑफिस का सालाना पेआउट फर्क का एक तिहाई क्यों खा जाता है, और टैक्स बचत, जल्दी निकासी और सुरक्षा के नियम।

एल्बम के पन्ने पर पोस्ट ऑफिस की इमारत वाली पुरानी उकेरी हुई डाक टिकट, 7.5% और ₹5 लाख पर 5 साल में ₹6,92,840 लिखा, सामने बैंक FD के ₹6,75,088
₹5 लाख 5 साल के लिए: पोस्ट ऑफिस TD 7.5% हर साल भुगतान, SBI FD 6.05% क्यूम्युलेटिव, तिमाही कंपाउंडिंग, अक्टूबर 2026 के रेट।

राजकोट में कालावड रोड की SBI ब्रांच में हेतल-बेन की पांच साल की FD पिछले हफ्ते मैच्योर हुई। ₹5 लाख, दो बार बिना सोचे रिन्यू की हुई। इस बार क्लर्क ने अगले पांच साल के लिए 6.05% बताया। सड़क के उस पार पोस्ट ऑफिस के बोर्ड पर उन्हीं पांच साल के लिए 7.5% लिखा था। वही पैसा, उनके मन में वही सुरक्षा, और करीब डेढ़ परसेंट का फर्क। हेतल-बेन चेक लेकर बाहर निकलीं और भतीजे से पूछा कि इसमें पेंच कहां है।

पेंच है। इस पोस्ट में पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (पोस्ट ऑफिस FD का सरकारी नाम) को SBI और HDFC बैंक के बगल में रखा है, ₹5 लाख पर 1, 3 और 5 साल के लिए: अभी के रेट, ब्याज कैसे मिलता है, टैक्स बचाने वाली FD, बीच में तोड़ने के नियम और हर जगह आपके पैसे की असली सुरक्षा क्या है।

अभी के रेट: पोस्ट ऑफिस vs SBI vs HDFC बैंक

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट चार तय अवधि में मिलती है: 1, 2, 3 और 5 साल। सरकार हर तिमाही इसका रेट तय करती है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए डाक विभाग के 30 सितंबर 2026 के ऑर्डर के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने छोटी बचत के सारे रेट जुलाई से सितंबर वाले ही रखे हैं। रेट खुद आखिरी बार जनवरी 2024 में बदले थे, जब 3 साल की डिपॉजिट 7% से 7.1% हुई, जैसा नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट स्कीम का गजट दर्ज करता है। बैंक के रेट तो बैंक जब चाहे बदल देता है।

अवधिपोस्ट ऑफिस TDSBIHDFC बैंक
1 साल6.9%6.25%6.25%
2 साल7.0%6.40%6.45%
3 साल7.1%6.30%6.45%
5 साल7.5%6.05%6.40%

आम ग्राहक के लिए, ₹3 करोड़ से नीचे, अक्टूबर 2026 के हिसाब से। पोस्ट ऑफिस के रेट इस तिमाही के रेट पर बिजनेस टुडे की 30 सितंबर 2026 की रिपोर्ट से। SBI के कार्ड रेट SBI के डिपॉजिट रेट पेज से (15 दिसंबर 2025 से लागू)। HDFC बैंक के रेट उसके FD ब्याज दर पेज से (19 अगस्त 2026 से लागू, 3 साल का आंकड़ा 2 साल 11 महीने से 3 साल वाले स्लैब का है, 5 साल का आंकड़ा 4 साल 7 महीने से 5 साल वाले स्लैब का)।

टेबल का आकार देखिए। पोस्ट ऑफिस में अवधि जितनी लंबी, रेट उतना ऊंचा। दोनों बैंकों में 5 साल का रेट 1 साल से नीचे है, क्योंकि बैंकों को लगता है कि रेट गिरने वाले हैं और वे पांच साल के लिए 6.4% लॉक नहीं करना चाहते। पोस्ट ऑफिस का रेट बाजार का नहीं, सरकार की नीति का फैसला है, और अभी वो नीति लंबी अवधि को फायदा देती है।

₹5 लाख 1, 3 और 5 साल के लिए: रुपयों में कितना

तीनों जगह ब्याज हर तीन महीने जुड़ता है, इसलिए 7.5% का रेट असल में साल का 7.71% कमाता है। हर रेट पर ₹5 लाख एक साल में कितना कमाता है, ये यहां है, FD कैलकुलेटर पर तिमाही कंपाउंडिंग के साथ निकाला हुआ।

डिपॉजिट कितने के लिएपोस्ट ऑफिस TDSBIHDFC बैंक
1 साल, पहले साल का ब्याज₹35,403, 6.9% पर₹31,990, 6.25% पर₹31,990, 6.25% पर
3 साल, पहले साल का ब्याज₹36,456, 7.1% पर₹32,252, 6.30% पर₹33,038, 6.45% पर
5 साल, पहले साल का ब्याज₹38,568, 7.5% पर₹30,943, 6.05% पर₹32,776, 6.40% पर

₹5 लाख, तिमाही कंपाउंडिंग, अक्टूबर 2026 के रेट। 5 साल की डिपॉजिट पर पोस्ट ऑफिस पहले साल में SBI से ₹7,625 और HDFC बैंक से ₹5,792 ज्यादा देता है।

अब पूरी अवधि, जैसे कैलकुलेटर दिखाता है, ब्याज मैच्योरिटी तक अंदर ही कंपाउंड होता रहे इस तरह।

कितने साल बादपोस्ट ऑफिस TD (पूरी अवधि कंपाउंड हो तो)SBI क्यूम्युलेटिव FDHDFC बैंक क्यूम्युलेटिव FD
1 साल₹5,35,403₹5,31,990₹5,31,990
3 साल₹6,17,538₹6,03,131₹6,05,809
5 साल₹7,24,974₹6,75,088₹6,86,822

₹5 लाख, तिमाही कंपाउंडिंग, वही रेट। 5 साल में पोस्ट ऑफिस वाला कॉलम SBI से ₹49,886 और HDFC बैंक से ₹38,152 आगे है। हर तुलना करने वाली साइट यही आंकड़ा दिखाती है। पर टाइम डिपॉजिट असल में ऐसे चलती नहीं है, और वही पेंच है।

बैंक की क्यूम्युलेटिव FD ब्याज को डिपॉजिट के अंदर ही रखती है, इसलिए दूसरे साल का ब्याज पहले साल के ब्याज पर भी मिलता है। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट ऐसा नहीं करती। स्कीम के नियम कहते हैं कि ब्याज हर तीन महीने जुड़ता है और हर साल के आखिर में खाताधारक को दे दिया जाता है। वो आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स खाते में जाता है, या देय रकम की तरह पड़ा रहता है, पर डिपॉजिट में जुड़ता नहीं। ₹5 लाख की TD पर पांचवें साल का ब्याज पहले साल जितना ही, ₹38,568, होता है।

तो 5 साल की TD असल में जो हाथ में देती है वो है 5 × ₹38,568, यानी ₹1,92,840 ब्याज, और मूलधन के साथ कुल ₹6,92,840। ₹7,24,974 नहीं। 3 साल की डिपॉजिट पर 3 × ₹36,456, यानी ₹1,09,369, जबकि क्यूम्युलेटिव हिसाब ₹1,17,538 दिखाता है।

₹5 लाख कितने सालपोस्ट ऑफिस TD, असल में जो मिलता हैSBI क्यूम्युलेटिव FDHDFC बैंक क्यूम्युलेटिव FD
3 साल₹6,09,369₹6,03,131₹6,05,809
5 साल₹6,92,840₹6,75,088₹6,86,822

मूलधन और ब्याज, हर साल के अंदर तिमाही कंपाउंडिंग, पोस्ट ऑफिस का ब्याज हर साल दिया जाता है और दोबारा नहीं लगता। अक्टूबर 2026 के रेट।

पोस्ट ऑफिस अब भी जीतता है, पर 5 साल का फर्क SBI के मुकाबले ₹49,886 से घटकर ₹17,752 और HDFC बैंक के मुकाबले ₹6,018 रह जाता है। ऊंचा रेट सच है, पर उसके फायदे का एक तिहाई इसलिए निकल जाता है कि ब्याज बेकार पड़ा रहता है।

ये लीक आप खुद बंद कर सकते हैं। हर साल सेविंग्स खाते में आने वाले ₹38,568 लेकर नई 1 साल या 5 साल की TD खोलिए, या पोस्ट ऑफिस RD में डालिए। हर साल उसी 7.5% पर करें तो आप वापस ₹7,24,974 के आंकड़े पर पहुंच जाते हैं। सेविंग्स खाते में 4% पर पड़ा रहे तो पहले साल का वो ब्याज एक साल में सिर्फ करीब ₹1,566 कमाता है। ऊंचे रेट की कीमत यही अनुशासन है। बैंक की क्यूम्युलेटिव FD ये दोबारा लगाने का काम आपके लिए करती है और इस सुविधा के बदले नीचा रेट देती है। क्यूम्युलेटिव vs नॉन-क्यूम्युलेटिव FD वाली पोस्ट में है कि पेआउट वाली FD हमेशा थोड़ी पीछे क्यों रहती है।

जिसे डिपॉजिट से साल की आमदनी चाहिए ही, जैसे रिटायर्ड माता-पिता जो ब्याज पूरे साल की दवाओं में लगाते हैं, उनके लिए ये पेंच है ही नहीं। तब पोस्ट ऑफिस सालाना पेआउट वाली डिपॉजिट पर 7.71% दे रहा है, जबकि बैंक 6.19% से 6.61% देते हैं।

दोनों में मिलने वाली 5 साल की टैक्स बचाने वाली FD

दोनों जगह ऐसी डिपॉजिट मिलती है जिसमें पुराने कानून की धारा 80C, इनकम टैक्स एक्ट 2025 में धारा 123, के तहत ₹1.5 लाख का डिडक्शन मिलता है। पोस्ट ऑफिस में वो सादी 5 साल की TD ही है। बैंक में वो बैंक टर्म डिपॉजिट स्कीम 2006 के तहत अलग प्रोडक्ट है। SBI के टैक्स सेविंग्स स्कीम पेज पर नियम हैं: कम से कम ₹1,000, साल में ज्यादा से ज्यादा ₹1.5 लाख, अवधि 5 से 10 साल, मृत्यु के अलावा 5 साल से पहले निकासी नहीं, और लॉक-इन के दौरान इसके बदले कोई loan या गिरवी नहीं। रेट बैंक का आम 5 साल वाला रेट।

₹1.5 लाख 5 साल के लिएपोस्ट ऑफिस 5 साल TD, 7.5%SBI टैक्स सेवर, 6.05%HDFC बैंक टैक्स सेवर, 6.40%
ब्याज, 5 साल कंपाउंड हो तो₹67,492₹52,526₹56,047
ब्याज, जैसे पोस्ट ऑफिस देता है, साल के ₹11,570₹57,852लागू नहींलागू नहीं
30% स्लैब में बचा टैक्स, पुरानी व्यवस्था₹46,800₹46,800₹46,800

तिमाही कंपाउंडिंग। बचा हुआ टैक्स वो फर्क है जो इनकम टैक्स कैलकुलेटर ₹15 लाख की सैलरी पर पुरानी व्यवस्था में ₹1.5 लाख के डिडक्शन के साथ और बिना दिखाता है: ₹2,57,400 का टैक्स ₹2,10,600 हो जाता है।

तीन बातें साफ रखिए। डिडक्शन सिर्फ पुरानी व्यवस्था में है। नई व्यवस्था में, जो अब डिफॉल्ट है, उन ₹15 लाख पर टैक्स ₹97,500 ही है, डिपॉजिट करें या न करें। डिडक्शन दोनों जगह वही ₹46,800 है, इसलिए रेट तय करता है, और 7.5% 6.05% और 6.40% को हरा देता है। और डिपॉजिट पर 80C का डिडक्शन ब्याज के लिए कुछ नहीं करता, ब्याज दोनों में आपके स्लैब पर पूरा टैक्सेबल है।

टैक्स और TDS: स्लैब एक, काउंटर दो

पोस्ट ऑफिस TD और बैंक FD का ब्याज एक ही तरह टैक्स होता है: आपकी आमदनी में जुड़ता है, आपके स्लैब पर टैक्स लगता है, हर साल जैसे-जैसे बनता है, भले आपने छुआ न हो। 30% स्लैब में 7.5% की डिपॉजिट टैक्स के बाद करीब 5.16% रखती है, और 6.05% वाली करीब 4.16%। दोनों का फर्क रुपयों में घटता है, पर क्रम कभी नहीं बदलता।

बैंक 10% TDS काटेगा जब उस बैंक से आपका ब्याज साल में ₹50,000 से ऊपर जाए (सीनियर सिटिजन के लिए ₹1 लाख)। आज के रेट पर ₹5 लाख की कोई एक डिपॉजिट ये सीमा पार नहीं करती, पर एक ही बैंक में ₹5 लाख की दो FD कर देंगी। आपकी आमदनी टैक्स की सीमा से नीचे है तो फॉर्म 121 भरिए, जो अप्रैल 2026 से 15G और 15H की जगह आया है। FD ब्याज पर टैक्स, TDS और फॉर्म 121 वाली पोस्ट में सारे नियम हैं, इसलिए यहां दोहराए नहीं।

पोस्ट ऑफिस में वही टैक्स कानून लागू है, पर याद दिलाने के लिए TDS पर भरोसा मत कीजिए। रिटर्न भरने से पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर अपना AIS देखिए, हर TD और हर बैंक का ब्याज जोड़िए, और खुद घोषित कीजिए। कुछ कटा हो या नहीं, ब्याज उतना ही टैक्सेबल है।

बीच में तोड़ना हो तो: पोस्ट ऑफिस की नियमावली vs बैंक की पेनल्टी

यहीं दोनों में सबसे बड़ा फर्क है, और पोस्ट ऑफिस ज्यादा सख्त है। स्कीम के पाठ के मुताबिक:

  • पहले 6 महीने में कुछ नहीं निकाला जा सकता।
  • 6 महीने से 1 साल के बीच सिर्फ पोस्ट ऑफिस सेविंग्स खाते का रेट, 4%, पूरे हुए महीनों के लिए मिलता है।
  • 2, 3 या 5 साल की डिपॉजिट पर 1 साल के बाद, जितना समय पूरा किया उसका TD रेट (1 साल, 2 साल या 3 साल का, जो लागू हो) माइनस 2 परसेंट, पूरे सालों के लिए तिमाही कंपाउंडिंग के साथ।
  • 5 साल की डिपॉजिट 4 साल बाद बंद करें तो सिर्फ सेविंग्स खाते का रेट, 4%, मिलता है, नवंबर 2023 के संशोधन के मुताबिक, जिसे Taxmann ने दर्ज किया है। पहले ये 3 साल का रेट था।
  • ऊंचे रेट पर पहले से दिया गया ब्याज आपको वापस मिलने वाली रकम से वसूला जाता है।

बैंक नरम हैं। SBI का पेनल्टी सर्कुलर ₹5 लाख तक की डिपॉजिट पर 0.5% और उससे ऊपर 1% लेता है, जो पैसा असल में जितने समय रहा उसके रेट पर या कॉन्ट्रैक्ट रेट पर, दोनों में जो नीचा हो उस पर लगता है। HDFC बैंक की FD शर्तें कहती हैं कि जल्दी निकासी पर बुकिंग की तारीख पर जो रेट लागू था उससे 1% नीचा रेट, जितने समय डिपॉजिट रही उसके लिए, मिलता है। 7 दिन के अंदर बंद करें तो दोनों में से कोई कुछ नहीं देता।

मान लीजिए आपने ₹5 लाख 5 साल के लिए रखे और ठीक 2 साल बाद पैसा चाहिए।

₹5 लाख, 5 साल की डिपॉजिट 2 साल में बंदआपको मिलने वाला रेट2 साल का ब्याज
पोस्ट ऑफिस TD2 साल का रेट 7.0% माइनस 2 = 5.0%₹50,945
SBI2 साल का कार्ड रेट 6.40% माइनस 0.5 = 5.90%₹62,137
HDFC बैंक2 साल का रेट 6.45% माइनस 1 = 5.45%₹57,171

तिमाही कंपाउंडिंग, अक्टूबर 2026 के रेट। पोस्ट ऑफिस का ब्याज हर साल दिया जाता है, बैंक का क्यूम्युलेटिव। पोस्ट ऑफिस की डिपॉजिट पूरे 5 साल चलती तो उन्हीं 2 सालों में ₹77,136 मिलते।

तो पोस्ट ऑफिस का ऊंचा रेट एक शर्त के साथ आता है: आपको सच में टिकना पड़ता है। अगर कोई सच्ची संभावना है कि ₹5 लाख एक-दो साल में चाहिए होंगे, तो बांट दीजिए। जिस हिस्से का भरोसा है वो 5 साल की TD में और बाकी 1 साल की डिपॉजिट में, पोस्ट ऑफिस या बैंक में, जहां बाहर निकलना सस्ता है।

सुरक्षा: DICGC के ₹5 लाख vs भारत सरकार

बैंक FD को डिपॉजिट बीमा की सुरक्षा है। DICGC की गाइड कहती है कि हर खाताधारक का हर बैंक में ₹5 लाख तक का बीमा है, मूलधन और ब्याज मिलाकर, उस बैंक में एक ही हैसियत से रखे सारे खाते जोड़कर। इसलिए ₹5 लाख की FD लाइन से जरा ऊपर है: मूलधन कवर है, उस पर का ब्याज नहीं। एक बैंक में ₹4.6 लाख और बाकी कहीं और हो तो पूरा कवर होता है। SBI या HDFC बैंक के लिए ये लगभग थ्योरी की बात है, पर कानूनी कवर ₹5 लाख ही है, उससे ज्यादा नहीं।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट का कोई बीमा नहीं है, क्योंकि उसे जरूरत नहीं। ये डिपॉजिट भारत सरकार की देनदारी है, वही सरकार जो रुपये के पीछे खड़ी है। कोई ऊपरी सीमा नहीं, कोई ब्रांच के हिसाब से कैप नहीं। ₹5 लाख हो या ₹50 लाख, पीछे की गारंटी वही है।

घर के फिक्स पैसे के लिए दोनों काफी सुरक्षित हैं। सीमा किनारे पर फर्क डालती है: 8% देने वाले कोऑपरेटिव बैंक या स्मॉल फाइनेंस बैंक में ₹5 लाख का बीमा ही पूरी कहानी है। बड़ी रकम एक ही जगह रखनी हो तो पोस्ट ऑफिस के पास ज्यादा साफ जवाब है।

सीनियर सिटिजन: पोस्ट ऑफिस TD में कुछ एक्स्ट्रा नहीं, पर SCSS है

बैंक सीनियर सिटिजन को करीब 0.5% ज्यादा देते हैं। SBI के पेज पर 5 साल का सीनियर रेट 7.05% है (इसमें We-care स्कीम का 0.5% शामिल है), और HDFC बैंक का 5 साल का सीनियर रेट 6.90%। ₹5 लाख पर साल में ये ₹36,193 और ₹35,403 ब्याज होता है।

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट में सीनियर सिटिजन रेट नहीं है। सबको 5 साल पर 7.5% मिलता है, जो साल के ₹38,568 के साथ दोनों सीनियर बैंक रेट को अब भी हरा देता है। पोस्ट ऑफिस के पास इसके बदले सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम है, 8.2% पर, जो ₹5 लाख पर हर तीन महीने ₹10,250 देती है, साल के ₹41,000, साधारण ब्याज के तौर पर, 5 साल की अवधि और ₹30 लाख की सीमा के साथ। सीनियर सिटिजन FD वाली पोस्ट में रिटायरमेंट के पैसे के लिए SCSS, बैंक FD और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम की तुलना है, इसलिए वो यहां दोहराई नहीं।

छोटी बातें जो रोज की जिंदगी में फैसला करवाती हैं

ध्यान रेट पर जाता है, पर लोग एक काउंटर छोड़कर दूसरा क्यों चुनते हैं, उसकी वजहें आमतौर पर ये होती हैं।

  • कम से कम रकम और रूप। पोस्ट ऑफिस TD ₹1,000 से शुरू होती है, ₹100 के गुणक में, एक खाते में एक ही डिपॉजिट, और सिर्फ चार अवधि। बैंक FD 15 महीने या किसी अजीब संख्या के दिनों की हो सकती है, उस सीजन में बैंक जो स्पेशल स्कीम चलाए वो, और बैंक अक्सर ऐसी ही अजीब अवधि पर सबसे अच्छा रेट देते हैं।
  • रिन्यू। मैच्योर हुई TD अर्जी देकर उसी अवधि के लिए मैच्योरिटी की तारीख के रेट पर बढ़ाई जा सकती है। बैंक FD आप मना न करें तो अपने आप रिन्यू हो जाती है, जो सुविधा भी है और वो तरीका भी जिससे लोगों के पास 6.05% की 5 साल की FD आ जाती है जो उन्होंने कभी चुनी नहीं थी।
  • ब्याज कब मिले। पोस्ट ऑफिस TD: साल में, कोई विकल्प नहीं। बैंक FD: महीने, तीन महीने या क्यूम्युलेटिव। घर की महीने की आमदनी के लिए बैंक आसान है।
  • डिपॉजिट के बदले loan। बैंक अपनी FD के बदले आसानी से, FD रेट से जरा ऊपर, loan देते हैं। सादी पोस्ट ऑफिस TD स्कीम के पैरा 9 के तहत जमानत के तौर पर गिरवी रखी जा सकती है, पर गिरवी का फॉर्म आप बैंक ले जाते हैं, पोस्टमास्टर के पास नहीं। बैंक की टैक्स सेवर FD बिल्कुल गिरवी नहीं रखी जा सकती।
  • खोलना और बंद करना। बैंक FD ऐप में खुलती और बंद होती है। पोस्ट ऑफिस में भी इंटरनेट बैंकिंग है, पर बहुत लोगों के लिए TD का मतलब अब भी एक चक्कर, एक फॉर्म और एक पासबुक है।

किसे क्या चुनना चाहिए

5 साल न छूने वाला पैसा, टैक्स-फ्री सीमा के नीचे हो या किसी भी स्लैब में: गारंटी वाली प्रोडक्ट में अभी पोस्ट ऑफिस की 5 साल की 7.5% वाली TD को हराना मुश्किल है। बस हर साल आने वाले ₹38,568 का क्या करना है, ये प्लान कर लीजिए, वरना फायदे का एक तिहाई वापस दे देंगे। हर साल का पेआउट संभालना ही न हो, तो NSC (5 साल, 7.7%) और KVP (7.5%, 115 महीने में पैसा डबल) ब्याज मैच्योरिटी तक अंदर ही रखते हैं। रुपयों में हिसाब NSC कैलकुलेटर और KVP कैलकुलेटर पर देख लीजिए।

1 से 2 साल में लग सकने वाला पैसा: पोस्ट ऑफिस की 1 साल की 6.9% वाली TD अब भी बैंकों के 6.25% को हराती है, और एक साल के बाद निकलने का कोई खर्च नहीं। एक साल से कम के लिए, प्लान बदले तो बैंक FD ज्यादा नरम है।

डिपॉजिट से महीने की आमदनी: महीने के पेआउट वाली बैंक FD, या रकम उसकी सीमा में बैठे तो 7.4% वाली पोस्ट ऑफिस MIS। TD का सालाना पेआउट महीने के बजट में फिट नहीं बैठता।

पुरानी व्यवस्था में 80C डिडक्शन: पोस्ट ऑफिस की 5 साल की TD, क्योंकि डिडक्शन एक जैसा है और रेट ऊंचा है। बैंक की टैक्स सेवर में बस एक चीज एक्स्ट्रा है: तय रेट पर 10 साल तक की अवधि।

एक जगह ₹5 लाख से ज्यादा: पोस्ट ऑफिस, या बैंक डिपॉजिट अलग-अलग बैंकों में बांटिए ताकि हर एक DICGC कवर के अंदर रहे।

जो सब कुछ फोन पर चलाता है: वो बैंक FD ही रखेगा और उसके लिए 1% से 1.5% देगा, जो ठीक सौदा है अगर दूसरा विकल्प पोस्ट ऑफिस तक कभी न पहुंचना हो।

हेतल-बेन ने ₹4 लाख 5 साल की TD में और ₹1 लाख 1 साल की TD में रखे, दोनों पोस्ट ऑफिस में, और अगले अक्टूबर में ब्याज दोबारा जमा करने का रिमाइंडर लगाया। उनका भतीजा अपनी FD HDFC बैंक में और SIP चालू रखता है। दोनों अपने-अपने पैसे और अपनी-अपनी जिंदगी के लिए सही हैं, और FD कैलकुलेटर इससे ज्यादा सच्चा जवाब दे ही नहीं सकता।

लोग अक्सर पूछते हैं

अभी पोस्ट ऑफिस FD की ब्याज दर कितनी है?

अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट 1 साल पर 6.9%, 2 साल पर 7.0%, 3 साल पर 7.1% और 5 साल पर 7.5% देती है, जनवरी 2024 से बिना बदले। ब्याज हर तीन महीने जुड़ता है और साल में एक बार दिया जाता है, इसलिए 7.5% असल में साल का 7.71% बैठता है, ₹5 लाख पर ₹38,568।

क्या पोस्ट ऑफिस FD बैंक FD से बेहतर है?

रेट में हां। पोस्ट ऑफिस की 5 साल की 7.5% वाली डिपॉजिट ₹5 लाख पर साल के ₹38,568 देती है, जबकि SBI के 6.05% पर ₹30,943 और HDFC बैंक के 6.40% पर ₹32,776। बैंक जल्दी तोड़ने में आसान है, चाहें तो महीने का ब्याज देता है, और ब्याज आपके लिए दोबारा लगाता है। पोस्ट ऑफिस ब्याज हर साल बाहर देता है और जल्दी बंद करने के नियम सख्त हैं।

पोस्ट ऑफिस FD में ₹5 लाख 5 साल बाद कितने होते हैं?

7.5% पर हर साल ₹38,568 ब्याज मिलता है, 5 साल में ₹1,92,840, यानी कुल ₹6,92,840। हर साल का ब्याज उसी रेट पर दोबारा जमा करें तो कंपाउंड होकर ₹7,24,974 हो जाता है। SBI की 6.05% वाली क्यूम्युलेटिव FD उन्हीं 5 साल में ₹6,75,088 और HDFC बैंक की 6.40% वाली FD ₹6,86,822 देती है।

क्या 5 साल की पोस्ट ऑफिस FD पर 80C का टैक्स फायदा मिलता है?

हां, 5 साल की टाइम डिपॉजिट पुराने कानून की धारा 80C (इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 123) के तहत ₹1.5 लाख के डिडक्शन के लायक है, सिर्फ पुरानी व्यवस्था में। 30% स्लैब में इससे ₹46,800 टैक्स बचता है। बैंक की टैक्स सेवर वही डिडक्शन नीचे रेट पर देती है, SBI में 6.05% और HDFC बैंक में 6.40%। ब्याज दोनों में पूरा टैक्सेबल है।

पोस्ट ऑफिस FD जल्दी तोड़ूं तो क्या होता है?

6 महीने तक कुछ नहीं निकाला जा सकता। 6 महीने से 1 साल के बीच सिर्फ 4% का सेविंग्स खाते का रेट मिलता है। 2, 3 या 5 साल की डिपॉजिट पर 1 साल के बाद, जितना समय पूरा किया उसका रेट माइनस 2 परसेंट मिलता है। ₹5 लाख 5 साल के लिए रखकर 2 साल में बंद करें तो ये 5.0%, यानी ₹50,945, जबकि SBI में 0.5% की पेनल्टी के साथ ₹62,137।

क्या पोस्ट ऑफिस FD बैंक FD से ज्यादा सुरक्षित है?

बैंक FD पर DICGC का हर बैंक में खाताधारक के हिसाब से ₹5 लाख का बीमा है, मूलधन और ब्याज मिलाकर, इसलिए ₹5 लाख की FD का ब्याज कवर से जरा बाहर रहता है। पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट भारत सरकार की देनदारी है, बिना किसी ऊपरी सीमा के। बड़े बैंकों के लिए दोनों व्यवहार में सुरक्षित हैं। एक जगह ₹5 लाख से ज्यादा के लिए पोस्ट ऑफिस के पास ज्यादा साफ जवाब है।

यह लेख आम जानकारी के लिए है, निवेश या टैक्स की सलाह के तौर पर नहीं। रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला लेने से पहले लेटेस्ट चेक कर लीजिए। कुछ पुराना लगे तो हमें बताइए। एडिटोरियल पॉलिसी · संपर्क