हेतल 27 साल की है, सूरत में एक डायमंड यूनिट के अकाउंट्स रूम में काम करती है, और महीने के ₹32,000 हाथ में आते हैं। अक्टूबर में उसने पहली SIP शुरू की, हर महीने की 5 तारीख को ₹5,000, और उसी शाम गूगल पर वही सवाल लिखा जो आधा देश लिखता है: "sip 5000 for 20 years kitna milega"। जवाब ₹38 लाख से लेकर ₹1 करोड़ से ऊपर तक के आए, इस पर निर्भर कि कौन क्या बेच रहा है।
वे सारे आंकड़े सही हो सकते हैं, क्योंकि हर किसी ने अलग रिटर्न और अलग साल माने हैं। इसलिए यहां सब कुछ एक जगह है: महीने ₹5,000 5, 10, 15, 20 और 25 साल में 10%, 12% और 14% पर कितना बनता है, ₹10,000 से क्या बनता है, और फिर वे तीन सवाल जो लोग छोड़ देते हैं। 2046 में उस पैसे से क्या खरीदा जा सकेगा, बेचते वक्त टैक्स कितना जाएगा, और हर साल थोड़ी बढ़ोतरी करने से आखिरी आंकड़ा कितना बदलता है। नीचे का हर रुपया SIP कैलकुलेटर से आया है, इसलिए आप कोई भी आंकड़ा बदलकर जांच सकते हैं।
SIP पहली बार कर रहे हैं? SIP क्या है, यूनिट और NAV कैसे चलते हैं और शुरू कैसे करें, ये सब SIP क्या है और कैसे शुरू करें में है।
महीने ₹5,000: 5 से 25 साल की पूरी टेबल
कैलकुलेटर मानता है कि हर ₹5,000 महीने की शुरुआत में जाता है, सालाना रेट को बारह से भाग देकर उतना हर महीने बढ़ता है, और आप कभी रोकते, छोड़ते या बढ़ाते नहीं। आंकड़े टैक्स से पहले के और बिना किसी एग्जिट लोड के हैं।
| साल | आपने डाले | 10% पर | 12% पर | 14% पर |
|---|---|---|---|---|
| 5 | ₹3,00,000 | ₹3,90,412 | ₹4,12,432 | ₹4,36,004 |
| 10 | ₹6,00,000 | ₹10,32,760 | ₹11,61,695 | ₹13,10,457 |
| 15 | ₹9,00,000 | ₹20,89,621 | ₹25,22,880 | ₹30,64,269 |
| 20 | ₹12,00,000 | ₹38,28,485 | ₹49,95,740 | ₹65,81,731 |
| 25 | ₹15,00,000 | ₹66,89,452 | ₹94,88,175 | ₹1,36,36,389 |
पहले 20 साल वाली लाइन देखिए, क्योंकि लोग वही खोजते हैं। 20 साल में 240 किस्तों में आप ₹12 लाख देते हैं। 12% पर वो करीब ₹49.96 लाख बनता है, यानी आखिरी रकम में से ₹37.96 लाख तो बढ़त है, आपने जो डाला उसका तीन गुना से ज्यादा। 10% पर ₹38.28 लाख, 14% पर ₹65.82 लाख। उसी ₹12 लाख पर 10% और 14% वाली कॉलम के बीच ₹27.53 लाख का फर्क है, इसीलिए आप कौन सा रेट मानते हैं, ये इस पूरे पेज में सबसे ज्यादा मायने रखता है।
अब 25 साल वाली लाइन देखिए। ₹5,000 के पांच साल और, यानी आपके ₹3 लाख और, 12% वाला आंकड़ा ₹49.96 लाख से ₹94.88 लाख पर ले जाते हैं। वे पांच अतिरिक्त साल करीब ₹45 लाख जोड़ते हैं। टेबल के ऊपर वाले पहले पांच साल ने ₹4.12 लाख जोड़े थे। वही किस्त, वही रेट, ग्यारह गुना नतीजा, सिर्फ इसलिए कि वे साल लाइन में कहां आते हैं।
महीने ₹10,000 से क्या बनता है
SIP सीधी लाइन में बढ़ती है। किस्त दोगुनी कीजिए तो हर आंकड़ा दोगुना, न ज्यादा, न कम। तो ये टेबल पहली टेबल का दो गुना ही है, लेकिन अलग से देखने लायक है, क्योंकि दो-तीन इंक्रीमेंट के बाद बहुत से नौकरीपेशा लोग ₹10,000 पर ही पहुंचते हैं।
| साल | आपने डाले | 10% पर | 12% पर | 14% पर |
|---|---|---|---|---|
| 5 | ₹6,00,000 | ₹7,80,824 | ₹8,24,864 | ₹8,72,007 |
| 10 | ₹12,00,000 | ₹20,65,520 | ₹23,23,391 | ₹26,20,914 |
| 15 | ₹18,00,000 | ₹41,79,243 | ₹50,45,760 | ₹61,28,538 |
| 20 | ₹24,00,000 | ₹76,56,969 | ₹99,91,479 | ₹1,31,63,463 |
| 25 | ₹30,00,000 | ₹1,33,78,903 | ₹1,89,76,351 | ₹2,72,72,777 |
सीधी लाइन में बढ़ती है, इसलिए इन दो टेबल से किसी भी रकम का हिसाब निकल आता है। महीने ₹3,000 यानी ₹5,000 वाली लाइन का 0.6 गुना, तो 20 साल में 12% पर करीब ₹29.97 लाख। ₹7,000 से ₹69.94 लाख। ₹2,000 से ₹19.98 लाख।
ज्यादा काम की तुलना दोनों टेबल के बीच की है। 25 साल के लिए ₹5,000 में आपके ₹15 लाख जाते हैं और ₹94.88 लाख मिलते हैं। 20 साल के लिए ₹10,000 में ₹24 लाख जाते हैं और ₹99.91 लाख मिलते हैं। आधे पैसे से पांच साल पहले शुरू करने पर लगभग वहीं पहुंचते हैं जहां देर से दोगुना पैसा डालकर। आप 25 के हैं और सिर्फ ₹5,000 ही हो पाता है, तो ₹10,000 की गुंजाइश बनने तक रुकने के बजाय अभी शुरू करने की यही दलील है।
पैसा कहां से आता है, साल दर साल
ऊपर वाली टेबल ये छुपाती है कि बढ़त कितनी एकतरफा है। ये रही ₹5,000 की SIP 12% पर, बीच-बीच में कुछ सालों पर जांची हुई।
| साल के अंत में | आपने डाले | वैल्यू | बढ़त | वैल्यू ÷ डाले |
|---|---|---|---|---|
| 1 | ₹60,000 | ₹64,047 | ₹4,047 | 1.07 |
| 5 | ₹3,00,000 | ₹4,12,432 | ₹1,12,432 | 1.37 |
| 10 | ₹6,00,000 | ₹11,61,695 | ₹5,61,695 | 1.94 |
| 15 | ₹9,00,000 | ₹25,22,880 | ₹16,22,880 | 2.80 |
| 20 | ₹12,00,000 | ₹49,95,740 | ₹37,95,740 | 4.16 |
| 25 | ₹15,00,000 | ₹94,88,175 | ₹79,88,175 | 6.33 |
पहले साल में SIP ₹4,047 कमाती है, एक किस्त से भी कम। दस साल बाद पैसा डबल भी नहीं हुआ है। फिर दौड़ शुरू होती है। अकेले 20वें साल में वैल्यू ₹6.19 लाख बढ़ती है, और उसमें से सिर्फ ₹60,000 उस साल की आपकी किस्तें हैं। बाकी ₹5.59 लाख बढ़त पर बढ़त है, एक ऐसे ढेर पर जो तब तक ₹43 लाख से ऊपर है।
लोग यहीं छोड़ देते हैं। कोई तीन साल बाद ऐप खोलता है, ₹1.80 लाख डाले के सामने ₹2.17 लाख देखता है और लगता है कि पूरा मामला धीमा है। धीमा है ही। शुरुआत में धीमा ही रहना है। SIP रिटर्न और XIRR वाली पोस्ट समझाती है कि शुरुआती सालों में लाल आंकड़े भी क्यों दिखते हैं, और उससे अगले पंद्रह सालों के बारे में कुछ क्यों नहीं कहा जा सकता।
10%, 12% या 14%: किस कॉलम पर भरोसा करें
कोई भी कॉलम वादा नहीं है। इक्विटी म्यूचुअल फंड शेयर रखते हैं, और शेयर बाजार के साथ ऊपर-नीचे होते हैं। एक फंड एक साल 25% दे सकता है और अगले साल 15% गंवा सकता है, और 20 साल का औसत ऐसी जगह बैठता है जो पहले से कोई नहीं बता सकता। कैलकुलेटर में आप जो रेट डालते हैं वो प्लानिंग की धारणा है, भविष्यवाणी नहीं।
फिर भी ये तीन कॉलम यूं ही नहीं हैं। बड़ी कंपनियों वाले और इंडेक्स जैसे इक्विटी फंड के लिए लंबे समय में 10% सावधानी वाला आंकड़ा है। 12% वो है जो ज्यादातर प्लानर और इस साइट के लेख बीच वाले केस के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। 14% उम्मीद वाली तरफ है और ज्यादातर मिड और स्मॉल कंपनी वाले फंड से आया है, जो गिरते भी ज्यादा जोर से हैं। पैसे का बड़ा हिस्सा डेट या हाइब्रिड फंड में हो तो सही कॉलम टेबल में है ही नहीं: 8% पर महीने ₹5,000 20 साल में करीब ₹29.65 लाख बनता है।
टेबल इस्तेमाल करने का समझदार तरीका: लक्ष्य 10% वाली कॉलम पर रखिए, 12% की उम्मीद रखिए, और उससे ऊपर जो आए उसे ऐसा बोनस मानिए जिस पर हिसाब न लगाएं। लक्ष्य सिर्फ 14% पर ही पूरा होता हो, तो प्लान पतला है और उसमें बड़ी किस्त या ज्यादा साल चाहिए।
ये दांव लगाने वाले आप अकेले नहीं हैं। सितंबर 2026 के हिसाब से AMFI का SIP डेटा बताता है कि एक ही महीने में SIP के जरिए ₹32,490 करोड़ आए, करीब 10.06 करोड़ चालू SIP खातों से। हेतल ने अभी जो फैसला लिया, वही हर महीने लेने वाले घर बहुत हैं।
एक बदलाव जो नतीजा लगभग दोगुना कर देता है
ऊपर की हर टेबल में किस्त 20 साल तक ₹5,000 पर ही टिकी है। किसी की सैलरी 20 साल तक टिकी नहीं रहती, तो किस्त भी नहीं रहनी चाहिए। उसे हर साल 10% बढ़ाइए, यानी दूसरे साल ₹500 ज्यादा, तीसरे साल ₹550 ज्यादा, और इसी तरह आगे, तो 12% पर 20 साल का आंकड़ा ₹49.96 लाख से करीब ₹99.44 लाख हो जाता है। आप कुल ₹12 लाख के बजाय ₹34.37 लाख डालते हैं, लेकिन अतिरिक्त रकम उन सालों में बंटी होती है जब आप ज्यादा कमा रहे होते हैं। हर साल सिर्फ 5% की बढ़ोतरी भी ₹19.84 लाख डालकर ₹68.69 लाख तक ले जाती है।
पूरा हिसाब, और जिस साल इंक्रीमेंट न आए तब क्या करें, ये सब स्टेप-अप SIP वाली पोस्ट में है। छोटा जवाब: ज्यादातर फंड हाउस चालू SIP रोके बिना सालाना टॉप-अप जोड़ने देते हैं, और ये करने का सबसे अच्छा दिन इंक्रीमेंट लेटर मिलने के अगले दिन है।
2046 में ₹49.96 लाख से असल में क्या खरीदा जा सकेगा
ये वो सवाल है जिसका जवाब ₹49.96 लाख वाली हेडलाइन कभी नहीं देती। MoSPI की CPI रिलीज (12 अक्टूबर 2026) के मुताबिक सितंबर 2026 में रिटेल महंगाई 5.54% थी, अगस्त के 4.83% से बढ़कर। 20 साल के प्लान के लिए सालाना 5% से 6% मानना आम है, और स्कूल फीस, किराया और अस्पताल के बिल अक्सर सरकारी आंकड़े से आगे दौड़ते हैं।
6% महंगाई पर आज जो ₹5,000 में मिलता है, वो 20 साल बाद करीब ₹16,036 में मिलेगा। इसलिए पूरी रकम को आज के पैसे में पढ़ना पड़ता है। ये पहली टेबल की 12% वाली कॉलम है, महंगाई निकालकर।
| साल | 12% पर वैल्यू | 5% महंगाई पर आज के रुपयों में | 6% महंगाई पर |
|---|---|---|---|
| 5 | ₹4,12,432 | ₹3,23,151 | ₹3,08,193 |
| 10 | ₹11,61,695 | ₹7,13,180 | ₹6,48,685 |
| 15 | ₹25,22,880 | ₹12,13,548 | ₹10,52,710 |
| 20 | ₹49,95,740 | ₹18,82,842 | ₹15,57,695 |
| 25 | ₹94,88,175 | ₹28,01,885 | ₹22,10,732 |
तो हेतल के 2046 के ₹49.96 लाख से लगभग उतना खरीदा जा सकेगा जितना आज ₹15.58 लाख से ₹18.83 लाख से। उसके डाले ₹12 लाख से कहीं ज्यादा, और कोई भी FD टैक्स के बाद जितना छोड़ती उससे कहीं ज्यादा, लेकिन रिटायरमेंट नहीं। उसे आज के ₹49.96 लाख जितनी खरीद-शक्ति चाहिए, तो 6% महंगाई पर 2046 में करीब ₹1.60 करोड़ चाहिए, यानी 12% पर महीने करीब ₹16,036 की फिक्स SIP। गौर कीजिए, ये वही आंकड़ा है जो ₹5,000 की महंगाई के बाद की कीमत है। ये इत्तेफाक नहीं है, फिक्स SIP के बजाय दामों के साथ बढ़ती SIP रखने की पूरी दलील यही है। लक्ष्य रिटायरमेंट हो तो रिटायरमेंट कैलकुलेटर महंगाई का ये कदम आपके लिए कर देता है।
आखिर में बेचें तब टैक्स
SIP जब तक चलती है तब तक कोई टैक्स नहीं और TDS भी नहीं, FD के उलट, जहां ब्याज पर हर साल टैक्स लगता है। टैक्स सिर्फ रिडीम करने पर, और सिर्फ मुनाफे पर। इनकम टैक्स एक्ट, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है, और इक्विटी फंड के लिए उसने वही रेट रखे हैं जो ज्यादातर लोग जानते हैं, अक्टूबर 2026 के हिसाब से:
- 12 महीने से ज्यादा रखे यूनिट: लॉन्ग टर्म मुनाफा, वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख से ऊपर के हिस्से पर 12.5% टैक्स (सेक्शन 198, पुराना सेक्शन 112A)।
- 12 महीने या उससे कम रखे यूनिट: शॉर्ट टर्म मुनाफा, 20% टैक्स (सेक्शन 196, पुराना सेक्शन 111A)।
- दोनों पर ऊपर से 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस।
SIP में एक पेच है: हर किस्त अपनी तारीख वाली अलग खरीद है। हेतल 20 साल बाद सब कुछ एक साथ बेचे, तो आखिरी 12 किस्तें एक साल से कम पुरानी हैं और शॉर्ट टर्म गिनी जाएंगी। 12% पर उसका बिल ये रहा।
- कुल वैल्यू ₹49,95,740, कुल मुनाफा ₹37,95,740।
- शॉर्ट टर्म हिस्सा (आखिरी 12 किस्तें): ₹60,000 डाले, कीमत ₹64,047, मुनाफा ₹4,047। 20% और सेस के साथ टैक्स: करीब ₹842।
- लॉन्ग टर्म मुनाफा: ₹37,91,693। ₹1.25 लाख की छूट घटाकर, 12.5% और सेस के साथ: करीब ₹4,76,670।
- कुल टैक्स करीब ₹4,77,512, यानी रकम का 9.6%। हाथ में: करीब ₹45,18,228।
दो बातें इसे हल्का करती हैं। ₹1.25 लाख की छूट हर वित्त वर्ष में मिलती है, इसलिए दो-तीन सालों में टुकड़ों में बेचें, या SWP से हर महीने पैसा निकालें, तो ये छूट एक से ज्यादा बार काम आती है। और SIP जितनी छोटी, बिल उतना छोटा: 5 साल का मुनाफा ₹1,12,432 छूट के अंदर है, तो एक वित्त वर्ष में बिना किसी और इक्विटी मुनाफे के बेचें तो कुछ नहीं लगता। 10 साल का मुनाफा ₹5,61,695 एक साथ बेचने पर करीब ₹56,770 देता है। टैक्स के नियम बदलते रहते हैं, इसलिए जिस साल रिडीम करें उस साल क्या लागू है, देख लीजिए।
हेतल का प्लान, 27 से 47
वापस सूरत। ₹5,000 यानी हेतल की ₹32,000 सैलरी का 15.6%, जो मजबूत शुरुआत है। उस पर खिंचाव डाले बिना सादी ₹5,000 की SIP को असली लक्ष्य के करीब कैसे ले जाया जाए, ये रहा।
- साल 1 से 3: इसे छूना नहीं। तीसरे साल के अंत तक उसने ₹1.80 लाख डाले होंगे और ऐप 12% पर करीब ₹2.17 लाख दिखाएगा, खराब साल हो तो कम। रोकना नहीं है, बस इतना ही करना है।
- हर इंक्रीमेंट पर: स्टेप-अप। हर साल 10% टॉप-अप से उसकी SIP 9वें साल में ₹10,000 पार करती है और 20 साल का आंकड़ा ₹49.96 लाख के बजाय ₹99.44 लाख की तरफ जाता है।
- दिवाली बोनस: एक बार का टॉप-अप। पहले साल ₹20,000 का बोनस लमसम डालिए, तो 12% पर 20वें साल तक करीब ₹1,92,926 बनता है। लमसम कैलकुलेटर बताता है कि कोई भी बोनस यूं ही छोड़ दें तो क्या होता है।
- 10वें साल में जिंदगी बीच में आ जाए तो। मान लीजिए होम लोन या घर के खर्च के लिए उसे 10 साल बाद SIP बंद करनी पड़े। बने हुए ₹11.62 लाख को 12% पर 10 साल और यूं ही छोड़ दें, तो करीब ₹36.08 लाख बनते हैं। SIP बंद करना और पैसा निकाल लेना, दोनों एक बात नहीं हैं।
- 47 पर: सब एक साथ नहीं बेचना। रिडेम्पशन को वित्त वर्षों में बांटिए, या SWP पर जाइए, ताकि ₹1.25 लाख की छूट एक से ज्यादा बार मिले।
उसका असली लक्ष्य "₹5,000 से जो बने वो" नहीं बल्कि ₹1 करोड़ हो, तो ₹1 करोड़ के लिए SIP वाली पोस्ट वो हिसाब उल्टा करती है: 12% पर 20 साल के लिए महीने करीब ₹10,009 फिक्स, या स्टेप-अप के साथ ₹5,000।
चार बातें जो टेबल नहीं दिखातीं
रास्ता सीधी लाइन नहीं है। कैलकुलेटर हर महीने 12% बराबर लगाता है। असली फंड ऐसा नहीं करते। 20 साल में दो-तीन ऐसे दौर आएंगे जब वैल्यू ऊपर से 20% से 30% नीचे जाएगी और ऐप में आपके ₹12 लाख डाले हुए से कम दिखेंगे। टेबल का आखिरी आंकड़ा मानता है कि उन दौरों में भी आप डालते रहे। इतिहास में उन्हीं महीनों में सबसे ज्यादा यूनिट मिले हैं, और तब रुकना SIP करने वाले की सबसे महंगी गलती है। AMFI के आंकड़े इसका आकार बताते हैं: अकेले सितंबर 2026 में 49.68 लाख SIP बंद हुईं या उनकी अवधि पूरी हुई।
SIP की तारीख से खास फर्क नहीं पड़ता। 1, 5, 15 या 25 तारीख, 20 साल में ये फर्क नगण्य है। सैलरी आने के ठीक बाद की तारीख रखिए ताकि मैंडेट कभी बाउंस न हो।
खर्च रेट के अंदर ही है। फंड का रिटर्न एक्सपेंस रेशियो घटाकर बताया जाता है, तो 12% का मतलब आपको 12%। लेकिन रेगुलर प्लान का एक्सपेंस रेशियो उसी फंड के डायरेक्ट प्लान से ज्यादा होता है, आमतौर पर सालाना 0.5% से 1%, और 20 साल में वो फर्क 12% वाली कॉलम और यहां न दिखने वाली 11% वाली कॉलम के बीच का फर्क है।
₹5,000 शुरुआत है, प्लान नहीं। 27 की उम्र में ज्यादातर लोग जितना कर पाते हैं, ये उससे ज्यादा है, और इंतजार करने से बेहतर है। लेकिन 6% महंगाई पर फिक्स ₹5,000 बीसवें साल की किस्त के वक्त आज के करीब ₹1,559 के बराबर ही रह जाता है। तय कीजिए पैसा किसलिए है, लक्ष्य भविष्य के रुपयों में नापिए, और किस्त को सैलरी के साथ बढ़ने दीजिए। फिर ये टेबल छत नहीं, फर्श बन जाती है।
लोग अक्सर पूछते हैं
₹5,000 की SIP 20 साल में कितनी बनेगी?
240 महीनों में आप ₹12 लाख डालते हैं। सालाना 12% मानकर ये करीब ₹49.96 लाख बनती है, 10% पर ₹38.28 लाख और 14% पर ₹65.82 लाख। ये टैक्स से पहले के आंकड़े हैं, और इक्विटी का रिटर्न गारंटी वाला नहीं होता।
महीने ₹5,000 की SIP 10 साल में कितनी होती है?
डाले गए ₹6 लाख 12% पर करीब ₹11.62 लाख बनते हैं, 10% पर ₹10.33 लाख और 14% पर ₹13.10 लाख। 10 साल में पैसा अभी डबल भी नहीं होता, क्योंकि कंपाउंडिंग का ज्यादातर काम बाद के सालों में होता है।
₹10,000 की SIP 20 साल में कितनी देती है?
₹5,000 के आंकड़ों का ठीक दोगुना: 12% पर करीब ₹99.91 लाख, 10% पर ₹76.57 लाख और 14% पर ₹1.32 करोड़, ₹24 लाख डालकर। SIP सीधी लाइन में बढ़ती है, इसलिए ₹5,000 की टेबल से किसी भी रकम का हिसाब निकाला जा सकता है।
25 साल के लिए ₹5,000 बेहतर है या 20 साल के लिए ₹10,000?
दोनों लगभग एक जगह पहुंचते हैं। 25 साल के लिए ₹5,000 में ₹15 लाख जाते हैं और 12% पर करीब ₹94.88 लाख मिलते हैं। 20 साल के लिए ₹10,000 में ₹24 लाख जाते हैं और ₹99.91 लाख मिलते हैं। आधे पैसे से पांच साल पहले शुरू करना, देर से दोगुना पैसा डालने के बराबर बैठता है।
20 साल की महंगाई के बाद ₹49.96 लाख की कीमत कितनी रहेगी?
6% महंगाई पर उससे उतना खरीदा जा सकेगा जितना आज करीब ₹15.58 लाख से, 5% पर करीब ₹18.83 लाख से। सितंबर 2026 में रिटेल महंगाई 5.54% थी। आज के ₹49.96 लाख जितनी खरीद-शक्ति रखनी हो तो करीब ₹1.60 करोड़ चाहिए, यानी 12% पर महीने करीब ₹16,036 की SIP।
₹5,000 की SIP 20 साल बाद बेचने पर टैक्स कितना लगेगा?
इक्विटी फंड में 12 महीने से ज्यादा रखे यूनिट के मुनाफे पर साल में ₹1.25 लाख से ऊपर 12.5% टैक्स, शॉर्ट टर्म मुनाफे पर 20%, ऊपर से 4% सेस। ₹49.96 लाख एक साथ बेचें, मुनाफा ₹37.96 लाख, तो करीब ₹4.78 लाख टैक्स और ₹45.18 लाख हाथ में। अलग-अलग सालों में बेचें तो ₹1.25 लाख की छूट बार-बार मिलती है।
यह लेख आम जानकारी के लिए है, निवेश या टैक्स की सलाह के तौर पर नहीं। रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला लेने से पहले लेटेस्ट चेक कर लीजिए। कुछ पुराना लगे तो हमें बताइए। एडिटोरियल पॉलिसी · संपर्क