"₹1 करोड़" वो नंबर है जो लगभग हर किसी के दिमाग में बैठा है। ऑफिस का वो साथी जो कहता है "फंड एक करोड़ पार कर जाए, फिर रिटायर", या YouTube का वो थंबनेल जो ₹5,000 महीने से करोड़पति बनाने का वादा करता है। नंबर बड़ा लगता है, और ज्यादातर सैलरी वाले लोगों के लिए आज भी ये लंबे समय का अच्छा लक्ष्य है। असली सवाल ये है कि हर महीने कितना डालना पड़ेगा, कितने साल तक, और वहां पहुंचने पर उस करोड़ में असल में क्या आएगा।
नीचे 10, 15, 20, 25 और 30 साल के लिए, सालाना 10% और 12% मानकर, स्टेप-अप के साथ और बिना, महीने की असली रकम दी है। फिर वो हिस्सा जो कम मजेदार है: महंगाई, टैक्स, और रिटर्न उम्मीद से कम आया तो क्या होगा। और आखिर में, 28 साल के एक इंसान का पूरा प्लान, साल-दर-साल हिसाब के साथ।
सीधा जवाब: ₹1 करोड़ के लिए हर महीने कितनी SIP
हमारे SIP कैलकुलेटर पर ₹1 करोड़ तक पहुंचाने वाली सबसे छोटी मंथली SIP ये है, हर महीने एक जैसी रकम, कोई बढ़ोतरी नहीं। रिटर्न इक्विटी म्यूचुअल फंड के लिए अनुमान हैं, वादा नहीं।
| समय | 10% सालाना पर SIP | 12% सालाना पर SIP | आप कुल डालेंगे (12% पर) |
|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹48,414 | ₹43,041 | ₹51.6 लाख |
| 15 साल | ₹23,928 | ₹19,819 | ₹35.7 लाख |
| 20 साल | ₹13,060 | ₹10,009 | ₹24 लाख |
| 25 साल | ₹7,475 | ₹5,270 | ₹15.8 लाख |
| 30 साल | ₹4,388 | ₹2,833 | ₹10.2 लाख |
पैटर्न साफ दिखता है। 10 की जगह 20 साल लें तो महीने की रकम चौथाई से भी कम रह जाती है, करीब ₹43,000 से करीब ₹10,000। 20 की जगह 30 साल लें तो फिर घटकर ₹3,000 से नीचे। यहां रकम से कहीं ज्यादा काम समय करता है।
तो हां, ₹5,000 महीना भी ₹1 करोड़ बन सकता है। पर 12% पर इसमें 25 साल से थोड़ा ज्यादा लगता है, और 10% पर तो 25 साल में भी काफी कम पड़ता है। YouTube थंबनेल का ईमानदार वर्जन यही है।
हिसाब कैसे बनता है, और आखिरी साल सबसे अहम क्यों
कैलकुलेटर मानता है कि हर किस्त महीने की शुरुआत में जाती है और हर महीने कंपाउंड होती है, सालाना दर को 12 से भाग देकर। यानी 12% सालाना को 1% महीना माना जाता है। फिर हर किस्त आखिर तक बढ़ती रहती है। पहली किस्त को 20 साल की कंपाउंडिंग मिलती है, आखिरी को एक महीने की।
इसीलिए SIP सालों तक धीमी लगती है और फिर अचानक रफ्तार पकड़ती है। देखिए, ₹10,009 महीना, 12% पर, 20 साल।
| साल के आखिर में | आपने कुल डाले | वैल्यू |
|---|---|---|
| 5 | ₹6,00,540 | ₹8,25,606 |
| 10 | ₹12,01,080 | ₹23,25,482 |
| 15 | ₹18,01,620 | ₹50,50,301 |
| 20 | ₹24,02,160 | ₹1,00,00,472 |
दस साल बाद आप सिर्फ ₹23 लाख पर होते हैं, और बहुत लोग यहीं हिम्मत हार जाते हैं। फिर आखिरी पांच साल अकेले करीब ₹49.5 लाख जोड़ देते हैं। आधा करोड़ प्लान के आखिरी चौथाई हिस्से में बनता है।
इससे दो बातें निकलती हैं। पहली, देर करना महंगा है। वही ₹10,009 पांच साल देर से शुरू करें तो आखिर में ₹1 करोड़ नहीं, ₹50.5 लाख बनते हैं। पांच साल कम, आधा पैसा। दूसरी, सबसे ज्यादा रिस्क आखिरी सालों में है, क्योंकि तभी सबसे ज्यादा पैसा बाजार में होता है।
10% या 12%: किस रिटर्न से प्लान करें?
लंबे दौर में भारत के डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड ने अक्सर सालाना करीब 10–12% दिया है। ये पुराना रिकॉर्ड है, वादा नहीं, और ऐसे पांच-पांच साल के दौर भी आए हैं जब रिटर्न इससे काफी कम रहा।
दोनों अनुमानों का फर्क दिखने से ज्यादा बड़ा है। वही ₹10,009 महीना, 20 साल:
- 12% पर: ₹1,00,00,472
- 11% पर: ₹87,43,593
- 10% पर: ₹76,63,860
रिटर्न दो परसेंट कम आया तो आप ₹23 लाख से ज्यादा पीछे रह जाते हैं। सिर्फ एक परसेंट कम, जो कोई महंगा प्लान या एक खराब दौर आराम से कर देता है, उसमें भी करीब ₹12.6 लाख कम। खर्च आपके हाथ में है: उसी फंड के डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेशियो आमतौर पर रेगुलर प्लान से कम होता है, तो डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए निवेश करते हैं तो जान लीजिए कि सर्विस के लिए कितना दे रहे हैं।
हमारी राय: प्लान 10% से कीजिए, उम्मीद 12% की रखिए। 10% मानकर SIP तय की और बाजार ने ज्यादा दिया, तो करोड़ जल्दी आ जाएगा। 12% मानकर तय की और 10% मिला, तो पता 18वें साल में चलेगा, जब सुधारने का समय ही नहीं बचेगा। "मेरे फंड ने पिछले साल 22% दिया" सोचकर 15% से प्लान करना यानी किस्मत के भरोसे प्लान करना।
स्टेप-अप के साथ: छोटी शुरुआत, हर साल बढ़ोतरी
बीस-पच्चीस की उम्र में ज्यादातर लोग ₹13,000 या ₹20,000 महीने से शुरू नहीं कर पाते। पर सैलरी तो बढ़ती है। स्टेप-अप SIP में साल में एक बार महीने की रकम तय परसेंट से बढ़ जाती है, और कई AMC और इन्वेस्टमेंट ऐप SIP रजिस्टर करते समय ही "टॉप-अप" का ऑप्शन देते हैं। हर साल 10% बढ़ाएं तो ₹1 करोड़ के लिए शुरुआत में कितनी SIP चाहिए, ये देखिए।
| समय | शुरुआत (10% रिटर्न) | शुरुआत (12% रिटर्न) | आखिरी साल की SIP (12%) | कुल डाले (12%) |
|---|---|---|---|---|
| 10 साल | ₹32,832 | ₹29,636 | ₹69,880 | ₹56.7 लाख |
| 15 साल | ₹13,445 | ₹11,516 | ₹43,732 | ₹43.9 लाख |
| 20 साल | ₹6,194 | ₹5,028 | ₹30,751 | ₹34.6 लाख |
| 25 साल | ₹3,044 | ₹2,339 | ₹23,039 | ₹27.6 लाख |
12% पर 20 साल के लक्ष्य के लिए स्टेप-अप से ₹10,000 की जगह करीब ₹5,000 से शुरुआत हो जाती है। शर्त ये कि कुल मिलाकर आपका अपना पैसा ज्यादा जाता है (एक जैसी SIP के ₹24 लाख के मुकाबले ₹34.6 लाख), क्योंकि बड़ा हिस्सा देर से जाता है और उसे बढ़ने का समय कम मिलता है। ज्यादातर लोगों के लिए ये सौदा ठीक है, क्योंकि SIP में 10% की बढ़ोतरी आमतौर पर असली इंक्रीमेंट से छोटी होती है।
हल्का 5% स्टेप-अप भी काम आता है। 12% पर 20 साल के लिए ₹7,280 से शुरू कीजिए और आखिर में करीब ₹18,400 महीने तक पहुंचिए। इस पर ज्यादा डिटेल स्टेप-अप SIP वाली पोस्ट में है।
असलियत देखिए: ₹1 करोड़ की कीमत कितनी रहेगी
"₹1 करोड़" वाले ज्यादातर वीडियो ये हिस्सा छोड़ देते हैं। 20 साल बाद का करोड़ आज का करोड़ नहीं है।
MoSPI की CPI रिलीज के मुताबिक अगस्त 2026 में खुदरा महंगाई 4.82% थी, और RBI का अनुमान इस साल के लिए 5% से थोड़ा ऊपर है। लंबे प्लान के लिए ज्यादातर लोग 5–6% मानते हैं। स्कूल फीस, किराया और अस्पताल के बिल जोड़ें तो आपके घर की अपनी महंगाई अक्सर सरकारी आंकड़े से ज्यादा होती है।
| ₹1 करोड़ मिलने का समय | आज के रुपयों में कीमत, 5% पर | 6% पर |
|---|---|---|
| 10 साल बाद | ₹61.4 लाख | ₹55.8 लाख |
| 15 साल बाद | ₹48.1 लाख | ₹41.7 लाख |
| 20 साल बाद | ₹37.7 लाख | ₹31.2 लाख |
| 25 साल बाद | ₹29.5 लाख | ₹23.3 लाख |
| 30 साल बाद | ₹23.1 लाख | ₹17.4 लाख |
मतलब 25 साल का कोई युवा ₹2,833 की SIP से 55 की उम्र तक ₹1 करोड़ जोड़ ले, तो उसके पास आज के करीब ₹17–23 लाख जितनी खरीदने की ताकत होगी। काम का पैसा, पर रिटायरमेंट के लिए काफी नहीं।
उल्टा करके देखिए। 20 साल बाद आपको आज के ₹1 करोड़ जितनी खरीदने की ताकत चाहिए, तो 6% महंगाई पर तब करीब ₹3.21 करोड़ चाहिए। 12% पर इसका मतलब है करीब ₹32,099 महीने की एक जैसी SIP, या 10% सालाना स्टेप-अप के साथ ₹16,126 से शुरुआत। ₹10,009 से बिल्कुल अलग नंबर।
करोड़ अब भी अच्छा लक्ष्य है। बस तय कीजिए कि पैसा किसलिए है (रिटायरमेंट, बच्चे का कॉलेज, घर), और लक्ष्य भविष्य के रुपयों में नापिए। रिटायरमेंट कैलकुलेटर महंगाई का ये हिसाब आपके लिए कर देता है।
पहले से कुछ बचत है? उसे भी गिनिए
बहुत लोग ऐसे प्लान करते हैं जैसे जीरो से शुरू कर रहे हों। मान लीजिए आपके पास ₹5 लाख हैं जो आज इक्विटी फंड में डालकर 20 साल तक छुए बिना रख सकते हैं। 12% मानकर लमसम कैलकुलेटर दिखाता है कि ये करीब ₹48.2 लाख बन जाते हैं। फिर SIP से सिर्फ करीब ₹51.8 लाख चाहिए, यानी ₹10,009 की जगह ₹5,182 महीना।
असल में, आज एकमुश्त करीब ₹10.4 लाख की रकम डालें तो 12% पर 20 साल में वो अकेले ₹1 करोड़ तक पहुंच जाती है, क्योंकि इस दर पर इतने समय में पैसा करीब 9.65 गुना होता है। हां, बड़ी एकमुश्त रकम में टाइमिंग का रिस्क है। बोनस हाथ में है और सोच रहे हैं कि सब एक साथ लगाएं या नहीं, तो बोनस के लिए लमसम या SIP पढ़िए।
टैक्स: करोड़ में से हाथ में कितना बचेगा
इक्विटी म्यूचुअल फंड पर टैक्स सिर्फ बेचने पर लगता है। 12 महीने से ज्यादा रखी यूनिट लॉन्ग-टर्म मानी जाती है, और टैक्स साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के गेन पर 12.5% टैक्स लगता है (इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 का सेक्शन 198)। 12 महीने या उससे कम रखी तो शॉर्ट-टर्म, 20% टैक्स। ऊपर से 4% सेस। SIP में हर किस्त का अपना होल्डिंग पीरियड होता है, इसलिए सब एक साथ बेचें तो आखिरी बारह किस्तें शॉर्ट-टर्म ही गिनी जाती हैं।
उदाहरण। ₹10,009 महीना, 20 साल, 12% पर ₹1,00,00,472 बनते हैं। आपने ₹24,02,160 डाले, यानी गेन करीब ₹75.98 लाख। सब एक साथ बेचें तो: आखिरी साल की किस्तों का शॉर्ट-टर्म गेन ₹8,101, उस पर 20.8% यानी करीब ₹1,685। करीब ₹75.9 लाख के लॉन्ग-टर्म गेन में से ₹1.25 लाख की छूट घटाकर 13% टैक्स, यानी करीब ₹9.7 लाख। कुल टैक्स करीब ₹9.72 लाख। हाथ में: करीब ₹90.3 लाख।
ज्यादा बचाने के दो तरीके। जरूरत न हो तो सब एक ही साल में मत बेचिए। पैसा रिटायरमेंट के लिए है तो वैसे भी आप कई सालों में थोड़ा-थोड़ा निकालेंगे, और हर टैक्स साल को ₹1.25 लाख की अपनी छूट मिलती है। SWP (हर महीने तय रकम निकालना) ये अपने आप कर देता है। और आखिरी दौर में बिक्री दो-तीन टैक्स साल में बांट दें तो छूट एक से ज्यादा बार मिलती है।
पिछले कुछ सालों में टैक्स के नियम कई बार बदले हैं, इसलिए बेचते समय जो नियम लागू हों वो चेक कर लीजिए।
SIP कहां काम आती है, और कहां धोखा दे सकती है
फायदे
- छोटी शुरुआत। एकमुश्त रकम की जरूरत नहीं। ₹2,000–5,000 महीने से शुरू हो जाता है।
- ऑटो-डेबिट का अनुशासन। सैलरी आने के कुछ दिन बाद पैसा कट जाता है, आपके खर्च करने से पहले।
- एवरेजिंग। भाव गिरें तो उसी SIP में ज्यादा यूनिट आती हैं। टाइमिंग की टेंशन नहीं।
- फ्लेक्सिबल। बिना किसी पेनल्टी के रोक सकते हैं, बढ़ा-घटा सकते हैं या बंद कर सकते हैं (एग्जिट लोड अलग बात है)।
- टैक्स सिर्फ बेचने पर, और ऊंचे स्लैब वाले ज्यादातर सैलरी वालों के लिए FD के ब्याज से कम दर पर। नंबर हमारी SIP vs FD तुलना में हैं।
नुकसान और रिस्क
- कोई गारंटी वाला नंबर नहीं। इस पोस्ट का हर आंकड़ा अनुमान है। इक्विटी फंड SEBI के रिस्कोमीटर पर "Very High" में होते हैं, और रिस्कोमीटर हर महीने चेक होता है।
- आखिर में आई गिरावट सबसे ज्यादा चोट करती है। हमारे 20 साल के उदाहरण में 19वें साल के बाद करीब ₹87.6 लाख होते हैं। तब 30% गिरावट आए तो करीब ₹61 लाख बचते हैं, और संभलने का समय लगभग नहीं होता। इसीलिए लक्ष्य करीब आने पर पैसा सुरक्षित जगह खिसकाया जाता है।
- महंगाई लक्ष्य को खा जाती है। ऊपर की टेबल के हिसाब से 20–30 साल बाद के करोड़ में उतना नहीं आता जितना सुनने में लगता है।
- हमारा अपना बर्ताव। बुरे सालों में भी चलाते रहें तभी प्लान काम करता है। गिरावट में बंद की गई SIP अक्सर गिरावट से ज्यादा नुकसान कर देती है, क्योंकि बाजार गिर रहा हो तभी हर किस्त में सबसे ज्यादा यूनिट आती हैं। पैसे की सच में तंगी हो तो कुछ समय के लिए रोकिए, और जितनी जल्दी हो सके फिर शुरू कीजिए।
25, 35 और 45 की उम्र में करोड़ कितने का पड़ता है
- 20 से 30 की उम्र में: समय आपके साथ है। करीब ₹3,000 महीना, 10% स्टेप-अप के साथ, 10% रिटर्न पर भी 25 साल में करोड़ तक पहुंच जाता है। पर करोड़ पर रुकिए मत। महंगाई देखते हुए आपका रिटायरमेंट का नंबर शायद इससे कई गुना होगा।
- 30 से 35 के आसपास, 20 साल बाकी: करीब ₹13,000 एक जैसी (10% पर), या 10% स्टेप-अप के साथ करीब ₹6,200। अभी इतना न हो पाए तो जितना हो सके उससे शुरू कीजिए और हर अप्रेजल के बाद जोर से स्टेप-अप कीजिए।
- 40 के बाद, 10–15 साल बाकी: महीने की रकम ₹20,000–48,000 तक पहुंच जाती है। जो एकमुश्त रकम पहले से है उसे लगाइए, साथ में स्टेप-अप रखिए, और मान लीजिए कि शायद थोड़ा ज्यादा समय या थोड़ा छोटा लक्ष्य रखना पड़े।
- तय तारीख वाला लक्ष्य (18 की उम्र में बच्चे का कॉलेज): आखिरी दो-तीन साल में पैसा इक्विटी से धीरे-धीरे निकालने का प्लान रखिए, ताकि आखिरी वक्त की गिरावट सब न बिगाड़ दे। इसलिए SIP थोड़ी बड़ी रखनी पड़ती है।
- बाजार का रिस्क चाहिए ही नहीं? 7.1% पर PPF (टैक्स-फ्री) सुरक्षित रास्ता है, पर लिमिट साल में ₹1.5 लाख की है। पूरी रकम डालें तब भी PPF कैलकुलेटर के हिसाब से 15 साल में करीब ₹40.7 लाख और 20 साल में ₹66.6 लाख बनते हैं। करोड़ पार करने में एक्सटेंशन के साथ करीब 25 साल लगते हैं।
एक प्लान शुरू से आखिर तक: 28 की उम्र, 48 तक ₹1 करोड़
मान लीजिए कोई 28 साल का है, टैक्स और PF कटने के बाद महीने के करीब ₹65,000 हाथ में आते हैं, किराए पर रहता है, और PF के अलावा अभी कोई निवेश नहीं है। लक्ष्य: 48 की उम्र तक ₹1 करोड़। पहली किस्त जाने से पहले कुछ महीनों का खर्च सेविंग्स अकाउंट या FD में पड़ा होना चाहिए, ताकि नौकरी चली जाए या अस्पताल का बिल आ जाए तो खराब साल में फंड बेचना न पड़े।
₹10,009 महीने की एक जैसी SIP मतलब हाथ में आने वाली सैलरी का करीब 15%। हो सकता है, पर खिंचाव रहेगा, और करोड़ तभी बनेगा जब बाजार 12% दे। स्टेप-अप वाली टेबल में ₹5,028 से शुरू करके हर साल 10% बढ़ाने का रास्ता है। पहले साल में ये काफी आसान है, पर ये भी 12% मानकर ही तय हुआ है। रिटर्न 12% की जगह 10% आए तो हर शुरुआत का क्या होता है, ये देखिए।
| 20 साल का प्लान | रिटर्न 12% आए तो | रिटर्न 10% आए तो |
|---|---|---|
| ₹10,009 एक जैसी | ₹1.00 करोड़ | ₹76.6 लाख |
| ₹5,028, हर साल 10% बढ़ोतरी | ₹1.00 करोड़ | ₹81.2 लाख |
| ₹6,200, हर साल 10% बढ़ोतरी | ₹1.23 करोड़ | ₹1.00 करोड़ |
पहली दो लाइनें सिर्फ अच्छे केस में करोड़ तक पहुंचती हैं। 10% पर ये ₹19–23 लाख कम पड़ती हैं, और पता 46-47 की उम्र में चलता है। ₹5,028 वाला प्लान दो साल और चलाएं तो 10% पर भी 50 की उम्र तक करीब ₹1.09 करोड़ बन जाता है। पर वो जुगाड़ है, प्लान नहीं।
इसलिए इस इंसान के लिए हम तीसरी लाइन चुनेंगे। ₹6,200 से शुरू कीजिए, जो हाथ में आने वाली सैलरी का करीब 9.5% है, और जिस महीने बढ़ी हुई सैलरी पहली बार खाते में आए, उसी महीने SIP 10% बढ़ा दीजिए। सैलरी भी साल में करीब 10% बढ़े, तो SIP पूरे समय सैलरी का लगभग उतना ही हिस्सा रहती है, और इसी वजह से ऐसा प्लान टिक पाता है। आखिरी साल की किस्त ₹37,919 है। आज ये बड़ी लगती है, पर तब ये करीब छह गुना सैलरी में से जाएगी। 20 साल में ये इंसान अपने ₹42.6 लाख डालता है। किसी दौर में इंक्रीमेंट 5–7% ही आए, तो उन सालों में स्टेप-अप कम कर दीजिए, पर बेस SIP चालू रखिए।
बीच के साल निराश करेंगे, ये मानकर ही चलिए। 38 की उम्र में, ₹11.9 लाख डालने के बाद, 10% पर खाते में करीब ₹18.9 लाख दिखते हैं। आधा समय निकल गया और लक्ष्य का पांचवां हिस्सा भी नहीं। 45 तक करीब ₹63.5 लाख होते हैं, और आखिरी तीन साल बाकी ₹36.6 लाख जोड़ देते हैं। पैसा किसी तय तारीख पर चाहिए तो 45 के आसपास से कुछ हिस्सा डेट फंड या FD में खिसकाना शुरू कीजिए, ये मानकर कि वो हिस्सा फिर थोड़ा धीरे बढ़ेगा।
इसे चलाना आसान है। डायरेक्ट प्लान में एक-दो डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड काफी हैं। एक जैसी बड़ी कंपनियां रखने वाले आठ फंड से सुरक्षा नहीं बढ़ती। साल में एक बार देखिए, और XIRR से नापिए (कैसे, ये SIP रिटर्न कैसे पढ़ें में समझाया है), उस दिन की वैल्यू देखकर नहीं जिस दिन बाजार खबरों में हो।
और आखिरी सच्ची बात। 6% महंगाई पर 48 की उम्र में मिले ₹1 करोड़ में आज के करीब ₹31.2 लाख जितना ही आता है। ये पड़ाव है, मंजिल नहीं। यही SIP, इसी 10% स्टेप-अप के साथ, 58 तक चलती रहे तो 10% पर भी करीब ₹3.98 करोड़ बन जाती है। रिटायरमेंट के असली नंबर के ये कहीं ज्यादा करीब है। तो करोड़ को 48 का पड़ाव मानिए, और ऑटो-डेबिट उसके बाद भी चलने दीजिए।
लोग अक्सर पूछते हैं
10 साल में ₹1 करोड़ के लिए कितनी SIP चाहिए?
12% सालाना मानें तो करीब ₹43,041 महीना, या 10% पर ₹48,414, हर महीने एक जैसी रकम। 10% सालाना स्टेप-अप रखें तो करीब ₹29,636 (12%) से शुरुआत हो सकती है। इक्विटी के लिए दस साल छोटा समय है, इसलिए हो सके तो 10% वाला आंकड़ा पकड़कर चलिए।
20 साल में ₹1 करोड़ के लिए कितनी SIP चाहिए?
12% पर करीब ₹10,009 महीना या 10% पर ₹13,060। हर साल SIP 10% बढ़ाएं तो शुरुआत करीब ₹5,028 (12%) या ₹6,194 (10%) से हो जाती है। ये अनुमान हैं, इक्विटी का रिटर्न गारंटी वाला नहीं है।
क्या ₹5,000 महीने की SIP ₹1 करोड़ बन सकती है?
हां, पर समय लगता है। 12% मानें तो 25 साल के लिए ₹5,270 महीना चाहिए, यानी ₹5,000 में 25 साल से थोड़ा ज्यादा लगेगा। 10% पर 25 साल के लिए ₹7,475 चाहिए। ₹5,000 की SIP 10% सालाना स्टेप-अप के साथ 12% पर 20 साल में करीब ₹1 करोड़ बनती है।
20 साल बाद ₹1 करोड़ की कीमत कितनी होगी?
6% महंगाई पर 20 साल बाद मिलने वाले ₹1 करोड़ में आज के करीब ₹31.2 लाख जितना आएगा। 5% महंगाई पर करीब ₹37.7 लाख। 20 साल बाद आज के ₹1 करोड़ जितनी खरीदने की ताकत चाहिए तो 6% महंगाई पर तब करीब ₹3.21 करोड़ चाहिए।
₹1 करोड़ के SIP फंड पर कितना टैक्स लगेगा?
12 महीने से ज्यादा रखे इक्विटी फंड के गेन पर साल में ₹1.25 लाख से ऊपर 12.5% टैक्स, ऊपर से 4% सेस। ₹10,009 महीना, 20 साल, 12% पर सब एक साथ बेचें तो करीब ₹9.72 लाख टैक्स लगता है और हाथ में करीब ₹90.3 लाख बचते हैं। निकासी कई टैक्स साल में बांटें तो टैक्स घटता है।
SIP के लिए 10% रिटर्न मानें या 12%?
प्लान 10% से कीजिए और 12% को अच्छा केस मानिए। फर्क बड़ा है: ₹10,009 महीना, 20 साल, 12% पर करीब ₹1 करोड़ बनता है पर 10% पर सिर्फ करीब ₹76.6 लाख। कम दर पर SIP तय करें तो बाजार निराश करे तब कम चोट लगती है।
यह लेख Gainly टीम ने आम जानकारी के लिए लिखा है, निवेश या टैक्स की सलाह के तौर पर नहीं. रेट और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए फैसला लेने से पहले लेटेस्ट चेक कर लीजिए. कुछ पुराना लगे तो हमें बताइए. संपर्क