FOIR: lender आपको 5 साल की तरफ क्यों धकेल सकता है
lender FOIR देखते हैं, यानी आपकी हाथ में आने वाली सैलरी का कितना हिस्सा सारी EMI में जाता है। कई lender इसे करीब 50% के अंदर चाहते हैं, कुछ 40% के आसपास। 3 साल की ₹49,108 वाली EMI के साथ गुरप्रीत की कुल EMI ₹67,108 होती है, यानी सैलरी का करीब 48%। 5 साल की ₹32,614 वाली EMI के साथ कुल ₹50,614 होती है, करीब 36%, जो दोनों सीमाओं में आ जाती है।
दर credit score से तय होती है। 750 या उससे ज़्यादा score पर आमतौर पर बेहतर quote मिलते हैं, जबकि देर से भुगतान या कम समय में कई लोन के आवेदन score गिराते हैं। अप्लाई करने से पहले अपनी report देख लें। 11% की जगह 12% दर मिले तो 5 साल की EMI ₹33,367 हो जाती है और ब्याज ₹45,182 बढ़ जाता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
15 lakh personal loan की 3 साल की EMI कितनी होगी?
11% पर हर महीने ₹49,108 आती है। ब्याज ₹2,67,891 और कुल ₹17,67,891 बनता है। 5 साल के मुकाबले ₹1,88,927 बचते हैं, अगर आपकी आमदनी और मौजूदा EMI इसकी इजाज़त दें।
₹15 लाख पर 4 साल की EMI कितनी है?
11% पर 4 साल की EMI ₹38,768 और ब्याज ₹3,60,878 है। car EMI जोड़कर गुरप्रीत की कुल EMI ₹56,768 होगी, यानी सैलरी का करीब 40.5%, सख्त सीमा के बिल्कुल पास।
क्या EMI कम करने के लिए 7 साल लेना ठीक है?
11% पर 7 साल में EMI ₹25,684 आती है, पर ब्याज ₹6,57,427 बनता है, जो लोन का 43.83% है। यह 5 साल से ₹2,00,609 ज़्यादा है। इसे तभी लें जब छोटी tenure lender की जांच में पास न हो।
क्या पुराने लोन की वजह से नया लोन कम मिलेगा?
हां। जो EMI आप पहले से भर रहे हैं, वो FOIR में गिनी जाती है। ₹1,40,000 का 50% यानी ₹70,000 गुरप्रीत की सारी EMI की सीमा है। ₹18,000 की car EMI के बाद ₹52,000 बचते हैं, इसलिए 5 साल की ₹32,614 वाली EMI आराम से फिट होती है।