असली बढ़त आखिरी सालों में होती है
देखिए बढ़त कैसे बंटी हुई है। पहले 10 साल में ₹1 लाख पर करीब ₹2,10,585 का रिटर्न बनता है। लेकिन 15वें से 20वें साल के बीच रकम ₹5,47,357 से ₹9,64,629 हो जाती है, यानी सिर्फ पांच साल में ₹4,17,272 की बढ़त। ये पूरे पहले दशक की कमाई से लगभग दोगुनी है।
मतलब एक बार के निवेश का सबसे बड़ा फायदा पैसे को न छेड़ने में है। 10 साल पर पैसा निकाल लिया, तो compounding जहां सच में रफ्तार पकड़ती है, वही हिस्सा छूट जाता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
₹1 लाख 5 साल में कितना बनेगा?
12% सालाना रिटर्न मानें तो ₹1 लाख 5 साल में करीब ₹1,76,234 बन सकता है, यानी लगभग ₹76,234 का रिटर्न। इतने कम समय में बाज़ार का असली रिटर्न 12% से काफी ज़्यादा या कम भी हो सकता है।
₹1 लाख को ₹5 लाख बनने में कितना समय लगेगा?
12% सालाना रिटर्न पर 15 साल के अंदर। 10 साल पर रकम करीब ₹3,10,585 होती है और 15 साल पर ₹5,47,357। असली रिटर्न बदलता रहता है, इसलिए इसे सिर्फ अंदाज़ा मानें।
20 साल बाद ₹1 लाख कितना होगा?
12% सालाना रिटर्न पर करीब ₹9,64,629, यानी आपके पैसे का 9.65 गुना। इसमें लगभग ₹8,64,629 रिटर्न है। ये तभी, जब आप पूरे समय निवेश बनाए रखें और औसत रिटर्न सच में 12% रहे।
क्या ₹1 लाख एक साथ लगाना जोखिम भरा है?
कम समय के लिए हां। निवेश के तुरंत बाद बाज़ार गिरा तो कुछ समय रकम ₹1 लाख से नीचे रह सकती है। 10 साल में 12% पर उदाहरण ₹3,10,585 दिखाता है, पर गारंटी नहीं है। 3 साल में चाहिए पैसा कहीं और रखना बेहतर है।